Saturday, November 30, 2024

किसने किया केजरीवाल पर हमला?: AAP ने दिखाए सबूत, मुख्यमंत्री आतिशी से लेकर मंत्री तक ने बताई हत्या की साजिश


 आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हुए हमले के बाद से राजधानी में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आप ने इसे भाजपा की साजिश करार देते हुए कहा कि ग्रेटर कैलाश में आज जो हमला उनके ऊपर हुआ है वो भाजपा का कार्यकर्ता है। जिसका नाम अशोक कुमार झा है। आप ने प्रमाण के तौर पर उसका सदस्यता पत्र भी जारी किया है। 

भाजपा हारने लगी तो जान से मारेंगे?
मुख्यमंत्री आतिशी ने ट्वीट कर लिखा, लिखा भाजपा हारने लगी तो जान से मारेंगे? साथ ही अशोक कुमार झा की फोटो शेयर की है। इसके अलावा उन्होंने लिखा, आज दिन दहाड़े भाजपा के कार्यकर्ता ने अरविंद केजरीवाल पर हमला किया। दिल्ली का चुनाव तीसरी बार हारने की बौखलाहट भाजपा में दिख रही है। भाजपा वालों दिल्ली के लोग ऐसी घटिया हरकतों का बदला लेंगे। पिछली बार 8 सीटें आयीं थीं, इस बार दिल्ली वाले भाजपा को जीरो सीट देंगे।

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सौरभ भारद्वाज का खुलासा
दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि यह अशोक कुमार भाजपा का आदमी है। हमने उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल को एक्सेस किया है। वे पीएम नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ, संगीत सोम और बांसुरी स्वराज समेत अन्य लोगों को फॉलो करते है। हमें उनके प्रोफाइल पर उनका बीजेपी आईडी कार्ड भी मिला है। वे पार्टी के आधिकारिक सदस्य हैं।

सौरभ भारद्वाज ने कहा, भाजपा नेता सभी राज्यों में रैलियां करते हैं, उन पर कभी हमला नहीं होता। अरविंद केजरीवाल पर लगातार हमले हो रहे हैं। भाजपा ने नांगलोई में उन पर हमला किया। छतरपुर में उन पर हमला हुआ। दिल्ली में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है और केंद्र सरकार और गृह मंत्री कुछ नहीं कर रहे हैं।

क्या केजरीवाल को जान से मारना चाहती है भाजपा
आप ने कहा कि यह बीते 35 तीन में तीसरा हमला है। इससे पहले 25 अक्तूबर को विकासपुरी, 27 नवंबर को नांगलोई और आज 30 नवंबर को ग्रेटर कैलाश में हमला हुआ है। क्या बीजेपी केजरीवाल को जान से मारना चाहती है? हमला करने वालों पर क्यों कोई कार्रवाई नहीं होती?
होती?
 

अमित शाह पर केजरीवाल का वार
केजरीवाल ने ट्वीट कर अमित शाह पर हमला बोलते हुए लिखा, अमित शाह जी, मुझे रोकने से क्या होगा, दिल्ली से क्राइम रोकिए। क्या मुझे रोकने से दिल्ली में अपराध कम हो जाएगा? मुझे रोकने से क्या दिल्ली में खुलेआम शूट-आउट होने बंद हो जाएंगे? क्या दिल्ली की महिलाएं सुरक्षित हो जाएंगी? क्या दिल्ली के व्यापारी सुरक्षित हो जाएंगे?

सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंचशील में हत्या से कुछ ही दिन पहले ग्रेटर कैलाश में एक जिम मालिक की बाइक सवार बदमाशों ने सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी। पूरी दिल्ली में व्यापारियों, दुकानवालों और उद्योगपतियों को फिरौती के लिए फोन आ रहे हैं। दिल्ली में काम करना मुश्किल होता जा रहा है। महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। बेटी घर से निकलकर कॉलेज जाती है और मां-बाप का दिल धक-धक करता रहता है कि पता नहीं ठीक-ठाक वापस आएगी या नहीं।

