Monday, October 28, 2024

भारत-चीन कैसे बने बड़ी आर्थिक ताकत, जीडीपी; प्रति व्यक्ति आय और निर्यात में ड्रैगन से आगे या पीछे है इंडिया?



डिजिटल डेस्‍क, नई दिल्‍ली। चीन और भारत दोनों विश्व की उभरती ताकते हैं। अमेरिका के बाद चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। वहीं, भारत की अर्थव्यवस्था का स्थान विश्व में पांचवां है। चीन ने पिछले कुछ दशकों में अपनी सैन्य क्षमताओं का तेजी से आधुनिकीकरण और विस्तार किया है। वह तेजी से अमेरिका की ताकत के करीब पहुंचने का प्रयास कर रहा है।

भारत भी अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार के साथ सेनाओं का आधुनिकीकरण कर रहा है। साल 1980 में भारत की प्रति व्यक्ति आय चीन की प्रति व्यक्ति आय से करीब दोगुनी थी। आज चीन की प्रति व्यक्ति आय हमसे करीब पांच गुना अधिक है। आइये जानते हैं कि 1980 के बाद चीन और भारत आर्थिक मोर्चे पर किस तरह से आगे बढ़े?

  • 18.8 ट्रिलियन डॉलर है चीन की जीडीपी का आकार
  • 580 डॉलर थी भारत की प्रति व्यक्ति आय 1980 में
  • 3.93 ट्रिलियन डॉलर है भारत की जीडीपी का आकार
  • 307 डॉलर थी 1980 में चीन की प्रति व्यक्ति आय

चीन ने 1980 में खोला बाजार

1980 में चीन ने अपने बाजार दुनिया के लिए खोल दिए और आर्थिक सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाना शुरू किया। उस समय चीन की प्रति व्यक्ति आय 307 डॉलर और भारत की प्रति व्यक्ति 580 डॉलर थी।

भारत में उदारीकरण 1991 में  

भारत में आर्थिक सुधारों का सिलसिला 1991 में शुरू हुआ। इसके बाद भारत में निजी क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ। आर्थिक विकास की रफ्तार बढ़ी। देश में एक बड़ा मध्य वर्ग पैदा हुआ। आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। वहीं, चीन आज विश्व की फैक्ट्री और मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी ताकत है।

चीन और भारत की जीडीपी

विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा कीमत पर चीन की जीडीपी की वैल्यू 18.8 ट्रिलियन डॉलर और भारत की जीडीपी का आकार 3.93 ट्रिलियन डॉलर है। 1980 के बाद से चीन की जीडीपी 61 गुना बढ़ी है। वहीं, समान अवधि में भारत की जीडीपी 21 गुना बढ़ी है।

93 प्रतिशत बढ़ी भारत की जीडीपी

पिछले 10 वर्ष के दौरान भारत की जीडीपी में 93 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2014 में भारत की जीडीपी 2.04 ट्रिलियन डॉलर थी, जो 2024 में बढ़कर 3.93 ट्रिलियन डॉलर हो गई है। वहीं, चीन की जीडीपी 2014 के 10.5 ट्रिलियन डॉलर के मुकाबले 78 प्रतिशत बढ़ी है।

पिछले 10 वर्षों के दौरान भारत की प्रति व्यक्ति आय 95 प्रतिशत बढ़ी है और यह 2014 के 5,187 डॉलर की तुलना में बढ़ कर 10,123 डालर प्रति वर्ष हो गई है। समान अवधि में चीन की प्रति व्यक्ति आय में 100 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। 2014 में चीन की प्रति व्यक्ति आय 12,496 डालर थी।

निर्यात के मोर्चे पर भारत और चीन का प्रदर्शन

चीन दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है। 2023 में चीन ने 3.5 ट्रिलियन डॉलर की वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात किया था। वैश्विक निर्यात में चीन की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत है। भारत 0.78 ट्रिलियन डालर के निर्यात के साथ विश्व का दसवां सबसे बड़ा निर्यातक है।

Wednesday, October 16, 2024

‘कई शिक्षिकाएं ऐसे कपड़ों में स्कूल आती हैं कि पूरा शरीर दिखता है’, मदन दिलावर का विवादित बयान; छिड़ी बहस




राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शिक्षकों के पहनावे और अनुशासन को लेकर विवादित बयान दिया है। नीमकाथाना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि कई शिक्षक-शिक्षिकाएं स्कूलों में अनुचित पहनावे के साथ आते हैं, जिससे बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई महिला टीचर ऐसे कपड़े पहनती हैं कि पूरा शरीर दिखता है, इससे बच्चों पर अच्छे संस्कार नहीं पड़ते। 

