Sunday, July 30, 2023

Mann Ki Baat 30 july 2023: पीएम मोदी ने किया उत्तराखंड से मिली इस खास भेंट का जिक्र, बताई जीवन की सबसे अमूल्य चीज



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के प्रसारण के लिए भाजपा जिला कार्यकारिणी की ओर से विभिन्न जगहों पर व्यवस्था की गई थी। गंगोलगांव में नगर पालिका अध्यक्ष पुष्पा पासवान और मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह राणा के साथ ही पार्टी कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद रहे। मन की बात में प्रधानमंत्री ने नीती-माणा की महिलाओं का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की ओर से भोजपत्र पर दी गई भेंट मेरे लिए जीवन की सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है। मैं इससे अभिभूत हूं।

रविवार को मन की बात में प्रधानमंत्री ने देश में हो रहे अभिनव प्रयोगों का जिक्र किया जिसमें खासतौर पर नीती-माणा की महिलाओं की ओर से भेजे गए भोजपत्र की भेंट का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि प्राचीन काल में हमारे शास्त्र और ग्रंथ इन्हीं भोजपत्र पर सहेजे जाते रहे हैं। आज देवभूमि की महिलाएं इस भोजपत्र पर बेहद सुंदर स्मृति चिह्न और कलाकृतियां बना रही हैं।

भोजपत्र की प्राचीन विरासत उत्तराखंड के जीवन में खुशहाली ला रही है। कहा कि उत्तराखंड सरकार भोजपत्र से नए-नए प्रोडक्ट तैयार करने के लिए प्रशिक्षण देने के साथ भोजपत्र की दुर्लभ प्रजातियों को संरक्षित करने का भी काम कर रही है। भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष डॉ. हिमानी वैष्णव ने बताया कि महिला मोर्चे की ओर से भी विभिन्न जगहों पर प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम को सार्वजनिक रुप से प्रसारित किया गया।

Tuesday, July 25, 2023

उत्तराखंड के साढ़े पांच साल के नन्हे बालक तेजस ने रच दिया इतिहास, बना विश्व का सबसे कम उम्र का शतरंज खिलाड़ी

 उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी यूकेजी में पढ़ने वाले साढ़े पांच साल के तेजस तिवारी विश्व के सबसे कम उम्र के फिडे रेटेड खिलाड़ी बन गए हैं। जून में निकली फिडे रेटिंग में उन्हें 1149वीं रेटिंग मिली है। फिडे ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया एकाउंट के जरिये फेसबुक पर तेजस तिवारी की उपलब्धि के बारे पोस्ट की है। इससे पहले वह उत्तराखंड के ''यंगेस्ट चेस प्लेयर'' का खिताब हासिल कर चुके हैं।


साढ़े तीन साल की उम्र से शतरंज खेल रहे तेजस ने हाल ही में रुद्रपुर में हुई प्रथम स्व. धीरज सिंह रघुवंशी ओपन फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता में चार ड्रा और दो जीत के साथ फिडे रेटिंग प्राप्त की है। मार्च-2022 में उत्तराखंड शतरंज संघ की ओर से आयोजित 16वीं उत्तराखंड स्टेट ओपन शतरंज प्रतियोगिता के अंडर-8 वर्ग में वह प्रथम स्थान प्राप्त कर उत्तराखंड स्टेट चैंपियन बने। दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक समित टिक्कू ने बताया कि तेजस के विश्व के सबसे कम उम्र के फिडे रेटेड खिलाड़ी बनने पर अंतरराष्ट्रीय शतरंज संघ फिडे की ओर से पुष्टि की गई है। यह राज्य और देश के लिए बड़ी उपलब्धि है।

पांच राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कर चुके हैं उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व

तेजस अब तक विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश में 2022 में हुई राष्ट्रीय अंडर-8 शतरंज प्रतियोगिता, भुवनेश्वर ओडिसा, अहमदाबाद गुजरात में अंडर-7 शतरंज प्रतियोगिता, 2022 में नई दिल्ली में हुई सब जूनियर और 2023 में होसुर तमिलनाडु में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और गोल्डन बॉय का खिताब भी ले चुके हैं।

पिता से सीखीं बारीकियां

सुभाषनगर हल्द्वानी निवासी तेजस को शतरंज की बारीकियां उनके पिता शरद तिवारी ने सिखाईं। शरद तिवारी का पहाड़ में अपना एनजीओ हैं। मां इंदु तिवारी ने भी तेजस को काफी प्रेरित किया। शरद तिवारी ने बताया कि वह काफी खुश हैं। मात्र साढ़े पांच वर्ष की आयु में ही देश के 12 राज्यों में खेलकर प्रतिभा का लोहा मनवा चुके तेजस की उपलब्धि पर एकेडमिक निदेशक स्मृति टिक्कू, स्कूल की प्रधानाचार्या प्रवलीन सलूजा वर्मा, शिक्षिका श्वेता पांडे, अंजना सतवाल, किशन तिवारी, नीरज साह ने खुशी जताई है।

Saturday, July 22, 2023

नैनीताल में शत्रु संपत्ति पर चला बुलडोजर, 134 अवैध मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी

उत्तराखंड की पर्यटन नगरी नैनीताल के मल्लीताल में राजा महमूदाबाद की शत्रु संपत्ति पर हुए अतिक्रमण को नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश और जिला प्रशासन के नोटिस के बाद हटाना शुरू कर दिया गया है। मेट्रोपोल में चिन्हित 134 अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण को बड़ी कार्रवाई सुबह से शुरू हो गई है। प्रशासनिक व पुलिस अफसरों की मौजूदगी में एक साथ दस बुलडोजर गरज रहे है। विरोध को आएका को देखते हुए नैनीताल में पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मेट्रोपोल में अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान कानून व्यवस्था न बिगड़े इसके व्यापक इंतजाम किए गए है। इलाके में पांच कंपनी पोएसी 80 सब इंस्पेक्टर 150 महिला कांस्टेबल समेत सैकड़ो की संख्या में सुरक्षाकर्मी मौके पर तैनात है। अब तक कई मकानों को जमीदोज किया जा चुका है। ध्वस्तीकरण को कार्रवाई से पूरे माहर में हलचल है।

