Thursday, February 27, 2025

पूर्व विधायक चैंपियन से विवाद के बीच MLA खानपुर विधायक उमेश कुमार के कैंप कार्यालय पर नकाबपोशों ने की फायरिंग, घटना CCTV में कैद


उत्तराखंड में खानपुर विधायक उमेश कुमार के रुड़की स्थित कैंप कार्यालय के बाहर नकाबपोश बदमाशों ने कई राउंड हवाई फायरिंग कर दी। फायरिंग से कैंप कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों में दहशत फैल गई। फायरिंग की घटना कैंप कार्यालय के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। मामले में पुलिस ने अज्ञात में केस दर्ज कर फायरिंग करने वालों की तलाश शुरू कर दी है

बता दें कि खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार और पूर्व विधायक चैंपियन के बीच जनवरी माह में विवाद हुआ था। जिसके बाद चैंपियन ने 26 जनवरी को समर्थकों के साथ रुड़की स्थित उमेश कुमार के कैंप कार्यालय पर पहुंचकर उनके समर्थकों से मारपीट कर दी थी। साथ ही कई राउंड हवाई फायरिंग कर दी थी। जबकि उमेश भी पिस्टल लेकर चैंपियन के कार्यालय की तरफ दौड़े थे। मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों पर केस दर्ज कर लिया था। साथ ही चैंपियन और उनके समर्थकों को जेल भेज दिया था। तभी से चैंपियन जेल में ही बंद है। इसे लेकर पुलिस की ओर से गंगनहर पटरी किनारे स्थित दोनों के कैंप कार्यालय पर सुरक्षा बढ़ा दी थी। लेकिन अब एक बार फिर विधायक उमेश कुमार के कैंप कार्यालय पर नकाबपोश बदमाशों ने हवाई फायरिंग कर पुलिस की चिंता फिर से बढ़ा दी है।

दरसअल, बृहस्पतिवार की अलसुबह बाइक सवार नकाबपोश बदमाश विधायक उमेश के कैंप कार्यालय के बाहर पहुंचे और हवाई फायरिंग कर दी। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने घटना की सूचना विधायक उमेश कुमार और उनके निजी सचिव जुबैर काजमी को दी। वहीं, सूचना मिलते ही पुलिस में भी खलबली मच गई। पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। इस दौरान पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो नकाबपोश संदिग्ध फायरिंग करते भी दिखे। मामले में निजी सचिव की ओर से सिविल लाइंस कोतवाली में पुलिस को तहरीर दी गई है। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात बदमाशों पर केस दर्ज कर लिया है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के आधार पर बदमाशों और उनकी बाइक की पहचान की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

24 फरवरी को हटी थी पुलिस सुरक्षा

विधायक उमेश कुमार के कैंप कार्यालय के बाहर और अंदर 26 जनवरी की घटना के बाद से पुलिस तैनात की गई थी। अब मामला शांत हुआ था तो 24 फरवरी को पुलिस सुरक्षा हटा दी गई थी। जबकि बैरिकेडिंग हटाकर भी चार पहिया वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई थी। अब फायरिंग के बाद फिर से पुलिस सुरक्षा का कड़ा पहरा बैठा दिया गया है। 

...तो सुरक्षा हटने की थी पूरी जानकारी

जिस तरह से उमेश कुमार के कैंप कार्यालय पर नकाबपोश बदमाशों ने फायरिंग की है उससे आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों को यह जानकारी थी कि अब पुलिस सुरक्षा हट गई है। इसलिए उन्होंने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया है। वहीं, पुलिस मामले में हर बिंदू पर गहनता से जांच कर रही है।

लोकल या बाहरी, इसकी चल रही जांच

चैंपियन और उमेश के विवाद के बाद भी सोशल मीडिया पर दोनों के समर्थक आपस में भिड़ रहे हैं। हाल ही में विधायक उमेश कुमार ने एक वीडियो पोस्ट की थी जिसमें मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर 28 फरवरी को पहुंचने की बात कही थी। साथ ही एक युवक को भी धमकी दी थी। ऐसे में पुलिस की जांच इस तरफ चल रही है कि फायरिंग करने वाले लोकल हैं या बाहरी हैं।