केजरीवाल ने ग्रेटर कैलाश में की पद यात्रा
अरविंद केजरीवाल का कहना है कि दिल्ली का पंचशील पार्क को एक तरह से दिल्ली का सबसे पॉश एरिया माना जाता है। अभी दो-चार दिन पहले यहां एक परिवार में 64 साल के बुजुर्ग की गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई। मुलाकात के दौरान उनका पूरा परिवार बहुत दुख और सदमे में दिखा। केजरीवाल शनिवार ग्रेटर कैलाश में पदयात्रा के दौरान लोगों से बात कर रहे थे। इससे पहले पंचशील पार्क के पीड़ित परिवार से भी मुलाकात की।

भाजपा रही नाकाम
अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, दिल्ली की जनता ने 10 साल पहले उनको अच्छे स्कूल बनाने की जिम्मेदारी दी थी। अच्छी बिजली का इंतजाम करने को कहा था। अस्पताल का इंतजाम करने को कहा। आप की सरकार ने जगह-जगह मोहल्ला क्लीनिक खोले, दवाइयां और इलाज फ्री कर दिया। वहीं, दूसरी तरफ दिल्ली की जनता ने केंद्र सरकार और भाजपा को दिल्ली की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी थी। केजरीवाल का आरोप है कि भाजपा इसमें एकदम से नाकाम रही है।

कानून व्यवस्था की तरह कहीं स्कूल-अस्पताल और बिजली का न हो जाए हाल बुरा
अरविंद केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि वह आने वाले चुनाव में भाजपा को वोट न दें। नहीं तो कानून व्यवस्था की तरह दिल्ली के स्कूलों, अस्पतालों व बिजली का हाल भी बुरा होगा। इस दौरान केजरीवाल ने भाजपा शासित 20 राज्यों का हवाला देते हुए वहां पर बुनियादी सुविधाओं के बदतर होने के आरोप लगाया। आखिर में केजरीवाल ने कहा कि अब दिल्ली की माताओं-बहनों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली की हर महिला के खाते में हजार-हजार रुपये महीने डलवाने वाली योजना दिल्ली सरकार जल्दी ही पास करने वाले हैं। 18 साल से ऊपर जितनी भी महिलाएं हैं, हर महीने उनके अकाउंट में पैसा आया करेगा। वो योजना जल्द ही शुरू होने वाली है।
 

Tuesday, November 26, 2024

Uttarakhand : हरिद्वार को छोड़कर 7,477 ग्राम पंचायतों की कमान आज से प्रशासकों के हाथ, नियुक्ति के आदेश



उत्तराखंड के हरिद्वार जिले को छोड़कर अन्य 7,477 ग्राम पंचायतों में बुधवार शाम से प्रशासक नियुक्त कर दिए जाएंगे। ग्राम पंचायतों में सहायक विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायतों का प्रशासक बनाया जाएगा, जबकि क्षेत्र पंचायतों में 29 नवंबर से प्रशासक नियुक्ति किए जाएंगे। शासन ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।


सचिव चंद्रेश कुमार के जारी आदेश के मुताबिक, हरिद्वार जिले को छोड़कर राज्य की समस्त गठित ग्राम पंचायतों का 27 नवंबर को कार्यकाल समाप्त हो रहा है। जिनमें नई ग्राम पंचायतों के गठन या कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से छह महीने के भीतर जो भी पहले हो प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे।

जिलों के विकासखंड के सहायक विकास अधिकारी पंचायत को प्रशासक नियुक्त करने के लिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को अधिकार दिया गया है। डीएम की ओर से नियुक्त प्रशासक निर्वाचित ग्राम पंचायत के कार्यकाल की समाप्ति पर ग्रहण करेंगे, जो नीतिगत निर्णय नहीं लेंगे एवं सामान्य रुटीन कार्यों को ही कर सकेंगे।

जबकि, क्षेत्र पंचायतों में हरिद्वार जिले को छोड़कर अन्य सभी जिलों की क्षेत्र पंचायतों में 29 नवंबर से प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे। प्रशासक के रूप में एसडीएम को नियुक्त किया जाएगा। इसके लिए भी जिलाधिकारियों को अधिकार दिया गया है।