बता दे नैनीताल हाईकोर्ट ने शत्रु संपत्ति मामले को सुनवाई करते हुए अतिक्रमणकारियों की याचिका को खारिज कर दी है। सुनवाई के दौरान अतिक्रमणकारी महमूद अली ताहिर समेत अन्य आठ की ओर से कहा गया कि वह सालो से मेट्रोपोल पर काबिज है। वहीं सरकार का पक्ष रखते हुए महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर व मुख्य स्थाई अधिवक्ता सोएस रावत ने कोर्ट को बताया कि पांच अगस्त 2010 को सरकार ने शत्रु संपत्ति पर कब्जा ते लिया था. जिसमे 116 कब्जाधारी भी शामिल थे। अब यह किस आधार पर वहां अपना कब्जा बता रहे है। अन इनकी संख्या बढ़कर 134 हो गई है। यह अवैध अतिक्रमणकारी है। इन्हें हटाने का आदेश पारित किया जाए। महाधिवक्ता के अनुसार कोर्ट में याचिकाकर्ताओं ने माना कि उनका कन्ना अवैध है।

कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद कब्जाधारियों ने प्रशासनिक व पुलिस अफसरों की मौजूदगी में शुक्रवार शाम खुद ही मकान खाली करने आरंभ कर दिए थे। वहीं खाली हो रहे मकानों पर प्रशासन ने तालाबंदी भी शुरू कर दी थी।

शुक्रवार को हाईकोर्ट से अतिक्रमणकारियों को याचिका खारिज होने के बाद प्रशासन व पुलिस ने चिन्हित घरों को खाली कराने का अभियान छेड़ दिया था। अतिक्रमण की जद में आये लोगों ने खुद हो घर खाली किये और सामान समेटकर अन्यत्र चले गए। रातभर अतिक्रमण की जद में आये लोगों ने अपने घरो को छत्तों को उखाड़ा। बारिश के बाद लोग चले गए। सुबह मौसम खुलने के बाद प्रशासन ने बुलडोजर मौके पर उतार कर ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया। जो लगातार जारी है।

क्या है शत्रु संपत्तिर

आजादी के बाद देगा से कई लोग पाकिस्तान में जाकर बस गए। इसके अलावा 1965 और 1971 के भारत- पाकिस्तान युद्ध को देखते हुए कई लोगों ने यहां से प्रवास किया। इन लोगों को देश छोड़ने के बाद उनकी प्रॉपर्टी छूट गई। ऐसी संपत्तियों को भारत सरकार ने शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया। इस संबंध में सरकार ने सितंबर 1959 में पहला आदेश जारी किया गया था। जबकि इस संबंध में दूसरा आदेश दिसंबर 1971 में जारी किया गया था।


WATCH VIDEO


CBSE : अब सभी भारतीय भाषाओं में होगी सीबीएसई की पढ़ाई, बोर्ड ने जारी किया सर्कुलर; शिक्षा मंत्री ने दी बधाई


नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपने स्कूलों से बहुभाषी शिक्षा को वास्तविकता बनाने के लिए शिक्षा के वैकल्पिक माध्यम के रूप में भारतीय भाषाओं का उपयोग करने पर विचार करने को कहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई के इस कदम की सराहना करते हुए बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि अपने सभी विद्यालयों में बालवाटिका से कक्षा 12वीं तक भारतीय भाषाओं में शिक्षा का विकल्प उपलब्ध कराने के लिए सीबीएसई को बधाई देता हूं। NEP की परिकल्पना के अनुरूप यह विद्यालयों में भारतीय भाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देगा। शिक्षा में बेहतर outcomes की दिशा में यह एक अच्छी शुरुआत है।

सीबीएसई के निदेशक (शैक्षणिक) जोसेफ इमैनुएल ने स्कूलों को लिखे एक पत्र में कहा, "बहुभाषावाद को शिक्षा का माध्यम बनाने के लिए कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन इनसे पार पाया जा सकता है। उपरोक्त चुनौतियों को देखते हुए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने कई उपाय किए हैं। इसमें सबसे प्रमुख बाधा संबंधित भाषा में शिक्षकों की उपलब्धता, बहुभाषिक पाठ्यपुस्तकें, समय सीमा आदि का जिक्र किया गया है।"

उन्होंने कहा, "स्कूल उपलब्ध संसाधनों का पता लगा सकते हैं, क्षेत्र के विशेषज्ञों से परामर्श कर सकते हैं और सीबीएसई स्कूलों में बहुभाषी शिक्षा को वास्तविकता बनाने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के लिए अन्य स्कूलों के साथ सहयोग कर सकते हैं।"

बोर्ड ने बहुभाषी शिक्षा के कार्यान्वयन और शिक्षा के माध्यम के रूप में मातृभाषा के उपयोग से उत्पन्न चुनौतियों पर ध्यान दिया, जिसमें बहुभाषी विषयों को पढ़ाने में सक्षम कुशल शिक्षकों की उपलब्धता, उच्च गुणवत्ता वाली बहुभाषी पाठ्यपुस्तकों का निर्माण और समय सीमा, विशेष रूप से दो-पाली वाले सरकारी स्कूलों में शामिल हैं।

सीबीएसई ने कहा, "एनसीईआरटी ने इस गंभीर कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया है ताकि अगले सत्र से सभी छात्रों को 22 अनुसूचित भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा सकें।"

स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कहा कि उच्च शिक्षा प्राधिकरण ने भी कई भाषाओं में शिक्षा प्रदान करना शुरू कर दिया है और विभिन्न भाषाओं में परीक्षा आयोजित कर रहा है। तकनीकी, चिकित्सा, व्यावसायिक, कौशल, कानून शिक्षा आदि की पाठ्यपुस्तकें अब भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हो रही हैं। सीबीएसई ने आगे कहा कि यह पहल स्कूलों के लिए बहुभाषी शिक्षा की नींव बनना महत्वपूर्ण बनाती है।

Friday, July 21, 2023

Education: जनवरी 2024 सत्र से 13 भारतीय भाषाओं में होगी चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई

 इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के तहत शैक्षणिक सत्र जनवरी 2024 से चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है।


