Sunday, December 29, 2024

डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर क्यों हो रहा रुपया? आपके जीवन पर पड़ेगा सीधा असर



डॉलर महंगा होने का सीधा असर आयात होने वाले कच्चे तेल पर भी पड़ता है। अगर इसके कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो परिवहन की लागत भी काफी बढ़ती है और बाकी चीजें महंगी होने के भी आसार होते हैं।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार गिरता जा रहा है।

शुक्रवार को रुपया और कमजोर होकर सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। मजबूत डॉलर की वजह से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 23 पैसे की गिरावट के साथ रुपया 85.50 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। आइए अब समझने की कोशिश करते हैं कि रुपये में लगातार गिरावट क्यों आ रही है और इसका आम लोगों की जिंदगी पर क्या असर हो रहा है।

व्यापार के आंकड़ों पर गौर करें तो साफ तौर पर पता चलता है कि देश में इंपोर्टेड सामानों का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा उछाल सोने में देखने को मिला है। यह इस साल नवंबर के महीने में 50 फीसदी से बढ़कर 49.08 अरब डॉलर पहुंच गया है। भारत सरकार ने जैसे ही कस्टम ड्यूटी 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दी। तो आयात में काफी तेजी देखने को मिली है। रुपये में गिरावट के कारण इकोनॉमी पर भी काफी दवाब बढ़ रहा है।

बढ़ रही आरबीआई की चिंता

जैसे-जैसे रुपये में गिरावट आ रही है वैसे-वैसे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की टेंशन बढ़ सकती है। रुपये को और ज्यादा लुढ़कने से रोकने के लिए आरबीआई को पिछले कुछ महीनों के दौरान करेंसी मार्केट में बार-बार दखलअंदाजी करनी पड़ी है। इसकी वजह से विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी से गिरावट देखने को मिली है। अब कुछ आंकड़ों पर गौर करें तो 4 अक्टूबर से 6 दिसंबर 2024 के बीच, आरबीआई का विदेशी मुद्रा भंडार 704.885 अरब डॉलर से घटकर 654.857 अरब डॉलर ही रह गया।

डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत में संतुलन का खेल

आप की जेब पर पड़ेगा असर?

अब बात करें कि आम आदमी की जेब पर इसका सीधा असर कैसे पड़ेगा तो रुपये में गिरावट का सीधा असर इंपोर्ट पर लगने वाली चीजों की लागत पर पड़ता है। इसमें उत्पाद पर लगनी वाली लागत के अलावा कच्चा माल भी शामिल होता है। उदाहरण के तौर पर 100 डॉलर कीमत वाले किसी उत्पाद के आयात के लिए अगर एक साल पहले 8300 रुपये देने पड़ते, तो अब 8,500 रुपये चुकाने पड़ेंगे। डॉलर महंगा होने का सीधा असर आयात होने वाले कच्चे तेल पर भी पड़ता है। अगर इसके कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो परिवहन की लागत भी काफी बढ़ती है और बाकी चीजें महंगी होने के भी आसार होते हैं। रुपये में गिरावट होने का मतलब आपके घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ना है। मुद्रा भंडार में लगातार आ रही कमी, लोगों के साथ सरकार के लिए खतरे की घंटी पढ़ें पूरी खबर...

Sunday, December 22, 2024

लखनऊ: 42 लॉकर तोड़कर बैंक में करोड़ों की चोरी, बैंक के पास एक भी गॉर्ड नहीं, तार कटने पर नहीं बजा अलार्म



चिनहट स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में सेंध लगाकर चोरों के लॉकर काटने के मामले में बैंक प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। बैंक में सुरक्षा के लिए एक भी गार्ड नहीं है। बैंक में बाहर की तरफ दो और अंदर चार सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। लेकिन एक ही कैमरे में चोरों की फुटेज आई। बाकी कैमरों के एंगल स्ट्रॉन्ग रूम की तरफ नहीं थे। इसका फायदा चोरों ने उठाया।