बुधवार शाम ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होते ही प्रशासकों को नियुक्त कर दिया जाएगा। शासन ने जिलाधिकारियों को इसके लिए अधिकार दिया है।
-निधि यादव, निदेशक पंचायतीराज

Friday, November 22, 2024

यूपी में राजकीय डिग्री कॉलेज बनेंगे 71 नए महाविद्यालय, होंगी 2556 भर्तियां; कैबिनेट मीटिंग में प्रस्ताव को मिली मंजूरी




राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में 71 नए महाविद्यालयों को राजकीय डिग्री कॉलेज के रूप में संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री की घोषणा वाले, राज्य सेक्टर के अतिरिक्त विभिन्न राज्य विश्वविद्यालयों के 17 संघटक कॉलेज भी इसमें शामिल हैं।

अब इन नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में 71 प्राचार्यों, 1136 असिस्टेंट प्रोफेसर, 639 तृतीय श्रेणी कर्मचारी और 710 चतुर्थ श्रेणी के पदों का सृजन किया गया है। जल्द इन कॉलेजों में भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

24 में 23 प्रस्तावों को मिली मंजूरी
गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 24 प्रस्ताव रखे गए। इनमें से 23 प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि जिन 71 नए महाविद्यालयों को राजकीय डिग्री कॉलेज के रूप में संचालित किया जाएगा उनमें विभिन्न राज्य विश्वविद्यालयों के 17 संघटक कॉलेज भी हैं।



इन संघटक महाविद्यालयों पर विश्वविद्यालयों का पूर्ण प्रशासकीय, वित्तीय व शैक्षणिक नियंत्रण होता है। राज्य विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित कार्यक्रमों के अतिरिक्त अपने संसाधनों का उपयोग करते हुए इन संघटक महाविद्यालयों को संचालित कर रहे हैं। यहां नियुक्त शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी राज्य सरकार के कर्मचारी नहीं होते। विश्वविद्यालयों ने संसाधनों के अभाव में संघटक महाविद्यालयों के संचालन में असमर्थता जताई है।

ऐसे में मूल्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए इन संघटक डिग्री कॉलेजों के साथ-साथ मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत बनाए गए और राज्य सेक्टर के अंतर्गत निर्मित व निर्माणाधीन इन कॉलेजों को राजकीय कॉलेज के रूप में संचालित किया जाएगा।

राज्य सरकार के इस निर्णय से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल करने में आसानी होगी। विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध संसाधनों, पाठ्यक्रम और सीटों में बढ़ोतरी होगी। जो 71 नए राजकीय डिग्री कॉलेज संचालित किए जाएंगे उनमें प्रत्येक में एक-एक प्राचार्य, 16-16 असिस्टेंट प्रोफेसर, नौ-नौ तृतीय श्रेणी कर्मचारी और 10-10 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद सृजित किए गए हैं। प्रदेश में युवाओं को राेजगार का अवसर भी मिलेगा। फिलहाल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को नए अवसर मिलेंगे।

अब 8.26 लाख आबादी पर एक राजकीय डिग्री कॉलेजउच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि अभी देश में लगभग 1.52 लाख जनसंख्या पर एक राजकीय महाविद्यालय संचालित है। वहीं, उत्तर प्रदेश में 11.70 लाख जनसंख्या पर एक राजकीय डिग्री कॉलेज संचालित है।

राज्य सरकार के इस निर्णय से प्रदेश की स्थिति में सुधार होगा। अब 8.26 लाख जनसंख्या पर एक राजकीय डिग्री कॉलेज होगा। अभी यूपी का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) 24.1 प्रतिशत है। वर्ष 2035 तक जीईआर को 50 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।

Monday, November 18, 2024

शिक्षकों को सीएम नीतीश की सौगात, कल 140000 शिक्षकों को बांटेंगे नियुक्ति पत्र



बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की आस लगाए बैठे अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर से बड़ी संख्या में सक्षमता पास शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने वाले हैं. दरअसल बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि सक्षमता पास एक लाख 40 हजार शिक्षकों को 20 नवंबर को नियुक्ति पत्र दिया जायेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देंगे. नियुक्ति पाने के बाद सभी सक्षमता पास करनेवाले शिक्षकों सरकारी कर्मी का दर्जा मिल जाएगा.