इसमें ह्यूमैनिटीज, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम के सभी कोर्स शुरू शामिल होंगे। चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई 13 भारतीय भाषाओं में करवाने की तैयारी है। इसके लिए स्ट्डी मेटिरियल तैयार किया जा रहा है। खास बात यह है कि दुनिया की सबसे बड़ी दूरस्थ माध्यम (डिस्टेंस लर्निंग मोड) से पढ़ाई करवाने वाला इग्नू ऑनलाइन डिग्री के बाद अब स्किल इंडिया मिशन के तहत कौशल या व्यावसायिक शिक्षा को भी जोड़ने की तैयारी कर रहा है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 से सभी विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों को लागू करने का निर्देश दिया है। इसी के तहत इग्नू भी चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम तैयार कर रहा है। हालांकि सामान्य विश्वविद्यालयों की तुलना में दुनिया और देश के सबसे बड़े दूरस्थ माध्यम से पढ़ाई करवाने वाले विश्वविद्यालय यानी इग्नू का पाठ्यक्रम और कोर्स सब अलग होगा। इग्नू के विशेषज्ञ ह्यूमैनिटीज, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम के सभी कोर्स का स्ट्डी मेटिरियल तैयार करने में जुटे हुए हैं। यह स्टडी मेटीरियल भारतीय भाषाओं में होगा। हालांकि जनवरी 2024 से शुरू होने वाले चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के पहले चरण में छह से सात भाषाओं से शुरुआत होगी। अभी तक कुछ प्रोफेशनल और मैनेजमेंट (सिर्फ अंग्रेजी) के प्रोग्राम को छोड़कर अन्य सभी कोर्स का स्ट्डी मेटीरियल हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है। बीए, बीकॉम, बीएससी इन मेजर होगा नाम : चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम का नाम ह्यूमैनिटीज में बीए -इन-मेजर तो कॉमर्स में बीकॉम 

इन मेजर और साइंस स्ट्रीम में बीएससी-इन मेजर नाम होगा

छात्र के पास मल्टीपल एंट्री-एग्जिट का विकल्प होगा। एक साल की पढ़ाई में सर्टिफिकेट, दो साल में डिप्लोमा और तीन साल में बीए, बीकॉम या बीएससी इन मेजर की डिग्री मिलेगी। इग्नू कौशल या व्यावसायिक शिक्षा को जोड़ने की तैयारी कर रहा है। स्किल इंडिया मिशन और एनईपी 2020 के तहत कौशल या व्यावसायिक शिक्षा की पढ़ाई, ट्रेनिंग करवाई जाएगी। फिलहाल विश्वविद्यालय नृत्य, संगीत, नाट्यशाला, कंप्यूटर, ट्रांसलेशन, रेडियो, टेलीविजन राइटिंग कोर्स में इसकी शुरुआत करेेगा। क्योंकि विश्वविद्यालय के पास इसका सेटअप बना हुआ है। इसमें यूजीसी के दिशा-निर्देशों के तहत कौशल विकास व उद्यमिता मंत्रालय मदद करेगा।

Thursday, July 20, 2023

Kedarnath: गजब: केदारनाथ हेलीकॉप्टर टिकट के बदले 1400 करोड़ की ठगी, ऐसे हुआ बड़ा खुलासा


रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए साइबर ठगी के 3 आरोपियों को धर दबोचा। ये लोग केदारनाथ हेली सेवा के नाम पर लोगों को ठग रहे थे।

जांच में पता चला है कि पूरे देश में आरोपियों ने 1400 करोड़ से ज्यादा की ठगी की है। इनके खिलाफ 6100 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं। जबकि 280 से ज्यादा केस दर्ज हैं। दूसरे राज्यों के साथ-साथ ये लोग उत्तराखंड में भी लोगों को चूना लगा रहे थे। आरोपियों ने केदारनाथ हेली सेवा के नाम पर 41 फर्जी वेबसाइटें बनाई हुई थीं। जो भी इन पर टिकट बुक कराता, उससे रकम ऐंठने के बाद ये लोग पीड़ित को फर्जी टिकट दे दिया करते थे। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि आरोपी अब तक सैकड़ों लोगों को इसी तरह ठग चुके हैं।

आरोपियों ने 1400 करोड़ की धोखाधड़ी कर कई लोगों की मेहनत की कमाई लूट ली। एसटीएफ और साइबर सेल मामले की जांच कर रहे हैं। पकड़े गए आरोपी बिहार के नवादा निवासी हैं। आरोपियों के खिलाफ उत्तराखंड में 5, यूपी में 56, तेलंगाना में 112, दिल्ली में 18, गुजरात में 11, तमिलनाडु में 15, हरियाणा में 9, बिहार में 8, कर्नाटक में 8 और महाराष्ट्र में 7 केस दर्ज हैं। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि आरोपी हेलिकॉप्टर सेवा के नाम पर लोगों को ठग रहे थे। अब तक इन्होंने 1400 करोड़ की धोखाधड़ी की है। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कारवाई की जाएगी, उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी। Kedarnath helicopter ticket फ्रॉड गिरोह के बाकि सदस्यों की तलाश जारी है।

Wednesday, July 19, 2023

चमोली में बड़ा हादसा: बिजली आते ही रेलिंग में फैला करंट, पलक झपकते ही काल के मुंह में समा गईं 16 जिंदगियां


 उत्तराखंड के चमोली में बुधवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। चमोली बाजार के पास अलकनंदा नदी के किनारे नमामि गंगे प्रोजेक्ट की साइट पर अचानक करंट फैल गया। दर्दनाक हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई है। कई लोग बुरी तरह झुलसे हैं। मृतकों में पीपलकोटी चौकी प्रभारी प्रदीप रावत और होमगार्ड मुकंदीलाल भी शामिल हैं। चमोली आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं 11 लोग झुलसे हैं। जिसमें से छह लोगों को एम्स ऋषिकेश भेजा गया है। वहीं, पांच लोग जिला अस्पताल में भर्ती हैं।

जानकारी के अनुसार, चमोली में नमामि गंगे प्रोजेक्ट की साइट पर काम चल रहा है। बुधवार को जिस समय हादसा हुआ, उस वक्त साइट पर 24 लोग मौजूद थे, झुलसे से करीब 16 लोगों की मौत हुई है।

मीटर के तारों से फैला करंट

चमोली के ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता अमित सक्सेना ने बताया कि बीती रात को बिजली का तीसरा फेस डाउन हो गया था। बुधवार को सुबह तीसरे फेज को जोड़ा गया, जिसके बाद सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में करंट दौड़ गया। ट्रांसफार्मर से लेकर मीटर तक कहीं एलटी और एसटी के तार नहीं टूटे हैं, मीटर के बाद तारों में करंट दौड़ा है।