VIDEO





Tuesday, February 25, 2025

UP Board Exam 2025: सामान्य की जगह थमाया साहित्यिक हिंदी का प्रश्न पत्र, बिलख पड़ीं छात्राएं; बीएसए ने की कार्रवाई



खतौली/मुजफ्फरनगर। कबूल कन्या इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर सोमवार को शिशु शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज की छात्राओं को इंटरमीडिएट परीक्षा का सामान्य हिंदी का पेपर था। छात्राओं को सामान्य हिंदी की जगह साहित्यिक हिंदी का प्रश्न-पत्र दे दिया गया।

छात्राएं परीक्षा केंद्र से बाहर आकर विपरीत प्रश्न-पत्र मिलने और सही उत्तर नहीं होने से बिलख पड़ी। इस पर स्वजन ने भी हंगामा किया। इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक ने केंद्र व्यवस्थापक और सहायक केंद्र व्यवस्थापक को हटा दिया गया। दोनों के खिलाफ माध्यमिक शिक्षा परिषद को डिबार करने की संस्तुति की गई है।

जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार श्रीवास ने बताया कि कबूल कन्या इंटर कॉलेज के कमरा नंबर 10 में 14 बच्चों के प्रश्न पत्र बदले गए, जिनके रोल नंबर बोर्ड को भेज दिए गए हैं। इन बच्चों की परीक्षा दोबारा होगी या फिर अतिरिक्त अंक मिलेंगे इसका निर्णय बोर्ड करेगा। इस मामले में केंद्र व्यवस्थापक डॉक्टर विधु चौधरी और सहायक केंद्र व्यवस्थापक रजनीश देवी को हटा दिया गया है।
खतौली इंटरमीडिएट परीक्षा में सामान्य हिंदी की जगह साहित्यिक हिंदी का प्रश्न-पत्र दिए जाने की जानकारी देती छात्राएं।.सौ. स्वजन

बीएसए को लिखा था पत्र

कक्ष निरीक्षक एकता और अनीता रानी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बीएसए को पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया कि कक्ष में लगे कैमरे की डीवीआर कब्जे में ली गई है, जिसकी जांच की जा रही है। आगामी 28 फरवरी को परीक्षा नए केंद्र व्यवस्थापक हितेश कुमार और वाह्य केंद्र व्यवस्थापक मांगेराम कराएंगे l इस प्रकरण की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। मांग की गई है कि सामान्य हिंदी और हिंदी का प्रश्न पत्र एक ही रहे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो।

ये था मामला
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर आयोजित परीक्षा का कबूल कन्या इंटर कॉलेज में परीक्षा केंद्र बनाया गया है। जहां शिशु शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज की छात्राओं का सेंटर लगा हैं। सोमवार को उनका दूसरी पाली में इंटरमीडिएट सामान्य हिंदी का पेपर था,लेकिन उनको साहित्यिक हिंदी का प्रश्न-पत्र दे दिया गया। छात्राएं पेपर संपन्न होने पर परीक्षा केंद्र से बाहर आई तो स्वजन को देखकर बिलख पड़ी। स्वजन ने उनको शांत किया। स्वजन ने दूसरे विषय का प्रश्न-पत्र दिए जाने पर हंगामा किया। परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक ने समाधान करवाने का आश्वसन देकर शांत किया।

छात्राओं ने बताया, अलग पेपर दिया
छात्रा साक्षी, सानिया अंसारी, शालू, सहरीन, सना ने बताया कि इंटरमीडिएट सामान्य हिंदी का पेपर था,लेकिन साहित्यिक हिंदी का प्रश्न-पत्र दिया गया। जिससे पेपर बेहतर नहीं हो सका। इस पर प्रधानाचार्या विधु चौधरी ने कहा, कि परीक्षार्थियों को सही प्रश्न-पत्र दिया गया था।

शिशु शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य कांता स्वरूप ने बताया कि उनके कॉलेज की छात्राओं सामान्य हिंदी का पेपर था, उनको साहित्यिक हिंदी का प्रश्न-पत्र दिया गया। छात्राओं ने पेपर बदलकर देने के बारे में बताया, लेकिन उनकी कोई ध्यान नहीं दिया गया। छात्राएं प्रश्न-पत्र बदलकर दिए जाने से काफी उदास है।