शिक्षा मंत्री ने कहा कि सक्षमता पास करने के लिए शिक्षकों को पांच बार मौका दिया जा रहा है. शिक्षकों की संख्या अधिक है, इसलिए थोड़ा समय लग रहा है. बिहार में करीब साढ़े तीन लाख शिक्षक हैं, जो सक्षमता दे रहें हैं. उन्होंने कहा कि काउंसलिंग के बाद एक लाख 40 हजार शिक्षकों को 20 नवंबर को नियुक्त पत्र दिया जायेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सक्षमता पास शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देंगे, इसके बाद से सभी शिक्षक सरकारी सेवक बन जाएंगे.

उन्होंने बताया कि बाकी शिक्षकों को भी सक्षमता परीक्षा लेकर उन्हें नियुक्ति पत्र दिया जायेगा. शिक्षा मंत्री ने कहा कि पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र देंगे. बाकी जिला मुख्ययालयों में भी कार्यक्रम आयोजित कर शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया जायेगा. इसके लिए शिक्षा विभाग ने तैयारिया शरू कर दी है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि ट्रांसफर पॉलिशी को भी सरकार ने लाया है, जिसे सक्षमता पास शिक्षकों को सहज ही स्वीकार करना पड़ेगा और इमानदारी से छात्रों को पढ़ानी होगी.

Wednesday, November 13, 2024

Delhi AQI: दिल्ली फिर बनी गैस चेंबर, सीजन में पहली बार इतनी जहरीली हुई हवा, क्या अब बंद होंगे स्कूल? उठने लगी मांग



दिल्ली के तापमान में गिरावट के साथ-साथ कोहरे की चादर छाने लगी है. इस मौसम में पहली बार बुधवार को शहर की हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के बुलेटिन के मुताबिक, शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 418 दर्ज किया गया. एनसीआर में सबसे खराब हवा दिल्ली की रही. वहीं गुरुग्राम का एक्यूआई 321, नोएडा का 359, ग्रेटर नोएडा का 364 और फरीदाबाद का 262 दर्ज किया गया.

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा जहरीली होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों लिया और कहा कि आप ने दिल्ली को एक बार फिर गैस चेंबर में तब्दील होने के लिए छोड़ दिया है. इसके साथ ही पार्टी ने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि पांचवीं क्लास तक के सभी स्कूलों को तुरंत बंद कर दिया जाए.

जहरीली हवा से हुई सुबह
बुधवार को दिल्लीवालों की सुबह ही जहरीली हवा से हुई. यहां सुबह 9 बजे हवा की गुणवत्ता 366 के आंकड़े के साथ ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई. बता दें कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब’, 401 और 450 के बीच ‘गंभीर’ और 450 से ऊपर ‘गंभीर प्लस’ माना जाता है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, दिल्ली के 36 निगरानी स्टेशनों में से 30 ने ‘गंभीर’ श्रेणी में हवा की गुणवत्ता की सूचना दी. हवा में घुले जहरीले धुएं की वजह की वजह शहर में दृश्यता भी काफी कम हो गई.

Sunday, November 10, 2024

PM Internship Scheme: हर महीने 5000 पाने का मौका! पीएम इंटर्नशिप योजना के लिए करें पंजीकरण, अंतिम तिथि नजदीक


 

PM Internship Scheme 2024: अगर आप प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना 2024 के लिए आवेदन करना चाहते हैं, लेकिन किन्ही कारणों से अब आवेदन नहीं कर पाएं हैं, तो तुरंत कर दें। दरअसल, आवेदन करने का यह अंतिम अवसर है। जो युवा अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे pminternship.mca.gov.in. पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इस योजना के तहत, योग्य युवाओं को हर महीने 5000 रुपये का वजीफा मिलेगा।