ऐसे हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि रात में यहां रहने वाले केयर टेकर का सुबह फोन नहीं लग रहा था। जिसके बाद परिजनों ने साइट पर आकर खोजबीन की। तब सामने आया कि केयर टेकर की करंट लगने से मौत हुई है। सूचना मिलते ही परिजनों के साथ कई ग्रामीण भी साइट पर पहुंच गए। जब वह यहां पहुंचे तो पुलिस मामले की जांच कर रही थी। इस दौरान वहां दोबारा से करंट फैल गया। जिसकी चपेट में कई लोग आ गए।

सीएम धामी ने दिए जांच के आदेश

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने करंट से लोगों की मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों को घटना की विस्तृत और गहन जांच के भी निर्देश दिए।  उन्होंने डीएम चमोली से घटना की जानकारी ली।


झुलसे लोगों को हेलिकॉप्टर से एम्स भेजा

सीएम धामी ने कहा कि झुलसे लोगों को देहरादून लाया गया है। उनके इलाज में कोई कमी नहीं होगी। उनके लिए हेलिकॉप्टर भेजा था। गंभीर रूप से झुलसे जल संस्थान के जेई संदीप मेहरा और सुशील कुमार समेत छह लोगों को हेलिकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश व अन्य को जिला अस्पतालों में भेजा गया है।

पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली घटना में मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपए और घायलों को एक-एक लाख रुपए की राहत राशि देने के निर्देश दिए हैं।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से चमोली घटना के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

मृतकों की सूची

1-उप निरीक्षक प्रदीप रावत चौकी पीपलकोटी।
2- होमगार्ड मुकंदे राम पुत्र श्यामदास  निवासी हरमानी चमोली  उम्र 55।
3- होमगार्ड गोपाल पुत्र माधव सिंह निवासी ग्राम रूपा चमोली  उम्र 57 वर्ष।
4- होमगार्ड सोबत लाल निवासी ग्राम पाडुली।
 5-सुमित पुत्र स्वर्गीय चंद्र सिंह अस्वाल निवासी ग्राम रांगतोली चमोली उम्र 25 वर्ष।
6- सुरेंद्र पुत्र विजय लाल निवासी हरमानी  चमोली उम्र उम्र 33।
7- देवी लाल पुत्र असील दास निवासी हर्मनी उम्र 45 वर्ष।
8- योगेंद्र सिंह पुत्र महिपाल सिंह निवासी हर्मनी।
9- सुरेंद्र सिंह रावत पुत्र स्वर्गीय गोपाल सिंह निवासी हर्मनी उम्र 38 वर्ष।
10- विपिन पुत्र सोबत निवासी पाटोली  गोपेश्वर उम्र 26 वर्ष।
11- मनोज कुमार निवासी हर्मनी उम्र 38 वर्ष।
12- सुखदेव पुत्र एलम दास ग्राम रंगतोली चमोली उम्र 33 वर्ष।
13- प्रमोद कुमार पुत्र सुदामा लाल निवासी हर्मनी।
14- दीपू कुमार पुत्र महेंद्र लाल निवासी हर्मनी  उम्र 33।
15- महिपाल पुत्र दुर्लप सिंह निवासी ग्राम रंगतोली उम्र 60 वर्ष।
16- गणेश पुत्र महेंद्र लाल 27 साल रंगतोली।

एम्स भेजे गए झुलसे लोगों की सूची 

1- संदीप मेहरा पुत्र सुलोचन लाल उम्र 34 वर्ष निवासी रुद्रप्रयाग जल संस्थान गोपेश्वर में कार्यरत।
2- सुशील पुत्र सुदामा लाल उम्र 27 वर्ष निवासी हरमनी गोपेश्वर चमोली।
3- आनंद पुत्र गम्मा लाल उम्र 42 वर्ष निवासी पाडूली गोपेश्वर चमोली।
4- नरेंद्र लाल पुत्र असील दास उम्र 35 वर्ष निवासी हरमनी गोपेश्वर चमोली।
5- सुभाष खत्री पुत्र दौलत खत्री उम्र 27 वर्ष निवासी रांगगतोली चमोली।
6- राम चंद्र पुत्र पुष्कर लाल उम्र 48 वर्ष निवासी खेनुरी गोपेश्वर चमोली।

Monday, July 17, 2023

ITR:फॉर्म 26एएस और सालाना कमाई के आंकड़ों में गलती तो खारिज हो जाएगा ITR, क्‍या-क्‍या मिलाना जरूरी, कैसे करेंगे सुधार

 


इनकम टैक्‍स रिटर्न (ITR) भरने का यह आखिरी महीना चल रहा है. आज से सिर्फ 14 दिन और बचे हैं रिटर्न दाखिल करने के लिए. अगर पिछली बार से तुलना की जाए तो अभी तक आधे लोगों ने ही अपना इनकम टैक्‍स रिटर्न भरा है. जाहिर है कि बाकी लोग कम समय होने की वजह से आपाधापी में यह काम पूरा करेंगे. इसी जल्‍दबाजी में कई गलतियां भी हो जाती हैं. खासकर नौकरीपेशा लोगों को यही लगता है कि फॉर्म 16 के जरिये ही रिटर्न भर जाएगा. लेकिन, अब कई बदलाव हो चुके हैं और सरकार ने फॉर्म 26एएस व सालाना कमाई का स्‍टेटमेंट यानी AIS का मिलान करना जरूरी कर दिया गया है.

रिटर्न भरते समय अब 26एएस और AIS की भी जरूरत पड़ती है. यह दोनों ही फॉर्म आपको इनकम टैक्‍स विभाग की वेबसाइट से मिल जाएंगे. इन दोनों दस्‍तावेजों की इम्‍पॉर्टेंस का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि अगर दोनों के आंकड़ों का मिलान सही नहीं होगा तो रिटर्न खारिज हो सकती है. ऐसे करदाता को दोबारा से संशोधित रिटर्न भरनी पड़ेगी. विभाग ने स्‍पष्‍ट कर दिया है कि रिटर्न भरे में दोनों ही फॉर्म की जरूरत होती है. टैक्‍सपेयर्स के टीडीएस और टीसीएस की जानकारी अब 26एएस में रहेगी और बाकी सभी जानकारी AIS में दी जाती है.

