Tuesday, July 30, 2024

जयकारों से गूंजी धर्मनगरी: सीएम धामी ने पैर धोकर किया कांवड़ियों का स्वागत, हेलीकाॅप्टर से की गई पुष्पवर्षा


कांवड़ मेला पूरी तरह चरम पर पहुंच चुका है और गंगा घाटों से लेकर हाईवे केसरिया रंग में रंगा नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी आज हरिद्वार पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कांवड़ियों का स्वागत किया। उन्होंने खुद कांवड़ियों के पैर धोए। इसके बाद हरकी पैड़ी पर माैजूद कांवड़ यात्रियों के ऊपर पुष्प वर्षा की गई।


इस दाैरान हरकी पैड़ी पर कावंड़ यात्री उत्साहित नजर आए। वहीं, धर्मनगरी भी हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठी। कांवड़ियों का स्वागत करने के लिए कई नेता और मंत्री भी सीएम धामी के साथ माैजूद रहे। धर्मनगरी में पैदल जाने वाले कांवड़ यात्रियों की संख्या में कमी आई है तो डाक कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। हरिद्वार से जाने और आने वाले रास्तों पर डाक कांवड़ियों का कब्जा है। सोमवार को 62 लाख कांवड़ यात्रियों ने गंगाजल भरा और अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। नाै दिन के अंदर दो करोड़ से ज्यादा कांवड़ियों की संख्या पहुंच गई है।



वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया किअलग-अलग जगहों से गंगा में डूबते हुए 47 यात्रियों को जल पुलिस, एसडीआरएफ की टीमों ने बचाया है। एक लापता हुआ है।


वहीं, बड़ी संख्या में डाक कांवड़ियों के पहुंचने से शाम होते ही भीड़ और अधिक बढ़ रही है। ऐसे में अब तीन दिन पुलिस की भी अग्नि परीक्षा रहेगी।

Friday, July 26, 2024

देश का इकलौता Tax Free राज्‍य, यहां लोग करोड़ों कमाएं तो भी आयकर विभाग इनसे नहीं वसूल सकता 1 भी रुपया



Income Tax Free State in India: देश में ITR फाइल करने की लास्‍ट डेट 31 जुलाई है. जिन लोगों की आय इनकम टैक्‍स के दायरे में आती है, उनके लिए इनकम टैक्‍स भरना जरूरी है. इनकम टैक्स एक्ट, 1961 देश में टैक्स फाइलिंग को अनिवार्य बनाता है. लेकिन क्‍या आपको पता है कि भारत में एक राज्‍य ऐसा भी है जिन्‍हें अपनी आय पर किसी तरह का इनकम टैक्‍स नहीं देना होता. इस राज्‍य के लोग अगर सालाना करोड़ों रुपए भी कमा लें तो भी इनकम टैक्‍स के तौर पर आयकर विभाग इनसे 1 रुपया भी नहीं वसूल सकता. जानिए क्‍या है वजह.

भारत में केवल एक ही राज्‍य है जिसे Tax Free State के तौर पर जाना जाता है. इस राज्‍य का नाम है सिक्किम (Sikkim). इस राज्‍य में रहने वाले लोगों को अपनी कमाई पर एक भी रुपए का इनकम टैक्‍स नहीं देना होता है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 372 (F) के मुताबिक, सिक्किम के लोगों को टैक्सेशन के दायरे से बाहर रखा गया है.

आखिर इस राज्‍य को इतनी बड़ी राहत क्‍यों?
इनकम टैक्‍स के मामले में सिक्किम के लोगों को इतनी बड़ी राहत क्यों दी गई है? जाहिर सी बात है कि ये सवाल जरूर आपके मन में होगा. तो आपको बता दें कि 1975 में सिक्किम का भारत में विलय हुआ था, लेकिन सिक्किम इस शर्त पर भारत में शामिल हुआ था कि वो अपने पुराने कानून और स्पेशल स्टेटस को बरकरार रखेगा, इस शर्त को मान लिया गया. यहां के मूल निवासियों को तो आयकर अधिनियम की धारा, 1961 की धारा 10 (26AAA) के तहत इनकम टैक्स से छूट हासिल है. बता दें कि सिक्किम को संविधान के आर्टिकल 371-एफ के तहत विशेष दर्जा मिला हुआ है.

क्या कहता है Section 10 (26AAA)?
Section 10 (26AAA) के तहत नियम है कि सिक्किम के किसी भी निवासी की आय टैक्स दायरे से बाहर रहेगी, चाहे वो किसी भी तरह के सिक्योरिटी से मिले इंटरेस्ट से आई हो या डिविडेंड से. इसमें कहा गया है कि सिक्किम के भारत में विलय से पहले जो भी लोग वहां बस गए थे, चाहे उनका नाम Sikkim Subjects Regulations, 1961 के रजिस्टर में हो या नहीं, उन्हें इनकम टैक्स एक्ट के Section 10(26AAA) के तहत छूट मिलती है.