Friday, February 21, 2025

पहाड़ों में घटती बर्फबारी बढ़ाएगी मुश्किल, फसलों के साथ ही पेयजल का भी बढ़ेगा संकट


नई दिल्ली, विवेक तिवारी। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के चलते इस साल पहाड़ों में बर्फबारी बेहद कम है। हालात ये हैं कि कम बर्फबारी के कारण कश्मीर के गुलमर्ग में आयोजित होने वाले खेलो इंडिया विंटर गेम्स के पांचवें संस्करण को स्थगित करना पड़ा। वहीं हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और बारिश न होने की वजह से राज्य में सेब की खेती करने वाले किसान परेशान हैं।

हिमाचल में जनवरी में लगभग 84 फीसदी और फरवरी के 11 दिनों में 51 फीसदी तक कम बारिश हुई है। ऐसे में सेब की पैदावार पर असर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, कश्मीर के कई हिस्सों में इस साल बारिश और बर्फबारी में 90 फीसदी से ज्यादा कमी दर्ज की जा रही है। हिमाचल के बहुत से हिस्सों में भी बर्फबारी और बारिश में 50 फीसदी से ज्यादा की कमी है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार पश्चिमी विक्षोभ तो काफी आए, लेकिन ज्यादातर पश्चिमी विक्षोभ काफी कमजोर थे। ऐसे में न तो बारिश हुई न बर्फबारी।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस साल बर्फबारी के समय अलनीनो लगभग प्रभावहीन हो गया था। इसके चलते बारिश और बर्फबारी में आयी। मौसम वैज्ञानिक समरजीत चौधरी कहते हैं, जलवायु परिवर्तन के चलते पिछले कुछ सालों में बर्फबारी के पैटर्न में बदलाव आया है। सामान्य तौर पर बर्फबारी दिसंबर में शुरू हो जाती है। लेकिन साल 2023 में हिमालय के बहुत से हिस्सों में बर्फबारी जनवरी अंत में शुरू हुई और फरवरी तक चली। इस साल कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के बहुत से हिस्सों में बारिश और बर्फबारी सामान्य से बेहद कम है। दरअसल इस साल पश्चिमी विक्षोभ तो काफी संख्या में आए। लेकिन ज्यादातर काफी कमजोर थे। ऐसे में न तो बारिश हुई और न ही बर्फबारी। ऐसे में पहाड़ों में सूखे की स्थिति बनी हुई है।

पहाड़ों में घटती बर्फबारी का असर फसलों और बागवानी पर भी पड़ा है। जीबी पंत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन एनवायरमेंट के पूर्व वैज्ञानिक डॉक्टर जेसी कुनियाल कहते हैं, सेब के पौधे में फूल आने के लिए जरूरी है कि न्यूनतम तापमान कम से कम 1200 घंटे तापमान 6 डिग्री से कम रहे। लेकिन घटती बर्फबारी से वैली वाले इलाको में तापमान बढ़ रहा है। इसी के चलते सेब और बहुत से ऐसे जंगली पेड़ पौधे जो तापमान को लेकर संवेदनशील हैं, वो ऊंचाई वाले इलाकों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।

पहाड़ों में हुई बर्फबारी पहाड़ के लोगों के लिए खेती के साथ ही पेय जल का भी बड़ा स्रोत है। चोटियों पर जमी बर्फ गर्मियों में धीरे-धीरे गलती है, जिससे पहाड़ों से बहने वाली नदियों में सालभर पानी बना रहता है। बर्फबारी में कमी आने वाले समय में पेयजल का संकट भी पैदा कर सकती है।

यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के वैज्ञानिकों का दावा है कि पहाड़ों में बर्फबारी और बारिश लाने वाले पक्षिमी विक्षोभ का पैटर्न बदला है। वो काफी देरी से आ रहे हैं। पिछले 70 वर्षों में अप्रैल से जुलाई तक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की आवृत्ति 60% बढ़ गई है, जिससे बर्फबारी कम हो गई है और भारी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस जिन्हें सॉइक्लोनिक सर्कुलेशन के तौर पर भी जाना जाता है आमतौर पर दिसंबर से मार्च तक हिमालय में भारी बर्फबारी और बारिश लाते हैं। लेकिन साल 2023 में हिमालय में बर्फबारी जनवरी अंत में शुरू हुई।