एडीसीपी पूर्वी पंकज सिंह ने बताया कि चोरों ने बैंक में लगे अलार्म सिस्टम का तार काट दिया था। इसी वजह से अलार्म बजा नहीं। सवाल यह भी है कि कहीं अलार्म पहले से खराब तो नहीं था। जानकारों के अनुसार आमतौर पर किसी भी तरह की छेड़छाड़ होने पर अलार्म सिस्टम खुद एक्टिव हो जाता है। ऐसे में तार काटते वक्त भी अलार्म बजना चाहिए था। बैंक की खराब सुरक्षा व्यवस्था का फायदा चोरों ने उठाया और बड़ी आराम से वारदात को अंजाम देकर भाग निकले। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की 50 फुटेज मिली है।

चोरों को पता था किधर लगानी है सेंध, कहां हैं लॉकर

ओवरसीज बैंक में चोरी के लिए शातिरों ने पूरी रेकी की थी। उन्हें सीसीटीवी कैमरों, गार्ड नहीं रहने सबकी जानकारी थी। यही नहीं लॉकर तक वे कैसे आसानी से पहुंच सकते हैं, इसका भी चोरों ने खाका तैयार कर रखा था।

चोरों को बैंक के अंदर घुसने का सटीक रास्ता पता था। बैंक में लॉकर किस तरफ रखा है, इसकी भी उन्हें सटीक जानकारी थी। खाली प्लाॅट की तरफ से सेंध लगाने से भी यह साफ हो जाता है कि चोरों ने वारदात का पूरा खाका तैयार कर लिया था। रविवार को बैंक बंद रहती है, इसलिए वारदात के लिए शनिवार की रात चुनी। इसके पीछे मकसद यही था कि चोरी का पता जब तक चलेगा, वे दूर जा चुके होंगे। ।

दो सौ मीटर दूर खड़ी की बाइक
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दो बाइकों पर सवार होकर चार चोर आए थे। बैंक से करीब 200 मीटर की दूरी पर चोरों ने दोनों बाइकें खड़ी की थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से इसका पता चला। बाइकें खड़ी करने के बाद वहां से पैदल ही चारों बैंक की ओर गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार चोरी में पंजाब या झारखंड के गैंग का हाथ होने की आशंका है।

सक्रिय मोबाइल नंबरों की पड़ताल

यूपी एसटीएफ की भी एक टीम रविवार शाम घटनास्थल पहुंची और छानबीन की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास सक्रिय रहे मोबाइल नंबरों की सूची निकाली है। पुलिस इन नंबरों की पड़ताल कर रही है। आसपास किराए पर रहने वालों के बारे में भी पता लगा रही है। शक के दायरे में बैंककर्मी भी हैं। पुलिस बैंककर्मियों की सूची तैयार कर उनके बारे में अलग से पता लगा रही है।

कब क्या हुआ
शनिवार रात 12:35 बजे : चोर बैंक के अंदर घुसे। बैंक के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से इसका पता चला। रविवार सुबह 4:00 बजे वे वारदात को अंजाम देकर निकल गए।
दोपहर 1:00 बजे पुलिस को चोरी की सूचना मिली।
दोपहर 1:30 बजे पुलिस के अधिकारी टीम के साथ पहुंचे।
दोपहर 2:20 बजे डॉग स्क्वाॅयड मौके पर पहुंचा।
शाम 4:30 बजे फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
शाम 6:30 बजे छानबीन कर पुलिस टीम वापस लौटी।

पहले भी हो चुकीं ऐसी घटनाएं
26 दिसंबर 2023: मड़ियांव के छठामील इलाके में पंजाब नेशनल बैंक में सेंध लगाकर चोरी का प्रयास।
3 अप्रैल 2023: सुशांत गोल्फ सिटी के खुर्दही बाजार में लगे एसबीआई के एटीएम को काटकर चोरों ने 39.58 लाख रुपये पार कर दिए।
7 फरवरी 2021: चिनहट के मटियारी इलाके में केनरा बैंक का एटीएम काट कर 8.40 लाख रुपये चोरी।