10 नवंबर है आवेदन करने की अंतिम तिथि

इस योजना का प्रमुख उद्देश्य अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करना है। इसमें गैस, तेल और ऊर्जा क्षेत्र में सबसे अधिक इंटर्नशिप की संभावनाएं हैं। इसके बाद ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में भी अवसर उपलब्ध हैं। एक उम्मीदवार अधिकतम 5 इंटर्नशिप विकल्प चुनकर आवेदन कर सकता है। आवेदन की प्रक्रिया 10 नवंबर 2024 को समाप्त हो जाएगी।

मासिक वजीफा और अतिरिक्त अनुदान

चयनित इंटर्न को प्रति माह 5000 रुपये का वजीफा मिलेगा। इसमें से 4500 रुपये केंद्र सरकार द्वारा दिए जाएंगे, जबकि 500 रुपये कंपनियां अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) फंड से जोड़ेंगी। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक चयनित इंटर्न को 6000 रुपये का एकमुश्त अनुदान भी दिया जाएगा।

इंटर्नशिप विकल्प और आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवार इस योजना के तहत एक साल (12 महीने) की अवधि के लिए इंटर्नशिप कर सकते हैं। योजना का उद्देश्य पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप अवसर प्रदान करना है। गैस, तेल और ऊर्जा क्षेत्र में सबसे ज्यादा मौके हैं, उसके बाद ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में भी इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध हैं। उम्मीदवार अधिकतम 5 इंटर्नशिप विकल्पों का चयन कर सकते हैं।

कौन कर सकता है आवेदन?

12वीं कक्षा के बाद ऑनलाइन या डिस्टेंस शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई कर रहे छात्र प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदक की आयु 21 से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए। 24 वर्ष से अधिक आयु के उम्मीदवार इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकते। इसके अलावा, यदि आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक हो, या परिवार का कोई सदस्य स्थाई सरकारी नौकरी में कार्यरत हो, या फिर यदि आवेदक IIT, IIM, IISER, NID, IIIT, NLU जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से ग्रेजुएशन कर चुका हो, तो वह आवेदन करने के योग्य नहीं होगा।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • आवेदन की प्रक्रिया
आवेदन के बाद चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी। अंतिम सूची 7 नवंबर को प्रकाशित होगी। इसके बाद 8 से 25 नवंबर के बीच ऑफर लेटर भेजे जाएंगे, और चयनित उम्मीदवारों की इंटर्नशिप 2 दिसंबर से कंपनियों में शुरू हो जाएगी।

आवेदन कैसे करें?

  • सबसे पहले, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की आधिकारिक वेबसाइट pminternship.mca.gov.in. पर जाएं।
  • अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरकर अकाउंट क्रिएट करें।
  • आवेदन पत्र में मांगी गई जानकारी भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र की सावधानीपूर्वक समीक्षा करें और समय सीमा से पहले इसे जमा करें।

Thursday, November 7, 2024

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आर्टिकल 370 को लेकर हंगामा, मारपीट, जमकर चले लात-घूंसे, हाथापाई के बाद सभा स्थगित



श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आर्टिकल 370 वापसी के प्रस्ताव पर हंगामा जारी है। इस दौरान जमकर बवाल हुआ। कुछ सदन के सदस्यों के बीच हाथापाई तक हुई। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में इंजीनियर रशीद के भाई और विधायक खुर्शीद अहमद शेख ने अनुच्छेद 370 पर बैनर दिखाए। विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने इस पर आपत्ति जताई। जिसके बाद हंगामा शुरू हुआ। इस दौरान बीजेपी के कुछ विधायकों को धक्के देकर बाहर भी निकाला गया। विशेष दर्जे संबंधी प्रस्ताव को लेकर हंगामे के बाद जम्मू कश्मीर विधानसभा की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित की गई।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में एक दिन पहले भी हंगामा हुआ था। तमाम विवाद के बाद सदन स्थगित कर दिया गया था। गुरुवार सुबह सेशन फिर शुरू हुआ। इंजीनियर राशिद के भाई, विधायक खुर्शीद अहमद शेख अनुच्छेद 370 पर एक बैनर दिखाए। इस दौरान विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने इस पर आपत्ति जताई।