वेदर एंड क्लाइमेट डायनेमिक्स जर्नल में छपे अध्ययन में बताया गया है कि उत्तरी भारत में महत्वपूर्ण बर्फबारी और वर्षा प्रदान करने वाले शीतकालीन तूफान काफी देर से आ रहे हैं। पिछले 70 सालों में पश्चिमी विक्षोभ का पैटर्न बदला है। सर्दियों की तुलना में गर्मी में पश्चिमी विक्षोभ बढ़े हैं। इससे विनाशकारी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। लाखों भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण जल आपूर्ति भी कम हो गई है।

यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के वैज्ञानिक और इस शोध के लेखक डॉ. कीरन हंट कहते हैं, "70 साल पहले की तुलना में जून में उत्तर भारत में अब तेज तूफान आने की संभावना दोगुनी है।" बर्फ की जगह भारी बारिश हो रही है। इससे घातक बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है जैसा कि हमने 2013 में उत्तराखंड में और 2023 में दिल्ली के आसपास देखा था।

द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट टेरी के वैज्ञानिक और लम्बे समय से पानी पर काम कर रहे डॉक्टर चंदर सिंह कहते हैं, रेनफॉल पैटर्न बदल रहा है। जनवरी के बाद ठंड कम हो जाती है। राजस्थान, उत्तराखंड हिमाचल और कई राज्यों में अचानक से भारी बारिश हो रही है। एयर का मूवमेंट तापमान से होता है। ग्लोबल एयर सर्कुलेशन और ग्लेबल ओशियन सर्कुलेशन चेंज हो रहा है। तापमान डेढ़ डिग्री तक बढ़ रहा है। कार्बन भी हीट को रोकता है। ग्रीन हाउस गैस बढ़ रही है। उनके हीट करने का पोटेंशियल ज्यादा है। जब भी चेंज आएगा। रेन भी इसी पर डिपेंड कर रहा है। इक्वेटर पर हवा गर्म होती है और पोल की तरफ जाती है। तापमान भारी होती है तो नीचे आती है। तापमान बढ़ने से कार्बन न्यूट्रेलिटी की बात हो रही है।

पश्चिमी विक्षोभ के चलते हिमालय के पहाड़ों में दिसंबर से मार्च के बीच अच्छी बर्फबारी होती है। ये बर्फ समय के साथ नीचे बठती जाती है और बर्फ की कई परतें बन जाती हैं जो गर्मी आने पर धीरे धीरे पिघलती हैं। हिमालय से निकलने वाली ज्यादातर नदियों में पानी का मुख्य स्रोत ग्लैशियर और पहाड़ों में जमी बर्फ के गलने से निकलने वाला पानी ही होती है। इस साल बर्फबारी बेहद कम है। ऐसे में गर्मियां शुरू होती ही थोड़ी बहुत बर्फ जो गिरी है वो तेजी से गलेगी, जिससे नदियों में अचानक पानी बढ़ जाएगा। इससे मैदानी इलाकों में बाढ़ की संभावना बढ़ेगी। वहीं पहाड़ों में बर्फ के जल्दी गल जाने से कुछ महीने के बाद नदियों के जल स्तर में तेजी से कमी आएगी। इस इससे कई इलाकों में पेयजल का संकट खड़ा हो सकता है।

Monday, February 17, 2025

उत्तराखंड: अमित शाह के बेटे के नाम पर विधायकों को आया फर्जी कॉल, मांगा करोड़ों का फंड



हरिद्वार: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का बेटा बताकर अज्ञात व्यक्ति ने रुद्रपुर विधायक और रानीपुर विधायक उत्तराखंड में मंत्री पद दिलाने का झांसा दिया. आरोपी ने रुद्रपुर विधायक से 3 करोंड़ रूपये का फंड देने को कहा और और रानीपुर विधायक से फंड के रूप में 5 लाख रुपयों की मांग की. दोनों विधायकों ने इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज की है।