क्‍या फर्क है दोनों फॉर्म में
आयकर विभाग फॉर्म 26एएस का इस्‍तेमाल तो काफी लंबे समय से करता आ रहा है, लेकिन AIS के इस्‍तेमाल की शुरुआत जल्‍द हुई है. 26एएस में जहां किसी वित्‍तवर्ष के दौरान चुकाए टैक्‍स और लेनदेन का ब्‍योरा होता है. वहीं, AIS में आपके द्वारा भरे गए टैक्‍स के अलावा पूरे साल अलग-अलग माध्‍यम से होने वाली आमदनी, ब्‍याज, लाभांश, लांग टर्म प्रॉफिट और रिफंड समेत 46 तरह की सूचनाएं शामिल होती हैं.

दोनों में ज्‍यादा सही कौन-सा
इनकम टैक्‍स विभाग का कहना है कि अगर आपके कर भुगतान की कोई डिटेल 26एएस और AIS में अलग-अलग हो जाती है तो ऐसी स्थिति में पुरानी वाली व्‍यवस्‍था के तहत 26एएस को सही माना जाएगा. विभाग का कहना है कि AIS को अभी शुरू ही किया गया है, जिसमें लगातार सुधार किए जा रहे हैं. लिहाजा कोई मिसमैच होने पर 26एएस को ही सच माना जाएगा. वैसे इनकम टैक्‍स विभाग का दावा है कि दोनों फॉर्म में अंतर होने का चांस काफी कम है, क्‍योंकि सूचनाएं लगातार अपडेट होती रहती हैं.

AIS में गलती हो तो क्‍या करें
टैक्‍स एक्‍सपर्ट का कहना है कि कई करदाताओं के AIS फॉर्म में गलत ब्‍योरे पाए गए हैं. अगर ऐसा होता है तो करदाता को अपने वित्‍तीय लेनदेन का वैलिड डॉक्‍यूमेंट रखना जरूरी है. इन डॉक्‍यूमेंट के जरिये करदाता अपने फॉर्म AIS में सुधार कर सकते हैं. इसके लिए इनकम टैक्‍स विभाग के पोर्टल पर जाकर AIS सेक्‍शन में जाएं और डिटेल पर क्लिक कर फीडबैक के जरिये विभाग को इसकी सूचना दे सकते हैं, जिससे सुधार हो जाएगा.

फॉर्म 26एएस में कैसे करें सुधार
अगर करदाता के फॉर्म 26एएस में कोई गड़बड़ी होती है तो टैक्‍सपेयर्स को अपने नियोक्‍ता या टीडीएस काटने वाले अन्‍य संस्‍थानों से संपर्क कर इसमें सुधार के लिए कहना चाहिए. साथ ही अपने सीए के माध्‍यम से आयकर रिटर्न में भी सुधार किया जा सकता है. करदाता को इसके लिए लेनदेन के डॉक्‍यूमेंट भी पेश करने होंगे.

Sunday, July 16, 2023

Haridwar: टिहरी डैम से अतिरिक्त पानी छोड़ने के बाद भीमगोड़ा बैराज का गेट टूटा, गंगा चेतावनी रेखा के पार


टिहरी डैम से अतिरिक्ति पानी छोड़ने के साथ ही भीमगोड़ा बैराज का एक गेट टूट गया। इस वजह से गंगा जलस्तर भी चेतावनी रेखा के पार पहुंच गया। जिससे प्रशासन के अधिकारियों हड़कंप मच गया। गंगा के तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रखने की अपील कराई गई। ताकि उन्हें किसी भी आपदा से बचाया जा सके।

पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर निरंतर चेतावनी रेखा को छू रहा है। इससे गंगा के इलाकों के खेतों में पिछले दिनों गंगा नदी का पानी भी घुस गया था। लोगों का भारी नुकसान गंगा के पानी से हुआ था।

रविवार को गंगा में टिहरी डैम से अतिरिक्त पानी छोड़ने की सूचना प्रसारित की गई थी। दिन में पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया। जिससे सामान्य दिनों में जहां गंगा में 80 हजार क्यूसेक पानी चल रहा था। टिहरी डैम से पानी आने से गंगा में दो लाख 255 क्यूसेक तक पानी छोड़ा गया। हालांकि, इससे गंगा में पानी छोड़े जाने से कोई किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। अधिकारियों की निगाहें दिनभर गंगा के जलस्तर पर बना रहा।

लेकिन रविवार शाम को अचानक से भीमगोड़ा बैराज का गेट नंबर दस टूट गया। इससे गंगा का जलस्तर शाम सात बजे 293.15 मीटर पर पहुंच गया, जो चेतावनी रेखा के 293 मीटर से ऊपर है। उधर, गेट टूटने से जिला प्रशासन की ओर से गंगा के किनारों पर बसे इलाकों में अलर्ट घोषित कर दिया गया। जिससे पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ ही बाढ़ रात चौकियों पर तैनात कर्मचारियों की ओर से गंगा किनारों पर रहने वाले लोगों को एनाउंसमेंट कर सतर्क रहने की अपील की गई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत का कहना है कि गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को गंगा से दूर रहने के लिए कहा जा रहा है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां की गई हैं।
जलस्तर बढ़ने से यूपी में होगा नुकसान

गंगा का जलस्तर बढ़ने से उत्तराखंड के निचले इलाकों के साथ ही उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में भी नुकसान हो सकता है। जिसमें बिजनौर, बुलंदशहर आदि जिलों में गंगा का पानी क्षति पहुंचा सकता है। इसलिए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से संबंधित जिलों के अधिकारियों को भी अलर्ट कर दिया गया है।


गेट टूटने पर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नलिन वर्धन जवाब देने से बचते हुए नजर आए। उनसे जब भीमगोड़ा बैराज का फाटक टूटने की जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया गया है। इससे साफ है कि वह अपनी जिम्मेदारी के प्रति कितने लापरवाह हैं और उनकी कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।


भीमगोड़ा बैराग का एक फाटक टूटने के बाद गंगा किनारे बसें और निचले इलाकों में पुलिस ने मुनादी करवानी शुरू कर दी। टिहरी बांध से पानी छोड़ने की सूचना मिलने के बाद से ही पुलिस सुबह से लक्सर और आसपास के क्षेत्रों में मुनादी कराने में जुटी थी। देर शाम को बैराग का फाटक टूटने की जानकारी मिलते ही पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई। लक्सर, खानपुर के अलावा पुलिस ने श्यामपुर, पथरी आदि क्षेत्रों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया।

