Friday, July 25, 2025

Rajasthan Tragedy: झालावाड़ में स्कूल की छत गिरी, प्रार्थना कर रहे आठ मासूमों की मौत; पांच शिक्षक निलंबित


राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में शुक्रवार सुबह स्कूल की छत गिरने से दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एक सरकारी स्कूल की बिल्डिंग की छत अचानक गिर गई, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। प्रार्थना सभा के दौरान हुई इस घटना में 8 बच्चों की मौत हो गई है।  शिक्षा विभाग ने पांच शिक्षकों को निलंबित किया है। 

जानकारी के अनुसार स्कूल में हादसा उस वक्त हुआ जब प्रार्थना चल रही थी। हादसे के समय स्कूल के शिक्षक भवन के बाहर थे। जबकि छात्र स्कूल भवन के अंदर प्रार्थना कर रहे थे। इस वजह से शिक्षक हादसे का शिकार नहीं हुए हैं। इस हादसे में करीब 27 बच्चे घायल हुए हैं । इनमें से 8 की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल बच्चों को झालावाड़ के अस्पताल में भर्ती किया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। 

स्कूल की छत गिरने के बाद गांव वालों ने मलबे से बच्चों को निकालना शुरू किया। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद ली गई।  स्कूल की छत काफी समय से जर्जर हो रही थी और लगातार हो रही भारी बारिश के बाद छत के गिरने का अंदेशा भी बना हुआ था। इसके बाद भी इस पर ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा मासूम बच्चों की जान चली गई। गंभीर घायल बच्चों को झालावाड़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। मलबा हटाने में रेस्क्यू टीम के साथ ग्रामीण भी पूरी तरह से लगे रहे। झालावाड़ जिला कलक्टर अजय सिंह राठौर ने कहा कि सभी बच्चों को बाहर निकाल लिया गया है। इस हादसे में अब तक 8 बच्चों की मौत हो गई है। 

छत से टपकता था पानी फिर भी बच्चों को बैठाया गया
घटना के चश्मदीद बनवारी ने बताया कि  बच्चे स्कूल में जाकर बाहर वापस बाहर निकलने लगे थे। फिर उनको स्कूलों में जबरन अंदर भेजा गया। इसके बाद भवन की छत भरभराकर गिर गई। बच्चे उसी में दब गए। हम सब बचाने के लिए भागे। जैसे तैसे मलबा हटाकर बच्चों को निकालना शुरू किया। स्कूल जर्जर था। हम गांव वालों ने शिकायत भी की थी। स्कूल की छत से पानी टपकता था। शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद भी बच्चों को स्कूल में बैठाया जा रहा था। जिस कक्षा में हादसा हुआ उसमें करीब 30-35 बच्चे थे। शिकायत करने पर कहा कि पंचायत बनवाएगी भवन। सब एकदूसरे पर टालते रहे। 

हादसे की जांच करवाएंगे, जो भी दोषी होगा कार्रवाई करेंगे
एक तरफ गांव वाले भवन की खस्ताहालत के लिए शिकायत कर चुके थे। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन ने इस पर कार्रवाई नहीं की। ऐसा क्यों हुआ इस पर  झालावाड़ जिला कलक्टर अजय सिंह राठौर ने कहा कि इस तरह के हादसे भविष्य कभी न हों इसके लिए हम प्रयास करेंगे। शिक्षा विभाग को हमारे निर्देश थे कि कोई भी ऐसा विद्यालय हो जहां भी इस तरह का हादसा होने की संभावना हो तो हमें सूचित करें। इसके अलावा भी अगर कोई जर्जर भवन हो तो हमें सूचना दें। उसमें इस स्कूल का नाम नहीं था। अब इसकी जांच करवाएंगे, हादसे के क्या कारण थे। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई करवाएंगे। जो भी बच्चे मलबे में दबे हुए थे उनको निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया गया है।