विधायक शिव अरोरा के सहयोगी अभिषेक मिश्रा ने कोतवाली ने पुलिस तहरीर में बताया कि बीते 13 फरवरी को विधायक के मोबाइल पर एक अनजान कॉल आया। उसने खुद को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का बेटा जय शाह बताया और 14 मिनट 22 सेकंड तक बातचीत की। उसने बताया कि वो अडानी के बेटे की शादी के लिए लंदन गया था ओए वहां से लौट रहा है। खुद को अमित शाह का बेटा बताने पर विधायक को संदेह हुआ कि ये कोई स्कैम कॉल हो सकती है। विधायक के फोन पर रिकॉर्डिंग की सुविधा नहीं थी, उन्होंने अपने फोन को लाउडस्पीकर पर कर अपने सहयोगी के फ़ोन से कॉल रिकॉर्ड किया।

मंत्री पद के लिए प्रस्तावित

आरोपी ने पहले दिल्ली की राजनीति पर चर्चा की फिर कहा उत्तराखंड सरकार के तीन मंत्रियों में बदलाव होना है, जिसमें आपका नाम भी प्रस्तावित किया गया है। मंत्री अमित शाह से बात करवाने पर उसने कहा कि पिता मीटिंग में व्यस्त हैं। आरोपी ने उसने कहा कि मेरी नड्डा अंकल से भी आपके बारे में चर्चा हो चुकी है। पापा (अमित शाह) राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह में हल्द्वानी आ रहे हैं। इसके बाद वे दिल्ली आएंगे, तब तक आप भी तीन करोड़ फंड के साथ दिल्ली पहुँच जाइये। इसके बाद विधायक को इसी नंबर से कई बार कॉल आई मगर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। विधायक ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले में मुकद्दमा केस दर्ज अज्ञात आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

रानीपुर विधायक से भी की इसी तरह बात

रानीपुर विधायक आदेश चौहान के पीआरओ रोमिश कुमार ने भी तहरीर दी है कि बीते बृहस्पतिवार को विधायक के मोबाइल नंबर पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने बताया कि वो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बेटा जय शाह है. पहले उसने राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत की, फिर बताया कि उसके पिता दिल्ली और मणिपुर में व्यस्त हैं। उत्तराखंड से संबंधित मामलों पर निर्णय लेने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बेटे हरीश नड्डा को अधिकृत किया गया है।

विधायक ने किया हरीश नड्डा से संपर्क

उसके कहा कि शुक्रवार को शाम तक पांच लाख रुपये फंड के साथ दिल्ली पहुंचें. वहां आपको गृह मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलवाया जाएगा। उसने सेकेट्री का नंबर बताते हुए विधायक को एक अन्य नंबर दिया। विधायक ने जब अगले दिन किसी माध्यम से हरीश नड्डा से संपर्क किया, तो पता लगा कि कोई उनके साथ धोखाधड़ी करने का प्रयास कर रहा है। जब विधायक को उस नंबर से दोबारा कॉल आया तो उन्होंने उसे दोबारा कॉल न करने को कहा. इस पर आरोपी ने विधायक को पांच लाख रुपये न देने पर सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने की धमकी दी।

Wednesday, February 5, 2025

Delhi Exit Polls Results Live: नौ ने BJP और दो पोल में आप की सरकार का अनुमान, देखें कांग्रेस के हाथ कितनी सीट


Delhi Exit Poll Result 2025 Live News Updates: दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 फरवरी को आएं। मतदान प्रक्रिया खत्म होने के साथ ही अलग-अलग एजेंसियों ने अपने-अपने एग्जिट पोल जारी कर दिए हैं। इन सभी एग्जिट पोल को आप एक जगह अमर उजाल पर देख सकते हैं। हम आपको हर एग्जिट पोल एक जगह दिखा रहे हैं।

भाजपा की दिल्ली में 27 साल बाद वापसी तय

एग्जिट पोल पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि मैंने अभी जो एग्जिट पोल देखे हैं, मुझे लगता है कि हमारे एक्जेक्ट पोल (परिणाम) एग्जिट पोल से बेहतर होने जा रहे हैं। लोगों के बीच जो प्रतिक्रिया हमने देखी, भाजपा सत्ता में आ रही है (दिल्ली में)। यह भाजपा की 27 साल बाद वापसी है। मैं दिल्ली के लोगों को धन्यवाद देता हूं।

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