Saturday, July 15, 2023

Kanwar Yatra 2023: कांवड़ मेला 2023 संपन्न, 10 सालों का रिकॉर्ड टूटा, जानिए इस बार कितने करोड़ कांवड़िए जल लेने पहुंचे हरिद्वार


 Kanwar Yatra 2023: धर्मनगरी हरिद्वार में 4 जुलाई से शुरू हुये कांवड़ मेले का आज 15 जुलाई को सफल समापन हो गया है। इस बार कांवड़ियों की संख्या ने पिछले 10 सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। पिछले 12 दिनों में करीब 4 करोड़ 7 लाख शिव भक्त गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचे। इस बार कावड़ मेला पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा. इस बार खराब मौसम के चलते धर्मनगरी हरिद्वार में आने वाले कांवड़ियों के साथ ड्यूटी कर रहे सभी आता अधिकारियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा. एक और धर्मनगरी हरिद्वार के तक्सर क्षेत्र में आपदा जैसे हालात रहे. वहीं, दूसकी ओर कांवड़ियों के लिए व्यवस्थाएं बनाना, दोनों ही पुलिस प्रशान के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा

इस बार भी कांवड़ मेले में जल पुलिस की मुख्य भूमिका में रही. जल पुलिस ने इस बार 64 कांवड़ियों को गंगा में डूबने से बचाया गया. इसकी मॉनिटरिंग खुद हरिद्वार के एसएसपी अजय सिंह द्वारा की जा रही थी. इसमें एसडीआरएफ का भी सहयोग मिला. वहीं इस बार के कांवड़ मेले में पुलिस ने 667 खोये लोगों को उनके परिजनों से मिलाया.

कांवड़ मेला सकुशल संपन्न होने के बाद हरिद्वार एसएसपी अजय सिंह ने अपनी पूरी टीम के साथ भगवान शिव की ससुराल दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने देर शाम पूजा-अर्चना की जानकारी देते हुए हरिद्वार। एसएसपी अजय सिंह ने बताया इस बार कावड़ मेला काफी चुनौतीपूर्ण रहा. खराब मौसम के चलते आपदा जैसे हालात थे. अजय सिंह ने बताया हाईवे के दोनों साइड चलाना, कांवड़ पटरी का डाक कावड़ में उपयोग करना सभी निर्णय लाभकारी सिद्ध हुए, कावड़ मेलों के मुताबिक इस बार जाम की स्थिति ना के बराबर रही.

10 वर्षों का कांवड़ियों का विवरण

वर्ष

कांवड़ियों की संख्या

1. 20111    .52 करोड

2.2012        1.95 करोड

3. 2014        2.65 करोड़

4.2015        3.19 करोड

5.2016        3.23 करोड़

6. 2017        3.70 करोड़

7.2018        3.76 करोड

8.2019        3.30 करोड़

9.2022         3.80 करोड़

10.2023        4.07 करोड़

पुलिस महानिदेशक ने उत्तराखंड पुलिस को दी बधाई

कांवड़ मेला 2023 सकुशल संपन्न होने पर पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड ने समस्त उत्तराखंड पुलिस को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये मेला उत्तराखंड पुलिस के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण है तथा इस वर्ष भारी बारिश और बाढ़ से चुनौती और भी कठिन थी। हमारे 80 परसेंट ऑफिसर्स और 60 परसेंट फोर्स इस मेला को सकुशल संपन्न कराने में लगी थी।

IIT दिल्ली अब अबूधाबी में खोलेगा कैंपस, UAE में PM मोदी की मौजूदगी में हुए MoU साइन

 


केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में आईआईटी दिल्ली का अबू धाबी परिसर स्थापित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर से भारतीय शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण का एक नया अध्याय शुरू होगा.’’

शिक्षा मंत्रालय और अबू धाबी के शिक्षा एवं ज्ञान विभाग (एडीईके) ने खाड़ी देश में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) का परिसर स्थापित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दौरे के दौरान समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. यह कदम आईआईटी को वैश्विक बनाने के अभियान का हिस्सा है. आईआईटी दिल्ली दूसरा आईआईटी है, जिसने देश के बाहर परिसर स्थापित करने की घोषणा की है. आईआईटी मद्रास ने पिछले हफ्ते तंजानिया के जंजीबार में अपना परिसर स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने यह जानकारी देते हुए ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में आईआईटी दिल्ली का अबू धाबी परिसर स्थापित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर से भारतीय शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण का एक नया अध्याय शुरू होगा.''

उन्होंने कहा, ‘‘नए भारत के नवोन्मेष और विशेषज्ञता का उदाहरण यूएई स्थित आईआईटी दिल्ली परिसर, भारत और यूएई की दोस्ती की इमारत होगा. यह एनईपी (नयी शिक्षा नीति) में की गई परिकल्पना के अनुसार पारस्परिक समृद्धि और विश्व कल्याण, दोनों के लिए ज्ञान की शक्ति का लाभ उठाने के मकसद से एक नया खाका तैयार करेगा.''

परास्नातक पाठ्यक्रम अबू धाबी परिसर में अगले साल जनवरी से उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि स्नातक स्तर के कार्यक्रम सितंबर से उपलब्ध होंगे. शैक्षणिक कार्यक्रम और अध्यापन पद्धति आईआईटी दिल्ली के अनुसार होगी और डिग्री भी आईआईटी दिल्ली द्वारा ही दी जाएगी.

आईआईटी दिल्ली ने एक बयान में कहा, ‘‘2022 की शुरुआत में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुए समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) में संयुक्त अरब अमीरात में एक आईआईटी परिसर की स्थापना की परिकल्पना की गई थी. शिक्षा मंत्रालय ने देश के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अपने प्रयासों को उचित समय पर लागू करने के लिए आईआईटी दिल्ली को चिह्नित किया.''

आईआईटी दिल्ली-अबू धाबी को आईआईटी दिल्ली का एक शोध केंद्र वाला परिसर बनाने की परिकल्पना की गई है जो स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट की डिग्री प्रदान करेगा.