Wednesday, July 16, 2025

'क्रूरता और सहिष्णुता का मिश्रण' था अकबर का शासन, एनसीईआरटी की 8वीं की किताब ने मुगलों का पन्ना खोला


नई दिल्ली: 
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने 8वीं क्लास की सोशल साइंस की किताब में कई सारे बदलाव किए हैं। इस किताब में दिल्ली सल्तनत और मुगल काल के दौरान 'धार्मिक असहिष्णुता' के कई उदाहरण बताए गए हैं। यह किताब छात्रों को मुख्य रूप से दिल्ली सल्तनत और मुगल काल के बारे में बताती है। इसमें बाबर को एक 'क्रूर और निर्दयी विजेता बताया गया है, जिसने नरसंहार किए। वहीं अकबर के शासन काल को 'क्रूरता और सहिष्णुता का मिश्रण' बताया गया है। जबकि, औरंगजेब के बारे में बताया गया है कि उसने मंदिरों और गुरुद्वारों को नष्ट किया।


दिल्ली सल्तनत और मुगलों के बारे में क्या लिखा?

NCERT ने 8वीं के लिए सामाजिक विज्ञान की किताब 'एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडियन एंड बियॉन्ड' का भाग 1 जारी किया है। यह किताब इस साल के शैक्षणिक सत्र में इस्तेमाल की जाएगी। यह किताब नई NCERT की किताबों में पहली है, जो छात्रों को दिल्ली सल्तनत और मुगल काल के बारे में बताती है। पहले 7वीं में छात्रों को 13वीं से 18वीं शताब्दी के बीच के इतिहास के बारे में बताया जाता था। लेकिन, NCERT ने कहा है कि भारतीय इतिहास का यह दौर, जिसमें दिल्ली सल्तनत, मुगल और मराठा शामिल हैं, अब केवल 8वीं क्लास में ही पढ़ाया जाएगा।

दिल्ली सल्तनत और मुगलों की क्रूरता की जानकारी

किताब के अध्याय 'रिशेपिंग इंडियाज पॉलिटिकल मैप' में 13वीं से 17वीं शताब्दी तक के भारतीय इतिहास को शामिल किया गया है। इसमें दिल्ली सल्तनत का उदय और पतन, विजयनगर साम्राज्य, मुगल और उनका प्रतिरोध और सिखों का उदय शामिल है। किताब के अध्यायों में बताया गया है कि सल्तनत काल राजनीतिक अस्थिरता और सैन्य अभियानों से भरा हुआ था। इन अभियानों में गांवों और शहरों को लूटा गया और मंदिरों और शिक्षा के केंद्रों को नष्ट कर दिया गया। सल्तनत और मुगलों के बारे में दिए गए अध्यायों में मंदिरों पर 'हमलों' और कुछ शासकों की 'क्रूरता' के बारे में कई बार जानकारी दी गई है।

'साक्ष्यों के आधार पर इतिहास को पेश किया'

NCERT की पुरानी 7वीं क्लास की किताब में इन बातों का जिक्र नहीं था। उस किताब में छात्रों को इतिहास के इसी दौर के बारे में बताया गया था। NCERT ने एक बयान में कहा है कि 'ये घटनाएं... (और कई अन्य) हुईं और उन्होंने भारतीय इतिहास पर अपनी छाप छोड़ी। उन्हें शामिल करने का कारण 'नोट ऑन सम डार्कर पीरियड इन हिस्ट्री' में बताया गया है। इतिहास का जो विवरण दिया गया है, वह इतिहास को साफ-सुथरा नहीं करता है, बल्कि संतुलित और पूरी तरह से साक्ष्यों पर आधारित है। 'नोट ऑन सम डार्कर पीरियड इन हिस्ट्री' के अलावा, एक अध्याय में एक चेतावनी भी डाली गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आज किसी को भी अतीत की घटनाओं के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। जोर इतिहास के प्रति एक ईमानदार दृष्टिकोण पर है, ताकि इससे बेहतर भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सबक सीखा जा सके।'