दरअसल, शिक्षा मंत्री बुधवार को नीमकाथाना के नृसिंहपुरी गांव में उच्च प्राथमिक संस्कृत स्कूल भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे। टीचर्स के पहनावे पर विवादित टिप्पणीइस दौरान मदन दिलावर ने कहा, “कई महिला टीचर अर्धनग्न कपड़े पहनकर स्कूल आती हैं, जिससे उनके पूरे शरीर का प्रदर्शन होता है। यह बच्चों के लिए सही संस्कार नहीं है। शिक्षकों को अपने पहनावे और व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए ताकि वे बच्चों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन सकें।”

उन्होंने कहा कि शिक्षकों के कपड़े और आचरण बच्चों पर सीधा असर डालते हैं, और इसलिए जरूरी है कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें और सही प्रकार के कपड़े पहनें। मदन दिलावर के इस बयान ने एक नई बहस को जन्म दिया है। अब देखना होगा कि इस बयान का पर शिक्षक समुदाय कैसे प्रतिक्रिया देता है। गुटखा खाने वाले शिक्षकों पर भी निशानाशिक्षा मंत्री ने शिक्षकों के गुटखा और तंबाकू खाने पर भी सख्त ऐताराज जताते हुए कहा कि, “कई शिक्षक गुटखा खाकर और तंबाकू खाते हुए स्कूल आते हैं। यहां तक की कई शिक्षक तंगे खाते हुए स्कूल पहुंचते हैं। बच्चे क्या सोचेंगे कि दारू पीना अच्छा रहता है, गुरु जी भी पीकर आते हैं। जो ऐसे कृत्य करते हैं, वो शिक्षक नहीं, बच्चों के दुश्मन हैं। उनको शिक्षक कहना पाप है। इससे वे बच्चों के लिए गलत उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। ऐसे शिक्षकों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

स्कूलों में पूजा-नमाज लगेगी रोकशिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट किया कि स्कूल समय में किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों, जैसे कि पूजा, नमाज आदि के लिए स्कूल छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, “अगर कोई शिक्षक स्कूल समय में पूजा-पाठ या नमाज के नाम पर स्कूल छोड़ता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”

उपचुनावों पर दिया ये बयानमदन दिलावर ने उपचुनावों पर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा, “जिस तरह से हरियाणा में हमने जीत हासिल की, उसी तरह राजस्थान में भी उपचुनाव में हमारी जीत होगी।” इस दौरान सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजोर भी कार्यक्रम में मौजूद थे।


गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री नीमकाथाना के नरसिंह पुरी में एक संस्कृत विद्यालय के जीर्णोद्धार भवन का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने राजकीय बालिका संस्कृत विद्यालय को आदर्श वरिष्ठ उपाध्याय में क्रमोन्नत करने और विद्यालय में एक ट्यूबल की स्थापना की घोषणा भी की।

यहां देखें वीडियो-


Tuesday, October 15, 2024

Bomb Threats: देहरादून एयरपोर्ट पर विमान के अंदर बम मिलने की सूचना से हड़कंप, जांच एजेंसियों ने फ्लाइट को घेरा


देहरादून एयरपोर्ट पर एक विमान में बम मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। सूचना पाकर पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों और बम निरोधक दल ने विमान को घेर लिया। एयरपोर्ट पर डॉग स्क्वाड की टीम भी मौके पर पहुंची। कई घंटे तक इस विमान की तलाशी ली गई।

देहरादून एयरपोर्ट पर सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ को ट्विटर हैंडल पर एलाइंस एयर के विमान में बम मिलने की सूचना मिली। यह फ्लाइट शाम करीब 4:30 बजे अमृतसर से देहरादून पहुंची थी। इस फ्लाइट के देहरादून पहुंचते ही सुरक्षा एजेंसियों ने इसे घेर लिया। आनन-फानन सभी 32 पैसेंजर को नीचे उतरा गया। जिसके बाद विमान को एक वाहन से खींचकर एयरपोर्ट टर्मिनल से लगभग तीन किलोमीटर दूर रनवे की शुरुआत में ले जाया गया। जहां सीआईएफ, उत्तराखंड पुलिस और बम निरोधक दल ने विमान को घेर लिया। इस दौरान एयरपोर्ट पर हड़कंप की स्थिति बनी रही।