उत्तराखंड आकर 150 मीट्रिक टन कूड़ा छोड़ गए कांवड़िए, अब महामारी फैलने का खतरा


हरिद्वार: सावन की शिवरात्रि के साथ ही कांवड़ यात्रा का समापन हो गया। हरिद्वार पहुंचे कांवड़ यात्री भी वापस लौटने लगे हैं, लेकिन जाने से पहले भोले के भक्तों ने मोक्षनगरी हरिद्वार को जो दर्द दिया है, उसके लिए इन्हें कतई माफ नहीं किया जा सकता।

हरिद्वार में करोड़ों की तादाद में पहुंचे कांवड़ यात्री हरे-भरे पहाड़ों के लिए मशहूर उत्तराखंड में कचरे का पहाड़ छोड़ गए हैं। आस्था में डूबे कांवड़ियों ने शहर की सफाई का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा। हरिद्वार गंगाजल लेने पहुंचे चार करोड़ से अधिक कांवड़ तीर्थयात्रियों ने न सिर्फ जमकर कूड़ा फैलाया, बल्कि सड़कों के साथ-साथ गंगा नदी को भी कचरे से पाट कर चले गए। कांवड़ यात्री अपने पीछे गंगा और गंगा घाट में डेढ़ सौ मीट्रिक टन से अधिक कूड़ा छोड़कर गए हैं। जिससे हरकी पैड़ी सहित क्षेत्र के सभी गंगा घाटों में भारी गंदगी के साथ बदबू फैली हुई है।

कूड़े में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित श्रेणी की पॉलिथीन भी है, जिन्हें गंगा घाटों और गंगा में छोड़ दिया गया है। बारिश के मौसम में ये कचरा संक्रामक रोग फैलने की वजह बन सकता है। नगर निगम और अन्य स्वयंसेवी संस्थाएं अपने-अपने संसाधनों से इसकी सफाई में लगी हैं। बावजूद इसके माना जा रहा है कि पूरी तरह से सफाई करने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। तब तक गंगा स्नान को यहां आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को इसी गंदगी में रहना होगा। बता दें कि 4 जुलाई से शुरू हुई कांवड़ यात्रा का आज समापन हो गया। इस दौरान अब तक चार करोड़ से ज्यादा कांवड़ यात्री हरिद्वार पहुंचे, ये अब जलभर कर वापस लौटने लगे हैं, लेकिन अपने पीछे कचरे के पहाड़ छोड़ गए हैं।

Friday, July 14, 2023

CBSE Board Exam 2024: 15 फरवरी से शुरू होंगी सीबीएसई बोर्ड 10वीं, 12वीं की परीक्षाएं, नोटिस जारी


CBSE Board Exam 2024: सीबीएसई बोर्ड 10वीं, 12वीं की परीक्षाओं की तिथि घोषित हो गई है। दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं 15 फरवरी, 2023 से शुरू होंगी और अप्रैल तक चलेंगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) ने इस संबंध में ऑफिशियल नोटिफिकेशन cbse.gov.in भी जारी किया है। इसके मुताबिक, “शैक्षणिक वर्ष 2023-24 के लिए सीबीएसई 15 फरवरी 2023 से कक्षा 10 और 12 के लिए बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करेगा। ये परीक्षाएं लगभग 55 दिनों की अवधि के लिए आयोजित की जाएंगी और 10 अप्रैल 2024 तक समाप्त होने की उम्मीद है। ऐसे में इस कक्षाओं में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को सलाह दी जाती है कि वे ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर एग्जाम डेट के नोटिस को डाउनलोड कर लें।


CBSE Board Exam 2024:

नोटिफिकेशन डाउनलोड करने के लिए फाॅलो करें ये स्टेप्स


सबसे पहले उम्मीदवार सीबीएसई की आधिकारिक साइट cbse.gov.in पर जाएं। इसके बाद, होम पेज पर उपलब्ध सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2024 नोटिस पर क्लिक करें। इसके बाद अब एक नई पीडीएफ फाइल खुलेगी, जहां उम्मीदवार विवरण देख सकते हैं। अब पेज डाउनलोड करें और आगे के लिए उसकी एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें।

BREAKING NEWS: उत्तराखंड में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, होटल में पकड़े गए 24 लड़के-लड़कियां


रुद्रपुर: उत्तराखंड के यूएसनगर जिले में देह व्यापार का घटिया धंधा दिनरात फलफूल रहा है। ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम के सक्रिय होने के बावजूद भी यहां आरोपी धड़ल्ले से सैक्स रैकेट का संचालन कर रहे हैं। हाल ही में यूएसनगर में स्थित होटल एएसडीआर में पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने छापेमारी की और यहां पुलिस ने देह व्यापार का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने छापेमारी के दौरान मौके से 24 युवक-युवतियों को पुलिस ने पकड़ लिया। उनकी आइडी और होटल का पंजीकरण रजिस्टर चेक करने के बाद पुलिस ने सबके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है।युवकों के साथ मिली लड़कियां नाबालिग हैं या बालिग, इसकी जांच के लिए स्वजन से संपर्क कर दस्तावेज मंगवाए गए हैं। वहीं होटल संचालक मुखर्जी नगर दिल्ली निवासी आरेंद्र और होटल कर्मी अल्मोड़ा निवासी जगदीश के विरुद्ध भी अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

दरअसल पुलिस को लंबे वक्त से सूचना मिल रही थी कि रवींद्रनगर स्थित होटल में देह व्यापार संचालित हो रहा है। मौका मिलते ही गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि रवींद्रनगर स्थित होटल एएसडीआर में कई युवक-युवतियां मौजूद हैं। अनैतिक कार्य की आशंका के चलते थानाध्यक्ष ट्रांजिट कैंप सुंदरम शर्मा, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट प्रभारी बसंती आर्या, आवास विकास चौकी प्रभारी नीमा बोहरा पुलिस कर्मियों के साथ होटल पहुंचे। पुलिस टीम ने होटल के कमरों में रुके 24 से अधिक युवक-युवतियों को पकड़ लिया और उनके आइडी कार्ड जब्त कर लिए। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि होटल में युवक और किशोरियों के होने की सूचना पर कार्रवाई की गई है। होटल मैनेजर समेत सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

Thursday, July 13, 2023

PM Modi France Visit: पीएम मोदी को मिला फ्रांस का सर्वोच्च सम्मान, पहले भारतीय बनकर रचा इतिहास

 


फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने PM Modi को ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर से सम्मानित किया। फ्रांस द्वारा दिया गया यह सम्मान पीएम मोदी को विभिन्न देशों द्वारा दिए गए शीर्ष अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों और सम्मानों की श्रृंखला में एक और सम्मान है। इससे पहले जून 2023 में मिस्र द्वारा ऑर्डर ऑफ द नाइल से भी पीएम मोदी को किया गया था सम्मानित।

नई दिल्ली, एएनआई। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम नरेंद्र मोदी को ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर से सम्मानित किया। यह सैन्य या नागरिक आदेशों में सर्वोच्च फ्रांसीसी सम्मान है। पीएम मोदी यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अद्वितीय सम्मान के लिए राष्ट्रपति मैक्रों को धन्यवाद दिया।



विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक ट्वीट में कहा, "भारत-फ्रांस साझेदारी की भावना का प्रतीक एक गर्मजोशी भरा कदम। पीएम नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा फ्रांस के सर्वोच्च पुरस्कार ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया।" पीएम मोदी से पहले दुनिया के कई नेताओं को इस सम्मान से सम्मानित किया गया है। पीएम मोदी से पूर्व दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, वेल्स के तत्कालीन राजकुमार किंग चार्ल्स, जर्मनी के पूर्व चांसलर एंजेला मर्केल को भी यह सम्मान मिल चुका है।

कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजे गए है पीएम मोदी

फ्रांस द्वारा दिया गया यह सम्मान पीएम मोदी को विभिन्न देशों द्वारा दिए गए शीर्ष अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों और सम्मानों की श्रृंखला में एक और सम्मान है। इनमें जून 2023 में मिस्र द्वारा ऑर्डर ऑफ द नाइल, मई 2023 में पापुआ न्यू गिनी द्वारा कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू, मई 2023 में कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी, मई 2023 में पलाऊ गणराज्य द्वारा एबाकल पुरस्कार शामिल हैं 

Chandrayaan-3 Launch Live Streaming: चांद पर उड़ान भरने को तैयार चंद्रयान-3, जानें कब और कहां देख सकते हैं लाइव



Live Streaming Chandrayaan-3 Launch: 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के इस चंद्र मिशन से पूरे देश को काफी उम्‍मीदें हैं. देश को गौरवांवित करने वाले इस क्षण के अगर आप भी साक्षी बनना चाहते हैं तो जा‍निए कैसे आप चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग को लाइव देख सकते हैं.

Chandrayaan-3 Launch Date and Time:

मिशन चंद्रयान-3 चांद पर उड़ान भरने को पूरी तरह से तैयार है. 14 जुलाई शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से दोपहर 02:35 बजे इसे लॉन्‍च किया जाएगा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के इस चंद्र मिशन से पूरे देश को काफी उम्‍मीदें हैं. अगर आप चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग को लाइव देखना चाहते हैं तो यहां जान लीजिए इसका तरीका.

कहां और कैसे देखें लाइव स्‍ट्रीमिंग
Chandrayaan-3 मिशन के लैंडर, रोवर और प्रपल्शन मॉड्यूल को ले जाने वाले एलएमवी-3 के लॉन्‍च को इसरो की वेबसाइट और आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा. 14जुलाई को आप यहां चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग को लाइव देखकर गौरवांवित कर देने वाले पल के साक्षी बन सकते हैं. चंद्रयान-3 के 23 या 24 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने की उम्मीद है.

👉LINK - LIVE TELECAST

(DIRECT LIVE AT 2.00 PM)

क्‍या है हार्ड और सॉफ्ट लैंडिंग
चंद्रमा की सतह पर किसी अंतरिक्ष यान की लैंडिंग दो तरीके से होती है हार्ड और सॉफ्ट. हार्ड लैंडिंग में अंतरिक्ष यान सतह पर क्रैश करता है. वहीं सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान अंतरिक्ष यान की गति को धीरे-धीरे कम करके सतह पर उतारा जाता है. अब तक चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने में सिर्फ तीन देशों अमेरिका, रूस और चीन को ही कामयाबी मिली है. अगर भारत का ये मिशन सफल हो जाता है तो भारत का भी नाम इस लिस्‍ट में शामिल हो जाएगा.

इसरो का तीसरा चंद्र मिशन
बता दें कि इसरो का ये तीसरा चंद्र मिशन है. चंद्रयान-1 को साल 2008 में सफलतापूर्वक लॉन्च किया था, तब इसरो ने चंद्रमा की सतह पर पानी के अणुओं की खोज की थी. इसके बाद साल 2019 में चंद्रयान-2 सितंबर, 2019 में चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के अंतिम क्षणों में हार्ड क्रैश कर गया था. चंद्रयान की नाकामयाबी से मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों को भी काफी निराशा हुई थी. चंद्रयान-3 मिशन, चंद्रयान-2 का फॉलोअप है. चंद्रयान-2 मिशन जिन वजहों से कामयाब नहीं हो सका, उन वजहों को बारीकी से अध्‍ययन करने के बाद चंद्रयान 3 को कई स्‍तर पर अपग्रेड किया गया है, ताकि इस बार मिशन की सफलता को सुनिश्चित किया जा सके.

Flood in Roorkee: एक्शन में सीएम धामी, ट्रैक्टर और राफ्ट में बैठकर किया प्रभावित इलाकों का निरीक्षण

 



कई दिनों से हो रही बारिश के चलते रुड़की के खानपुर क्षेत्र में बुधवार को दो जगह तटबंध टूटने से बाढ़ आ गई। गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खानपुर और लक्सर समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे। इस दौरान हर तरफ भरे पानी के बीच सीएम धामी ट्रैक्टर और राफ्ट में बैठकर गांवों में पहुंचे।

उन्होंने कहा कि यहां जलभराव काफी ज्यादा हो गया है। लोगों के घरों में पानी चला गया है। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो उसका ध्यान रखा जा रहा है। पानी निकलने के बाद यहां बिजली सेवा बहाल की जाएगी। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

बता दें कि रुड़की में अतिवृष्टि से शहर से लेकर देहात तक हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। लक्सर और लंढौरा क्षेत्र में एक दिन पहले सोलानी नदी का तटबंध टूटने के बाद बुधवार को खानपुर के इदरीशपुर में बाण गंगा नदी पर बना तटबंध भी टूट गया।

Visitor counter