हाथापाई तक पहुंची नौबत

सुनील शर्मा के आपत्ति जताने के बाद विवाद शुरू हुआ। नौबत हाथापाई तक आ गई। जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया। बुधवार को भी उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी द्वारा अनुच्छेद 370 को बहाल करने का प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद यह हंगामा हुआ। प्रस्ताव का सुनील शर्मा ने कड़ा विरोध किया और विधानसभा में तीखी बहस हुई।

वहीद पारा ने पेश किया प्रस्ताव, पर खारिज

अनुच्छेद 370 पर प्रस्ताव ने तीखी बहस की शुरुआत सोमवार को विधानसभा के उद्घाटन सत्र से ही हो गई थी। पुलवामा का प्रतिनिधित्व करने वाले पीडीपी नेता वहीद पारा ने शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे और राज्य के दर्जे को बहाल करने का प्रस्ताव पेश किया। यह कदम 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के खिलाफ उनकी पार्टी के रुख के अनुरूप था।

उमर अब्दुल्ला ने किया खारिज

हालांकि, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रस्ताव को 'प्रतीकात्मक' बताते हुए खारिज कर दिया, यह सुझाव देते हुए कि इसे वास्तविक इरादे से नहीं बल्कि जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए पेश किया गया था। उन्होंने तर्क दिया कि अगर इस मुद्दे को लेकर गंभीरता थी, तो नेशनल कॉन्फ्रेंस के परामर्श से प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया जाना चाहिए था।

अब्दुल्ला की टिप्पणी ने आंतरिक कलह को उजागर किया, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने घोषणापत्र में अनुच्छेद 370 की बहाली और जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता के लिए अभियान चलाया था।

व्यापक राजनीतिक दांव

2019 के निरस्तीकरण के बाद विधानसभा के पहले सत्र के दौरान अनुच्छेद 370 को लेकर बहस तेज हो गई है। विधानसभा की कार्यवाही बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एक दशक के लंबे अंतराल के बाद निर्वाचित सरकार की वापसी का प्रतीक है। हाल के चुनावों में कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 49 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को 29 सीटें मिलीं, जिससे विभाजित जनादेश सामने आया।

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Sunday, November 3, 2024

Retirement Planning: रट लीजिए ये जादुई फॉर्मूला, जवानी से भी मस्त कटेगा बुढ़ापा, हर महीने खाते में आएंगे ₹2.5 लाख


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बहुत से लोग रिटायरमेंट प्लानिंग (Retirement Planning) करते हैं, लेकिन अधिकतर लोगों की टाइमिंग गड़बड़ हो जाती है. रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए आपको बुढ़ापे में नहीं, बल्कि जवानी में ही सोचना होगा. सोचना होगा कि कितने पैसे चाहिए और कहां पैसा निवेश करें, ताकि तगड़ा रिटर्न मिले. ध्यान रहे कि आप जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे, आपको हर महीने उतना ही कम निवेश करना पड़ेगा और उतना ही ज्यादा रिटर्न पा सकेंगे. रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए सबसे बेहतर विकल्प है एनपीएस (National Pension System), जिससे थोड़ा-थोड़ा निवेश करने से आप रिटायरमेंट तक 5 करोड़ रुपये (how to get rs. 5 crore on retirement) जमा कर सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे रिटायरमेंट पर आपको 2.5 लाख रुपये की पेंशन मिल सकती है.

5 करोड़ रुपये जमा करने का क्या है फॉर्मूला?

आपको सबसे पहले तो ये समझना जरूरी है कि यह फॉर्मूला हर किसी पर लागू नहीं होता है.  यह फॉर्मूला सिर्फ उन युवाओं पर लागू होगा, जिन्होंने हाल ही में नौकरी की शुरुआत की है. मान लेते हैं आप रिटायरमेंट पर यानी 60 साल की उम्र में 5 करोड़ रुपये जमा करना चाहते हैं और 25 साल की उम्र से पहले ही आपकी नौकरी लग गई है. अगर आप 25 साल की उम्र से ही अपनी सैलरी से हर रोज 442 रुपये बचाकर उसे एनपीएस में लगाना शुरू कर दें तो रिटायरमेंट पर आपके पास आसानी से 5 करोड़ रुपये जमा हो जाएंगे. 