दूसरी फ्लाइट को डायवर्ट किया गया
देहरादून एयरपोर्ट पर जिस वक्त एलाइंस एयर के विमान में बम की सूचना मिली। उस वक्त अन्य शहरों की फ्लाइट्स को देहरादून आना था, लेकिन इन फ्लाइट्स को डायवर्ट कर दिया गया। एयरपोर्ट पर जीरो जोन कर दिया गया। वहीं एयरपोर्ट पर यात्रियों को भी अंदर ही रोक दिया गया।

Friday, October 11, 2024

उत्तराखंड राज्य सरकार का भू-कानून के तहत सख्त एक्शन, बाहुबली राजा भैया की पत्नी की करोड़ों की जमीन हुई जब्त



नैनीताल: राज्य सरकार ने भानवी सिंह की करोड़ों रुपये की भूमि को जब्त कर लिया है। शुक्रवार को नैनीताल जिला प्रशासन ने इस भूमि पर अब अपना कब्जा जमा लिया है।

शुक्रवार को नैनीताल जिला प्रशासन ने कैंची धाम स्थित सिलटौना गांव में भानवी सिंह की खरीदी गई कृषि भूमि पर कब्जा ले लिया है। उपजिलाधिकारी विपिन चंद्र पंत के अनुसार भानवी सिंह ने वर्ष 2006 में .555 हेक्टेयर (27 नाली) भूमि खरीदी थी, जिसे उत्तराखंड के सख्त भू-कानून के तहत कृषि और औद्यानिकी गतिविधियों के लिए उपयोग करना अनिवार्य था। हालांकि आरोप है कि 17 वर्षों के बाद भी उन्होंने भूमि का सही उपयोग नहीं किया, जिसके कारण प्रशासन ने सरकारी कब्जे की प्रक्रिया शुरू की। भानवी सिंह ने इस फैसले को कमिश्नर कोर्ट और उत्तराखंड राजस्व बोर्ड में चुनौती दी, लेकिन दोनों स्थानों पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

सख्त भू-कानून के तहत धामी सरकार का एक्शन
साल 2023 के जून में स्थानीय प्रशासन ने जमीन पर सरकारी कब्जा लेने की प्रक्रिया को तेज कर दिया। यह मामला उत्तराखंड की धामी सरकार द्वारा सख्त भू-कानून लागू करने के बाद नैनीताल जिले में पहली बार सामने आया है, जहां शर्तों के उल्लंघन पर भूमि को सरकारी कब्जे में लिया गया है। सरकार ने सभी जिलों के प्रशासन को ऐसे मामलों की जांच करने के निर्देश दिए हैं, जहां भूमि का प्रयोजन बदला गया है या शर्तों का उल्लंघन किया गया है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने भी इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं और हाल ही में नैनीताल दौरे पर अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक सुझाव मांगे।

Wednesday, October 9, 2024

Jalebi History: कहां से और कैसे भारत आई जलेबी? जानिए क्या है इस स्वादिष्ट मिठाई का दिलचस्प इतिहास



Jalebi History: हरियाणा की राजनीति में जलेबी छाई हुई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हरियाणा में चुनाव प्रचार के दौरान गोहाना की मशहूर जलेबी खाई और मंच से जलेबी की फैक्ट्रियां लगाने, रोजगार दिलाने और निर्यात बढ़ाने का वादा किया। इस स्वादिष्ट मिठाई का भारत में सभी स्थानों पर एक अलग ही महत्व है, लेकिन आखिरकार जलेबी भारत में कैसे आई? इसका इतिहास बहुत पुराना और दिलचस्प है।

भारत में जलेबी काफी लोकप्रिय मिठाई है। देश में बड़े पैमाने पर लोग इसको चाव के साथ खाते हैं। कई जगहों पर मेहमान नवाजी करने के लिए लोगों को जलेबी खिलाई जाती है। इस मिठाई को बनाने के लिए मैदा, घी, दही और चीनी का इस्तेमाल होता है। स्वाद में लाजवाब होने से जलेबी को भारत में ही नहीं बल्कि नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, ईरान आदि कई देशों में खाया जाता है। हालांकि, विभिन्न जगहों पर इसको बनाने की विधि भी अलग-अलग है।


इसकी मिठास और थोड़े से खट्टेपन का मेल ही इसको स्वाद में अनोखा बनाता है। भारत में लोकप्रिय होने की वजह से कई लोगों को लगता है कि जलेबी सबसे पहले भारत में ही बनाई गई होगी। लेकिन आप भी यही सोचते हैं, तो आप गलत हैं। जलेबी भारत की मिठाई नहीं है। जलेबी का इतिहास भी इसकी तरह ही घुमावदार है।

कहां से भारत पहुंची जलेबी?

