Saturday, March 22, 2025

AI Education: 6 साल का बच्चा भी बन जाएगा AI का मास्टर, चीन ने बना लिया टॉप लेवल का प्लान, जानिए वहां का स्कूल सिलेबस


भारत हो या अमेरिका, चीन.. एआई की बादशाहत हर जगह बढ़ रही है. ज्यादातर देशों में स्कूल स्तर पर ही एआई की पढ़ाई करवाई जा रही है. जहां भारत में क्लास 1 का बच्चा ए, बी, सी, डी.. क, ख, ग, घ, ड़.., कविताएं और कहानियां पढ़ता है, वहीं चीन में मात्र 6 साल की उम्र से बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पढ़ाना शुरू कर दिया जाता है (India vs China). चीन की राजधानी बीजिंग सहित कई क्षेत्रों में AI को अनिवार्य शिक्षा का हिस्सा बना दिया गया है.


चीन एआई के सेक्टर में बढ़त हासिल करना चाहता है. इसीलिए वहां कम उम्र से ही बच्चों को एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कॉन्सेप्ट सिखाने पर फोकस किया जा रहा है (Artificial Intelligence Education). इससे बच्चों की इस विषय में दिलचस्पी बढ़ेगी और वह आगे भी इसमें काम करने की इच्छा जताएंगे. जानिए चीन में किस क्लास से एआई की पढ़ाई शुरू हो जाती है और वहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सिलेबस क्या है.

AI Education in China: चीन में AI की पढ़ाई किस क्लास से शुरू होती है?
प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से): बीजिंग म्यूनिसिपल एजुकेशन कमीशन ने मार्च 2025 में एक घोषणा की थी. इसके अनुसार, सितंबर 2025 से शुरू होने वाले एकेडमिक सेशन में प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों में AI की पढ़ाई अनिवार्य होगी. इसका मतलब है कि 6 साल की उम्र से ही बच्चे AI से परिचित होंगे.


माध्यमिक और उच्चतर स्तर: मिडिल स्कूल (कक्षा 7-9) और हाई स्कूल (कक्षा 10-12) में एआई को ज्यादा गहनता के साथ पढ़ाया जाता है.

School Syllabus in China: चीन के स्कूलों में एआई सिलेबस क्या है?
चीन में AI का सिलेबस उम्र और शिक्षा के स्तर के आधार पर अलग-अलग तैयार किया गया है. यह एनसीईआरटी जैसे इंटीग्रेटेड फ्रेमवर्क के बजाय टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर फोकस्ड है. बीजिंग और अन्य प्रांतों (जैसे झेजियांग, गुआंगझोउ) में लागू सिलेबस के आधार पर इसकी डिटेल देख सकते हैं:

1. प्राथमिक स्कूल (कक्षा 1-6, उम्र 6-12)
अवधि: प्रति वर्ष कम से कम 8 घंटे.
फोकस: बेसिक समझ और प्रैक्टिकल अनुभव.

सिलेबस:
AI का परिचय: AI क्या है, यह कैसे काम करता है (सरल उदाहरण जैसे स्मार्ट टॉयज, वॉयस असिस्टेंट).
हैंड्स-ऑन एक्टिविटी: रोबोटिक्स, लेगो प्रोग्रामिंग और सरल AI टूल्स का इस्तेमाल.
डिजिटल टूल्स: स्पीच रिकग्निशन और सिंथेसिस की बेसिक समझ.
एआई एथिक्स: AI का जिम्मेदारी से इस्तेमाल (उदाहरण: गोपनीयता, निष्पक्षता).
उद्देश्य: बच्चों को टेक्नोलॉदजी से परिचित कराना और उनकी जिज्ञासा बढ़ाना.

2. मिडिल स्कूल (कक्षा 7-9, उम्र 13-15)
अवधि: प्रति वर्ष 8-10 घंटे या इससे ज्यादा.
फोकस: AI का रोजमर्रा में इस्तेमाल और बेसिक कॉन्सेप्ट्स.

सिलेबस:
AI एप्लीकेशंस: स्कूल और दैनिक जीवन में AI का इस्तेमाल (जैसे चैटबॉट्स, स्मार्ट डिवाइस).
डेटा और एल्गोरिदम: डेटा का महत्व और सरल एल्गोरिदम की समझ.
प्रोग्रामिंग: बेसिक कोडिंग (पायथन या ब्लॉक-बेस्ड प्रोग्रामिंग जैसे Scratch).
प्रोजेक्ट्स: छोटे AI प्रोजेक्ट्स जैसे स्पीच-टू-टेक्स्ट मॉडल बनाना.
उद्देश्य: प्रैक्टिकल स्किल और तकनीकी नींव तैयार करना.

3. हाई स्कूल (कक्षा 10-12, उम्र 16-18)
अवधि: 36 घंटे (2 क्रेडिट कोर्स, 18 घंटे प्रति क्रेडिट).
फोकस: एडवांस्ड एप्लिकेशंस एंड इनोवेशंस.

सिलेबस:
AI का इतिहास और विकास: AI का अब तक का सफर और जरूरी माइलस्टोन्स.
एल्गोरिदम और डेटा स्ट्रक्चर: न्यूरल नेटवर्क्स, मशीन लर्निंग की बुनियाद.
प्रोग्रामिंग: पायथन में AI मॉडल बनाना (उदाहरण: सरल चैटबॉट या इमेज रिकग्निशन).
एथिक्स और सोसाइटी: AI के सामाजिक प्रभाव, डेटा प्राइवेसी और एथिक्स.
प्रोजेक्ट्स: जटिल AI सिस्टम डिजाइन करना, जैसे ऑटोनॉमस रोबोट या डेटा एनालिटिक्स टूल.
उद्देश्य: छात्रों को AI में करियर के लिए तैयार करना और इनोवेशन की क्षमता विकसित करना.


दुनिया में बजेगा चीन के एआई का डंका
शिक्षण विधि:

  • प्राइमरी में ‘हैंड्स-ऑन’ और खेल-आधारित सीखने पर जोर.
  • मिडिल और हाई स्कूल में प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग और कोडिंग.
  • शिक्षकों का प्रशिक्षण: STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथ्स) बैकग्राउंड वाले शिक्षकों को AI सिखाने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है.
  • पायलट प्रोजेक्ट्स: 2024 में, 184 स्कूलों को AI शिक्षा के लिए आधार बनाया गया, जो अब पूरे देश में मॉडल हैं.
  • उपकरण: Squirrel AI जैसे प्लेटफॉर्म और रोबोटिक्स किट्स का इस्तेमाल.
  • नैतिकता पर जोर: बच्चों को शुरू से AI के जिम्मेदार इस्तेमाल की शिक्षा दी जाती है.

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