रोज के 442 रुपये कैसे बनेंगे 5 करोड़?

अगर आप रोज 442 रुपये बचाते हैं तो इसका मतलब है कि आपको हर महीने करीब 13,260 रुपये जमा करने होंगे. 25 साल की उम्र से ही आप निवेश शुरू कर देंगे तो 60 साल की उम्र तक आप 35 सालों तक निवेश करेंगे. अगर आपने ये पैसे एनपीएस में लगाए हैं तो वहां पर आपको औसतन 10 फीसदी का ब्याज मिल जाएगा. इस तरह कंपाउंडिंग इंट्रेस्ट मिलते-मिलते आपके पैसे 60 साल की उम्र में 5.12 करोड़ रुपये बन जाएंगे.

पावर ऑफ कंपाउंडिग से होगा ये

एनपीएस में अगर आप हर महीने 13,260 रुपये निवेश करते हैं तो 35 साल में आप कुल 56,70,200 रुपये का निवेश करेंगे. अब सवाल ये उठता है कि अगर निवेश 56.70 लाख रुपये का हुआ है तो 5 करोड़ रुपये कहां से आएंगे. दरअसल यह मुमकिन होगा पावर ऑफ कंपाउंडिंग से. इसके तहत आपको हर साल अपने मूलधन पर तो ब्याज मिलेगा ही, साथ ही उस मूलधन पर मिले ब्याज पर भी ब्याज मिलेगा. ऐसे में जब तक आप 35 साल तक 56.70 लाख रुपये जमा करेंगे, तब तक आपको कुल 4.55 करोड़ रुपये का तो ब्याज ही मिल चुका होगा. इस तरह आपका कुल निवेश 5.12 करोड़ रुपये हो जाएगा.

रिटायरमेंट पर हाथ में होंगे 5.12 करोड़ रुपये?

ऐसा कहना गलत होगा कि रिटायरमेंट पर आपके हाथ में 5.12 करोड़ रुपये होंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि 60 साल बाद जब एनपीएस मेच्योर हो जाएगा, तो आप सिर्फ 60 फीसदी रकम ही निकाल सकते हैं. यानी आप करीब 3 करोड़ रुपये निकाल सकेंगे, जबकि बचे हुए करीब 2 करोड़ रुपये आपको किसी एन्युटी प्लान में लगाने होंगे. बता दें कि इस एन्युटी प्लान की बदौलत आपकी सारी जिंदगी पैसे मिलते रहेंगे. 

रिटायरमेंट के पहले पैसे निकाल सकते हैं?

एनपीएस की मेच्योरिटी ही आपके 60 साल का होने के बाद होती है. ऐसे में आप 60 साल से पहले एनपीएस के पैसे नहीं निकाल सकते हैं. हालांकि, अगर आपको कोई इमरजेंसी पड़ जाए या किसी बीमारी, घर बनाने, बच्चों की पढ़ाई के लिए कुछ हद तक रकम निकाली जा सकती है. ध्यान रहे कि पैसे निकालने के नियम कभी भी बदले जा सकते हैं तो आपको जब पैसे निकालने हों, उससे पहले एनपीएस के नियमों को पढ़ लें. वैसे कोशिश हमेशा यही करनी चाहिए कि एनपीएस के पैसे रिटायरमेंट के बाद ही निकालें, ताकि आपका बुढ़ापा सुकून से कट सके.

हर महीने हाथ में आएंगे करीब ढ़ाई लाख रुपये

अगर सारा का सारा कॉर्पस आप किसी एन्युटी प्लान में लगा देते हैं तो आपको हर महीने ढेर सारा पैसा मिलेगा. मान लीजिए कि आपको 5-6 फीसदी की ब्याज दर आसानी से मिल ही जाएगी. ऐसे में 5.12 करोड़ रुपये पर आपको सालाना 25.60- 30.72 लाख रुपये मिलेंगे. यानी हर महीने आपको 2.13-2.56 लाख रुपये सैलरी की तरह मिलेंगे. 

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