Monday, December 16, 2024

उत्तराखंड क्रिकेट में 25 करोड़ का घोटाला, पुलिस की 70% जांच पूरी.. अधिकारियों पर दर्ज हो सकता है केस



देहरादून: उत्तराखंड के नौनिहालों का क्रिकेट की दुनिया में नाम रोशन होना शुरू ही हुआ है, उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन अभी ठीक से फला-फूला भी नहीं और इसमें घोटाले की महक अभी से आनी शुरू हो गई है। क्रिकेट एसोसिएशन आफ उत्तराखंड पर 25 करोड़ के घोटाले का आरोप लग चुका है। पुलिस ने 70% आरोपी की जांच पूरी कर ली है कहा जा रहा है कि आरोप सिद्ध हुए तो अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज हो सकते हैं।

दरअसल, उत्तराखंड पुलिस को क्रिकेट एसोसिएशन आफ उत्तराखंड के ही कुछ कर्मचारियों ने शिकायत की, और गंभीर आरोप लगाए कि अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और सीईओ ने नियमों को ताक पर रखा और 2022 से 2024 के बीच लगभग 25 करोड रुपए का घोटाला किया। इतना ही नहीं आरोप यह भी हैं कि क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष का नियमों को ताक पर रख कर ही कार्यकाल बढ़ाया गया। आपको बता दें, क्रिकेट एसोसिएशन आफ उत्तराखंड के अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला, उपाध्यक्ष धीरज भंडारी, महासचिव महिम वर्मा, संयुक्त सचिव सुरेश सोनियाल, कोषाध्यक्ष मानस मिंगवाल और सदस्य (शीर्ष परिषद) संतोष गैरोला हैं।

दर्ज हो सकते हैं केस

क्रिकेट एसोसिएशन के लोगों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच की है, सीओ सदर का कहना है CAU के पदाधिकारियों के खिलाफ 25 करोड रुपए की वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच चल रही है। पुलिस ने मामले में 70% आरोपों पर जांच पूरी कर ली है। यदि आरोप सही पाए गए, तो इन सभी अधिकारियों पर केस दर्ज किया जाएगा।

Saturday, December 14, 2024

उत्तराखंड में निकायों में अध्यक्षों के लिए आरक्षण अधिसूचना जारी, देखें लिस्ट


नगर निकाय चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। शनिवार को निकायों में अध्यक्षों के लिए आरक्षण अधिसूचना जारी हो गई हैं। बता दें कि, सभी जिलाधिकारी रविवार को नगर निगमों में पार्षद और नगर पालिका और नगर पंचायतों में वार्ड सदस्यों के आरक्षण की अनंतिम अधिसूचना जारी करेंगे। वहीं, निदेशालय मेयर और अध्यक्षों के आरक्षण की अंतिम अधिूसचना जल्द जारी करेगा। अपर निदेशक शहरी विकास डॉ. ललित नारायण मिश्र ने सभी जिलाधिकारियों को शुक्रवार को एक पत्र भेजा।

शहरी विकास विभाग द्वारा जारी सूची

  • नगर निगम, देहरादून: अनारक्षित
  • नगर निगम, ऋषिकेश: अनुसूचित जाति
  • नगर निगम, हरिद्वार: अन्य पिछड़ी जाति (महिला)
  • नगर निगम, रुड़की: महिला
  • नगर निगम, कोटद्वार: अनारक्षित
  • नगर निगम, श्रीनगर: अनारक्षित
  • नगर निगम रुद्रपुर: अनारक्षित
  • नगर निगम, काशीपुर: अनारक्षित
  • नगर निगम, हल्द्वानी: अन्य पिछड़ी जाति
  • नगर निगम, पिथौरागढ़: महिला
  • नगर निगम, अल्मोड़ा: महिला


