Saturday, September 9, 2023

Morocco Earthquake: मोरक्को में भूकंप ने मचाई भयंकर तबाही, मारे गए लोगों की संख्या 2000 के पार, सैकड़ों घर जमींदोज



मोरक्को में 8 सितंबर की रात को आए 6.8 तीव्रता के भूकंप (Morocco Earthquake) ने इस अफ्रीकी देश में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. इस प्राकृतिक आपदा के बाद मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अब तक 2000 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. भूकंप आने के 48 घंटे बाद भी राहत एवं बचाव कार्य जारी है. मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है. हजारों घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

मोरक्को में शुक्रवार देर रात आए भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 2000 के पार चला गया है। भूकंप के चलते मोरक्को में भारी नुकसान हुआ है, जिससे उबरने में मोरक्को को लंबा समय लगेगा। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार, मोरक्को में 6.8 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया। इस भूकंप का केंद्र माराकेश से 72 किलोमीटर दूर दक्षिण पश्चिम में था। मोरक्को सरकार ने बताया कि भूकंप में अभी तक 2012 लोगों की मौत हुई है और 2059 लोग घायल हैं। इनमें से 1404 लोगों की हालत गंभीर है। ऐसे में माना जा रहा है कि मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। 



अभी तक डरे हुए हैं लोग 
लोगों ने बताया कि मोरक्को के कासाब्लांका और राबत शहरों में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि वह लोग सो रहे थे, जब अचानक से उन्होंने दरवाजे बजने की आवाजें सुनीं। वह इससे घबरा गईं और तुरंत घर से बाहर निकल गईं। बताया जा रहा है कि बीते 120 सालों में यह उत्तर अफ्रीकी देश मोरक्को का सबसे तेज भूकंप था। 

तारोदांत राज्य के अल हौज में भूकंप का केंद्र था और वहीं पर सबसे ज्यादा लोगों की जान गई है। इसके अलावा क्वारजाते, चिचौआ, अजिलाल और यूसुफिया प्रांत के साथ ही माराकेश और अगादिर में भी लोगों की जान गई है। एक व्यक्ति ने बताया कि जैसे ही भूकंप आया, वैसे ही असहनीय चीख-पुकार मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे और भगदड़ सी मच गई। उस व्यक्ति ने बताया कि लोग अभी भी डरे हुए हैं और सड़कों पर सो रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी कई फुटेज वायरल हो रही हैं, जिनमें लोग बदहवास इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं। 

भूकंप के बाद प्रभावित इलाकों में लोग अभी भी सदमे में हैं। मोरक्को की सरकार ने बताया कि संसाधनों को इकट्ठा कर प्रभावित इलाकों में मदद भेजी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वह रक्तदान करें। सेना ने फील्ड अस्पताल बनाकर लोगों का इलाज शुरू कर दिया है। मोरक्को में भूकंप से भारी नुकसान हुआ है लेकिन अभी तक इसका आकलन किया जा रहा है।

विदेशी नेताओं ने जताया दुख
विदेशी नेताओं ने भी मोरक्को में मारे गए लोगों के प्रति संवेदनाएं जाहिर की हैं। पीएम मोदी ने शनिवार को जी20 बैठक के दौरान ही मोरक्को के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की थी। अब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी बयान जारी कर कहा है कि वह मोरक्को में भूकंप से हुए जान-माल के नुकसान से दुखी हैं और उन्होंने मोरक्को की सरकार को हरसंभव मदद की बात कही है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी दुख व्यक्त किया है। पोप फ्रांसिस ने भी अपनी संवेदनाएं जाहिर की हैं। बता दें कि अल्जीरिया में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि वहां किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। 

Sunday, September 3, 2023

Chandrayaan-3:आराम पर प्रज्ञान, मिशन पर सूर्ययान, पढ़ें- 'सोने' से पहले चंद्रयान-3 ने क्या जानकारियां दीं

 


शिवशक्ति प्वाइंट पर रोवर और लैंडर दोनों के बीच 100 मीटर का फासला है. प्रज्ञान रोवर पर लगे दोनों पेलोड APXS और LIBS बंद कर दिए गए हैं. इन पेलोड ने जो डाटा जमा किया था, वो लैंडर के जरिए हम तक पहुंच गया है. एक ओर जहां भारत का चंद्रयान मिशन पूरा हुआ. वहीं भारत का एक और ऐसा मिशन शुरू हो गया, जिसको दुनिया ने हैरत के साथ देखा. भारत का आदित्य-L1 स्पेसक्राफ्ट सूर्य और पृथ्वी के बीच मौजूद L1 पॉइंट के 125 दिन के लंबे सफर के लिए निकल पड़ा है.

10 दिन तक चांद से जुड़े रहस्य सुलझाने की कोशिशों के बाद आखिर हमारा प्रज्ञान रोवर गहरी नींद में सो गया. चांद पर अब एक लंबी रात है और माइनस 200 के तापमान में प्रज्ञान रोवर और विक्रम लैंडर का काम करना मुमकिन नहीं है, लेकिन स्लीप मोड में जाने से पहले रोवर और लैंडर ने कई ऐसी जानकारियां हमें दे दी हैं, जिनसे मानवता का भला हो सकता है.

14 जुलाई को भारत ने अपना मिशन चंद्रयान-3 लॉन्च किया था. 40 दिन का सफर पूरा करने के बाद 23 अगस्त को चंद्रयान चांद के साउथ पोल पर उतरा और भारत एक झटके में उन विकसित देशों की कतार में शुमार हो गया, जिन्होंने चांद पर अपने मिशन उतारने में कामयाबी हासिल की थी. 

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