Thursday, June 20, 2024

NEET Exam : नीट परीक्षा रद्द कराने लायक खेल हुआ है बिहार में? तेजस्वी यादव से क्यों जुड़ा तार; जानें हर जवाब


नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने फरवरी में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कराई थी। पांच मई को परीक्षा हुई। रिजल्ट में नंबरों से लेकर ग्रेस मार्क्स तक का बवाल खूब हुआ। कई न्यायालयों के साथ सुप्रीम कोर्ट तक बात गई और अब भी केस चल ही रहा है। इस बीच राजनीतिक दलों में भी उठापटक हो रही है। लेकिन, चौंका रहा है बिहार। परीक्षा के दिन से पूरे खेल पर नजर के बावजूद अब भी यहीं मामला फंसा है। इसके साथ ही चौंका रहा है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जिला और पूर्व उप मुख्यमंत्री व बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का नाम। आगे पढ़ें, हर सवाल का जवाब...

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सबसे पहला सवाल, बिहार में अभी क्यों मचा है बवाल? 
बिहार में नीट परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक का फायदा उठाने वाला एक अभ्यर्थी अपनी मां के साथ नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के गेस्ट हाउस में ठहरा था। एनएचएआई के गेस्ट हाउस की देखरेख बिहार सरकार का पथ निर्माण विभाग करता है। पथ निर्माण विभाग में इस अभ्यर्थी को बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आप्त सचिव प्रीतम कुमार ने ठहराया था। प्रीतम के मोबाइल नंबर से एक मई को पथ निर्माण विभाग के एक कर्मी प्रदीप कुमार को कॉल आया था। इसमें सिकंदर कुमार यादवेंदु के लिए कमरा बुक कराने को कहा गया। प्रदीप ने उस दिन तो कमरा बुक नहीं किया, लेकिन फिर चार मई को सुबह में प्रीतम के नंबर (7488061813) से दोबारा कॉल आया। इस बार भी सिकंदर कुमार यादवेंदु के लिए कमरा बुक कराने कहा गया। इस बार प्रदीप ने गेस्ट हाउस बुकिंग के लिए कनीय अभियंता को उसने मैसेज कर दिया। इस कमरे में सिकंदर कुमार यादवेंदु का रिश्तेदार और नीट का अभ्यर्थी अनुराग यादव अपनी मां के साथ यहां ठहरा था। बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गेस्ट हाउस बुकिंग में शामिल रहे पथ निर्माण विभाग के तीन कर्मियों को निलंबित करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है, क्योंकि उन्होंने इस विभाग के पूर्व मंत्री तेजस्वी यादव के आप्त सचिव के कॉल पर और तेजस्वी यादव को ‘मंत्रीजी’ के रूप में चिह्नित करते हुए कमरा बुक किया था।

सिर्फ अभ्यर्थी के ठहरने पर ही मचा है हंगामा?
अभ्यर्थी अनुराग यादव के लिए कमरा बुक कराते समय सिकंदर कुमार यादवेंदु के नाम का जिक्र आया है और नीट परीक्षा 2024 के पेपर लीक में इस शख्स को सरगना के रूप में गिरफ्तार किया जा चुका है। ठेकेदार से बिहार सरकार में जूनियर इंजीनियर बने सिकंदर यादव की संलिप्ता नीट पेपर लीक में न केवल सामने आयी है, बल्कि अबतक गिरफ्तार अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने लिखित तौर पर उसकी भूमिका भी बताई है।

सिकंदर की गिरफ्तारी कितनी महत्वपूर्ण है?
पांच मई को जब परीक्षा हो रही थी, तब केंद्रीय एजेंसी के इनपुट पर देशभर में छापेमारी हो रही थी। ऐसी ही एक छापेमारी बिहार में भी हुई। पटना में बिहार पुलिस के पास यह जानकारी आई थी कि एक डस्टर गाड़ी से नीट परीक्षा के कदाचार हो रहा है। इस गाड़ी पर ‘दानापुर नगर प्रशासन’ का प्लेट लगा हुआ था। इस गाड़ी के साथ बिहार सरकार में जूनियर इंजीनियर सिकंदर कुमार यादवेंदु को 5 मई को ही दोपहर करीब दो बजे पकड़ा गया था। इस गाड़ी में उस समय यादवेंदु के अलावा ड्राइवर और एक नीट अभ्यर्थी के पिता को बैठा हुआ पाया गया था। सिकंदर के पास मिली एक कॉपी में नीट परीक्षा के कुछ अभ्यर्थियों का नंबर था। पूछताछ में उसने बताया कि वह उसके रिश्तेदार अभ्यर्थियों का है। इसमें से एक अभ्यर्थी आयुष को बिहार पुलिस ने परीक्षा खत्म होते ही पटना के एक स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र से पकड़ा। शाम करीब 5:20 में जब उसे पकड़ा गया तो उसने कबूल लिया- “सिकंदर अंकल ने रात में पटना के खेमनीचक में उसे और कुछ अभ्यर्थियों को ठहराया था। वहीं प्रश्नपत्र में दिया उत्तर रटाया गया, जो नीट के पेपर में आया था।”