नगर निगम ऋषिकेश अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित, नगर पालिका डोईवाला और मुनि की रेती सामान्य, रुद्रप्रयाग नगर पालिका और नगर पंचायत अगस्त्यमुनि में अध्यक्ष सामान्य, नगर पंचायत गुप्तकाशी में एससी महिला, तिलवाड़ा में अन्य पिछड़ी जाति महिला और उखीमठ में महिला सीट घोषित। डोईवाला नगर पालिका सामान्य हुई। मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष सीट पहली बार अन्य पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित हुई। नगर पंचायत तपोवन अन्य पिछड़ी जाति महिला व नगर पंचायत स्वर्ग आश्रम महिला आरक्षित के लिए छोषित। वहीं, खटीमा नगर पालिका सीट सामान्य और सितारगंज नगर पालिका अन्य पिछड़ी जाति की सीट घोषित हुई। रुद्रपुर और काशीपुर नगर निगम की सीट सामान्य घोषित।

Friday, December 6, 2024

ज‍िस भारत ने 17000 सैन‍िक गंवाकर पाक‍िस्‍तान से बचाया, वही दुश्मन बन गया, बांग्‍लादेश पर तस्‍लीमा नसरीन का छलका दर्द



बांग्‍लादेश की हालत देखकर जब भारतीयों को इतनी तकलीफ हो रही है, तो फ‍िर सोच‍िए वहां रह चुके लोगों को कैसा महसूस हो रहा होगा. इन्‍हीं में से एक हैं मशहूर लेख‍िका तस्‍लीमा नसरीन, जो बांग्‍लादेश से निकाले जाने के बाद भारत में रह रही हैं. बांग्‍लादेश की हालत देखकर उन्‍होंने एक्‍स पर पोस्‍ट ल‍िखा, जिस भारत ने बांग्लादेश को उसके दुश्मन पाकिस्तान से बचाने के लिए अपने 17,000 सैनिकों की जान गंवा दी, वह अब कथित तौर पर दुश्मन है. ये कैसा हाल बना द‍िया.


बांग्‍लादेश के ल‍िए भारत ने जो-जो क‍िया, उसकी एक-एक बातें बताते हुए तस्‍लीमा नसरीन ने ल‍िखा, जिस भारत ने एक करोड़ शरणार्थियों को आश्रय, भोजन और कपड़े दिए, वह अब दुश्मन माना जाता है. जिस भारत ने पाकिस्तानी सेना से देश की रक्षा के लिए हथियार उपलब्ध कराए और स्वतंत्रता सेनानियों को प्रशिक्षित किया, वह अब कथित तौर पर दुश्मन है.

पाक‍िस्‍तान से दोस्‍ती पर कसा तंज
पाक‍िस्‍तान से हाथ मिलाने वाले मुहम्‍मद यूनुस को लथारते हुए तस्‍लीमा नसरीन ने कहा, जिस पाकिस्तान ने 30 लाख लोगों की हत्या की और 200,000 महिलाओं के साथ बलात्कार किया वह अब कथित तौर पर दोस्त है. आतंकवादियों को पैदा करने में नंबर एक पर रहने वाला पाकिस्तान अब कथित तौर पर दोस्त बन गया है. जिस पाकिस्तान ने अभी तक 1971 के अत्याचारों के लिए बांग्लादेश से माफी नहीं मांगी है, वह अब कथित तौर पर एक मित्र राष्ट्र है!

हत्‍यारों को दोस्‍त लगाया
तस्‍लीमा नसरीन बांग्‍लादेश की हालत पर रोज कुछ न कुछ ल‍िखती रहती हैं. एक द‍िन पहले उन्‍होंने पाक‍िस्‍तान बांग्‍लादेश की दोस्‍ती पर तंज कसा था. लिखा, बंगाली गद्दारों ने उन हत्यारों और बलात्कारियों को गले लगा लिया है, ज‍िन्‍होंने मह‍िलाओं के साथ दरिंदगी की. और अब उन्हें मित्र कहा जा रहा है. इसे ही कोई आत्म-विनाशकारी बंगाली कहेगा.

Visitor counter