NCERT राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) 2023 के अनुसार स्कूल की नई किताबें प्रकाशित कर रहा है। अब तक क्लास 1 से 4 और क्लास 6 और 7 के लिए नई किताबें जारी की जा चुकी हैं। 5वीं और 8वीं के लिए किताबें अब उपलब्ध कराई जा रही हैं।

Thursday, July 10, 2025

MBBS Admission: 5 लाख सालाना की फीस में बनें डॉक्टर! MBBS करने का शानदार मौका


MBBS Admission, NEET 2025: अगर आप डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं और बजट भी चिंता का विषय है तो ये खबर आपके लिए है.भारत का पड़ोसी देश बांग्लादेश आपको 5 लाख रुपये सालाना में MBBS की डिग्री दिलाने का शानदार मौका दे रहा है. जी हां विदेश में मेडिकल एजुकेशन लेने का सपना अब महंगा नहीं रहा. आज हम आपको बताएंगे कि बांग्लादेश में MBBS करने का कितना खर्चा आएगा और इसके लिए आपको क्या-क्या करना होगा? हालांकि बीच में बांग्‍लादेश में राजनीतिक अस्‍थिरता और आंदोलनों के कारण यह जगह सेफ नहीं थी लेकिन अब हालात सामान्‍य हैं.

MBBS Admission 2025: बांग्लादेश क्यों है बेस्ट ऑप्शन?

विदेश में MBBS के लिए स्टूडेंट्स मध्य एशिया से लेकर यूरोप तक जाते हैं लेकिन बांग्लादेश खासा पॉपुलर है. हर साल हजारों युवा एमबीबीएस करने बांग्‍लादेश जाते हैं. इसकी सबसे बडी वजह है इसका भारत के बगल में होना है जिससे स्‍टूडेंटस को दूर देश जाने की टेंशन नहीं रहती है. यहां का एजुकेशन सिस्टम भारत जैसे ही है और 25% सीटें विदेशी स्टूडेंट्स खासकर भारतीयों के लिए रिजर्व हैं. नीट रिजल्ट आने के बाद जो स्टूडेंट्स विदेश का रास्ता देख रहे हैं उनके लिए बांग्लादेश एक अच्‍छा ऑप्‍शन हो सकता है.यहां की डिग्री NMC (नेशनल मेडिकल कमीशन)से मान्य है जिससे भारत में आसानी से प्रैक्टिस की जा सकती है.

MBBS in Bangladesh: बांग्‍लादेश से MBBS करने की शर्तें क्या हैं?

बांग्लादेश में MBBS की राह आसान है लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है-
– 12वीं साइंस स्ट्रीम (फिजिक्स,केमिस्ट्री,बायोलॉजी)से पास होना चाहिए.
– नीट एग्जाम पास करना अनिवार्य है क्योंकि बिना इसके एडमिशन नहीं मिलेगा.
– एडमिशन के समय आपकी उम्र 17 साल से कम नहीं होनी चाहिए.
– वैलिड पासपोर्ट होना जरूरी है.
– मेडिकल फिटनेस टेस्ट पास करना पड़ेगा.
– पढ़ाई अंग्रेजी में होती है तो इस भाषा में कम्फर्ट होना चाहिए.
कोर्स 6 साल का है-5 साल पढ़ाई और 1 साल इंटर्नशिप.