सिर्फ पूछताछ ही हुई या कुछ प्रमाण भी मिला?
सिकंदर से आयुष तक पहुंचने के बाद पुलिस खेमनीचक में उस जगह तक भी पहुंची। यहां कोविड के दौरान बंद पड़ चुके लर्न एंड प्ले स्कूल में चार तारीख की रात इन्हें उत्तर रटाए गए थे। इसकी बिल्डिंग के छत पर जले हुए कागज मिले। यह और कुछ नहीं, बल्कि नीट के प्रश्नपत्र थे। इसके साथ ही सिकंदर यादवेंदु की निशानदेही पर कुल 13 लोगों को पकड़ा गया। इसमें उसका साथ देने वाले छह परीक्षा माफिया, चार परीक्षार्थी और तीन अभिभावक थे। अभिभावकों में एक सिकंदर की सलहज थी, जो अपने बेटे नीट अभ्यर्थी अनुराग यादव के साथ एनएचएआई के गेस्ट हाउस में ठहरी थी।

जले हुए प्रश्नपत्र ही थे, यह कैसे प्रमाणित होगा?
माफिया की निशानदेही पर जिन अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी हुई, उन्होंने बयान और पुनर्बयान में स्वीकार किया है कि उन्हें प्रश्नों के उत्तर रटाए गए थे और वही परीक्षा में सवाल भी आए। प्रश्नपत्र के जले हिस्से भी मिल गए। लेकिन, इससे प्रमाणित होना मुश्किल होता। लेकिन बिहार पुलिस से जब यह मामला आर्थिक अपराध इकाई के पास आया तो उसने जलने से बचे टुकड़ों को जोड़कर प्रश्नपत्रों में से 74 प्रश्न निकाले। इसके साथ ही प्रश्न का एक बुकलेट नंबर भी। 10 मई को आर्थिक अपराध इकाई ने यह केस हाथ में लिया और उसके बाद 21 मई से अबतक तीन बार उसने इस बुकलेट नंबर के मिलान के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से सारे प्रश्न बुकलेट की मांग की, लेकिन उसे अबतक यह नहीं मिला है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी असहयोग कर रहा है?
परीक्षा लेने की जिम्मेदारी एनटीए की थी और जब लीक प्रश्नों के टुकड़े के साथ बुकलेट की जानकारी आर्थिक अपराध इकाई बिहार के पास है तो सभी बुकलेट नहीं भेजना असहयोग ही माना जाएगा। सहयोग के नाम पर एनटीए ने इतना ही किया कि इस पेपर लीक का लाभ उठाने वाले 11 अभ्यर्थियों के मिलान में आर्थिक अपराध इकाई को उनसे जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई है। 

सीएम नीतीश कुमार के नालंदा का जिक्र क्यों आ रहा?
कांग्रेस के नंबर वन नेता राहुल गांधी नीट परीक्षा में पेपर लीक को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया है। इधर, भाजपा परीक्षा माफिया के तेजस्वी यादव से संबंध को लेकर हमलावर है। तीसरी बात राजद की ओर से निकल कर आ रही है। राजद नेताओं का कहना है कि इस परीक्षा के भी ज्यादातर माफिया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा से हैं। दरअसल, सिकंदर यादवेंदु तो समस्तीपुर के बिथान का है, लेकिन इस केस का अहम किरदार संजीव मुखिया फरार है। वह नालंदा का है। इस रैकेट में शामिल और गिरफ्तार रॉकी, पिंटू, चिंटू भी नालंदा के हैं। एक और गिरफ्तार माफिया नीतीश गया का रहने वाला है, जिसने गिरफ्तारी से पहले मोबाइल फॉर्मेट कर जांच को बाधित करने में पूरी ताकत झोंक दी।

क्या हो सकता है और किस हालत में?
अगर एनटीए ने प्रश्नपत्र का बुकलेट दे दिया और उस बुकलेट का मिलान आर्थिक अपराध इकाई बिहार जले हुए कागजातों में मिले बुकलेट से कर लेती है तो सिर्फ औपचारिकता बचेगी नीट परीक्षा के पेपर लीक की पुष्टि में। इस एक आधार पर परीक्षा को रद्द करना पड़ जाएगा, क्योंकि बाकी प्रमाण और बयान उपलब्ध हैं।

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