जलेबी की उत्पत्ति फारस (अब ईरान) से हुई है। इसे फारसी भाषा में जलिबिया कहा जाता है। मध्य पूर्व के दूसरे देशों में इस मिठाई को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। इतिहासकार मानते हैं कि फारसी व्यापारियों, कारीगरों और मध्य पूर्वी आक्रमणकारियों के माध्यम से जलेबी भारत पहुंची। यीस्ट से बनने वाली चीजों का अरब देशों से संबंध है और वहां से यह स्वादिष्ट मिठाई यूरोप, जर्मनी और उत्तरी अमेरिका तक फैल गई। भारत में मध्यकाल में जलेबी पहुंची।

जलेबी का इतिहास?

जलेबी हिंदी शब्द नहीं है, बल्कि यह एक अरबी भाषा का शब्द है। इसका जिक्र मध्य कालानी पुस्तक "किताब-अल-तबीक" में मिलता है जलेबी का असली नाम जलिबिया है। भारतीय मूल में इसे लोग जल वल्लिका कहते थे। जल वल्लिका नाम इसके रस से परिपूर्ण और चाशनी में सराबोर होने की वजह से मिला था। हालांकि, बाद में इसका नाम जलेबी हो गया।

Friday, October 4, 2024

साइबर हमले से बाहर निकलने की जद्दोजहद: उत्तराखंड में 50 घंटे से 90 सरकारी वेबसाइट और एप बंद, कल से ट्रायल रन



उत्तराखंड में सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) साइबर हमले से बाहर निकलने की जद्दोजहद में जुटा है। 50 घंटे से अधिक समय से सभी 90 सरकारी वेबसाइट्स और मोबाइल एप बंद हैं। आईटीडीए के साथ ही राज्य व केंद्र की विशेषज्ञ टीमें बचाव में लगी हुई हैं। शनिवार को आईटीडीए सभी वेबसाइटों का ट्रायल रन शुरू करेगा।

साइबर हमले से सूबे का पूरा आईटी सिस्टम ठप पड़ा है। आईटीडीए की निदेशक नितिका खंडेलवाल ने बताया, राज्य के अलावा केंद्रीय एजेंसियों के विशेषज्ञ भी स्कैनिंग में जुटे हुए हैं। केंद्रीय एजेंसियां इस बात का भी पता लगा रही कि यह साइबर हमला कहां से हुआ है। बताया, अभी तक पूरा डाटा सुरक्षित है। किसी बड़ी अनहोनी को रोकने को शुक्रवार को भी सबकुछ बंद रखा गया। सचिवालय समेत किसी भी सरकारी दफ्तर में ई-ऑफिस ने काम नहीं किया। पुलिस की सीसीटीएनएस सेवा बंद होने से ऑनलाइन एफआईआर समेत सभी कामकाज ठप है। नगर निगम दून में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र समेत सभी कामकाज ठप रहा। अपुणि सरकार न चलने से यूजर को कोई सुविधा नहीं मिल पाई। सीएम हेल्पलाइन बंद होने से कोई शिकायत नहीं हो पाई। राज्य लोक सेवा आयोग की वेबसाइट बंद होने से भर्तियों की प्रक्रिया ठप रही। आयुष्मान योजना से मरीजों को इलाज की पूर्वानुमति प्रभावित हुई, जो मैन्युअल करना पड़ा।

केंद्रीय एजेंसियां तलाशेंगी सेंध लगाने वाले
सभी केंद्रीय एजेंसियां भी इस आईटी आपदा को अंजाम देने वालों की तलाश में जुट गई हैं। आईटीडीए निदेशक नितिका खंडेलवाल का कहना है कि प्रोटोकॉल के तहत केंद्रीय एजेंसियों को समय से सूचना दे दी गई थी। पूरा सिस्टम सुरक्षा के मद्देनजर बंद करके स्कैन किया गया है। विशेषज्ञ सलाह के तहत पहले चरण में स्वान सेवाएं सुचारू हो गई हैं। अन्य सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से एक-दो दिन में सुचारू कर दिया जाएगा। शनिवार से ट्रायल रन शुरू करेंगे।
-नितेश झा, सचिव आईटी, उत्तराखंड

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