Monday, July 7, 2025

DSSSB Vacancy 2025: दिल्ली में निकली जेल वार्डर, PGT, टेक्नीशियन समेत ढेरों भर्तियां, 2119 पदों पर आज से आवेदन शुरू


 DSSSB Vacancy 2025: दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) ने दिल्ली सरकार के एनसीटी (NCT) के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विभागों में 2000 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।  इच्छुक और योग्य उम्मीदवार DSSSB की आधिकारिक वेबसाइट dsssbonline.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से पहले उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे विस्तृत अधिसूचना ध्यानपूर्वक पढ़ लें।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत 8 जुलाई 2025 को दोपहर 12:00 बजे से होगी। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 7 अगस्त 2025 की रात 11:59 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा, इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन पूरा कर लें।

आवेदन लिंकApply Online

आधिकारिक वेबसाइटhttps://dsssb.delhi.gov.in

पद का नामपद संख्या
मलेरिया इंस्पेक्टर37
आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट08
पीजीटी इंजीनियरिंग ग्राफिक्स (पुरुष)04
पीजीटी इंजीनियरिंग ग्राफिक्स (महिला)03
पीजीटी अंग्रेजी (पुरुष)64
पीजीटी अंग्रेजी (महिला)29
पीजीटी संस्कृत (पुरुष)06
पीजीटी संस्कृत (महिला)19
पीजीटी बागवानी (पुरुष)01
पीजीटी कृषि (पुरुष)05
घरेलू विज्ञान शिक्षक26
असिस्टेंट (ऑपरेशन थियेटर)120
टेक्नीशियन (ऑपरेशन थियेटर)70
फार्मासिस्ट (आयुर्वेद)19
वार्डर (केवल पुरुषों के लिए)1676
लैबोरेटरी टेक्नीशियन30
सीनियर साइंटिस्ट असिस्टेंट (रसायन विज्ञान)01
सीनियर साइंटिस्ट असिस्टेंट (सूक्ष्म जीव विज्ञान)01
कुल पद2119

किसे मिलेगा आवेदन का मौका?

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो इस भर्ती में 10वीं पास उम्मीदवारों से लेकर ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट तक के लिए पद उपलब्ध हैं। हर पद के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग है, जिसे उम्मीदवार DSSSB की आधिकारिक भर्ती अधिसूचना में जाकर विस्तार से देख सकते हैं।

इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष से शुरू होती है। अलग-अलग पदों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा 27 से 32 वर्ष तक निर्धारित की गई है। हालांकि, एससी/एसटी, ओबीसी दिव्यांग और अन्य आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के तहत अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।

DSSSB Selection Process 2025: चयन प्रक्रिया

इस भर्ती में चयन प्रक्रिया पदों के प्रकार के अनुसार अलग-अलग होती है। उम्मीदवारों का चयन वन-टियर सामान्य/तकनीकी या शिक्षण परीक्षाओं के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) होगी और यह 200 या 300 अंकों की हो सकती है, जिसमें प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.25 अंक की निगेटिव मार्किंग की जाएगी।

न्यूनतम योग्यता अंक (Cut-off):

  • सामान्य (General) और EWS वर्ग के लिए: कम से कम 40% अंक अनिवार्य
  • ओबीसी (दिल्ली) उम्मीदवारों के लिए: 35% अंक अनिवार्य
  • एससी,एसटी और PwBD वर्ग के लिए: 30% अंक अनिवार्य
  • भूतपूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) को उनकी श्रेणी के अनुसार 5% की अतिरिक्त छूट प्रदान की जाएगी।

कितना मिलेगा वेतन?

वेतनमान 19,900 रुपये से 1,51,100 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है, जो वेतन स्तर-6 के अंतर्गत आता है। यह पद ग्रुप 'बी' श्रेणी में शामिल है, जिसमें केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार अन्य भत्ते भी देय होंगे।

कैसे करें आवेदन?

  • सबसे पहले आप DSSSB की वेबसाइट dsssbonline.nic.in पर जाएं।
  • अब नई रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन करें।
  • जिस पद के लिए आवेदन करना है, उसे चुनें।
  • आवेदन फॉर्म भरें और दस्तावेज अपलोड करें।
  • इसके बाद, आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
  • अंत में फॉर्म सबमिट करके प्रिंटआउट निकाल लें।


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