Tuesday, July 23, 2024

Income Tax: नई कर प्रणाली में 17500 रुपये तक का फायदा, स्टैंडर्ड डिडक्शन से लेकर स्लैब तक में ये बड़े बदलाव


वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण केंद्रीय बजट मंगलवार को लोकसभा में पेश कर दिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार का 11वां पूर्ण बजट पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने अंतरिम बजट भाषण के दौरान टैक्सेशन से जुड़ा कोई बड़ा बदलाव नहीं किया था, लेकिन इस बार उन्होंने कुछ अहम एलान किए हैं। वित्त मंत्री ने करीब चार करोड़ लोगों को टैक्स से जुड़े लाभ होने की बात कही है। इस बार अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार करों को सरल बनाने, करदाता सेवाओं में सुधार करने, कर निश्चितता प्रदान करने और मुकदमेबाजी कम करने के प्रयासों को जारी रखेगी।

नई कर प्रणाली के तहत टैक्स स्लैब में बदलाव का एलान

इस बार वित्त मंत्री ने नई कर प्रणाली में तीन से सात लाख रुपये तक 5% कर का प्रावधान किया है। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि तीन लाख रुपए तक की आमदनी पर करदाताओं को कोई टैक्स नहीं देना होगा। सात से दास लाख रुपये तक की आमदनी वालों के लिए 10% टैक्स का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री के अनुसार नए एलानों से चार करोड़ लोगों को नई कर प्रणाली में 17,500 रुपये तक का लाभ होगा। वित्त मंत्री ने पेंशनभोगियों के लिए पारिवारिक पेंशन पर कटौती 15000 रुपये से बढ़ाकर 25000 रुपये कर दिया है। सरकार के इस फैसले से देश के वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिलेगा।

कितनी आमदनी वालों को कितना टैक्स देना होगा

  • 3,00,000 तक : शून्य
  • 3,00,001 से 7,00,000: 5%
  • 7,00,001 से 10,00,000: 10%
  • 10,00,001 से 12,00,000: 15%
  • 12,00,001 से 15,00,000: 20%
  • 15,00,000 से ऊपर: 30% (नई कर प्रणाली में)

कर विवादों के समाधान के लिए विवाद से विश्वास योजना 2024 लाने की तैयारी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि मध्यम और उच्च मध्यम वर्ग के लिए कुछ वित्तीय परिसंपत्तियों पर पूंजीगत लाभ छूट सीमा को बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये सालाना करने की योजना है। उन्होंने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश करते हुए वायदा एवं विकल्प प्रतिभूतियों के मामले में प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) 0.02 प्रतिशत और 0.1 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव किया। सीतारमण ने कहा कि शेयर पुनर्खरीद से होने वाली आय पर कर लगेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि कर विवाद कम करने के लिए सरकार विवाद से विश्वास योजना 2024 लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के लिए 10 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। इसके तहत एक करोड़ गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की आवासीय जरूरतों को पूरा किया जाएगा। सीतारमण ने राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम के तहत 12 नये औद्योगिक पार्क विकसित किए जाने की भी घोषणा की।

वित्त मंत्री ने एंजल टैक्स हटाने का किया एलान
 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को स्टार्टअप्स में सभी वर्ग के निवेशकों के लिए ‘एंजल’ कर (एंजल टैक्स) समाप्त करने की घोषणा की। अपने बजट भाषण में उन्होंने ई-कॉमर्स कंपनियों तथा दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ के संदर्भ में कुछ वित्तीय साधनों के लिए कर दरों में विभिन्न बदलावों की भी घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा, “सबसे पहले, भारतीय स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने और नवाचार का समर्थन करने के लिए मैं सभी वर्गों के निवेशकों के लिए तथाकथित एंजल कर को समाप्त करने का प्रस्ताव करती हूं।”

एंजल कर को हटाने से स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे उनके लिए अधिक अनुकूल माहौल को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। सीतारमण ने अनिश्चितता और विवादों को कम करने के लिए पुनः खोलने और पुनर्मूल्यांकन के लिए आयकर प्रावधानों को पूरी तरह सरल बनाने का भी प्रस्ताव रखा।

उन्होंने कहा, “यदि छूटी हुई आय 50 लाख रुपये या उससे अधिक है तो इसके बाद कर निर्धारण वर्ष की समाप्ति से तीन वर्ष के बाद पुनः खोला जा सकेगा। यह समय कर निर्धारण वर्ष की समाप्ति से अधिकतम पांच वर्ष की अवधि तक रहेगा।” वित्त मंत्री ने कहा, “यहां तक कि तलाशी के मामलों में भी तलाशी के वर्ष से पहले छह वर्ष की समय सीमा प्रस्तावित की गई है। जबकि वर्तमान में 10 वर्ष की समय सीमा है। इससे कर-अनिश्चितता और विवादों में कमी आएगी।” उन्होंने कहा कि वित्तीय और गैर-वित्तीय परिसंपत्तियों पर दीर्घकालिक लाभ पर 12.5 प्रतिशत की कर दर लागू होगी, जबकि ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए टीडीएस दर एक प्रतिशत से घटाकर 0.1 प्रतिशत कर दी जाएगी।


जानिए बजट भाषण में करों पर क्या बोलीं वित्त मंत्री

  • चैरिटी के मामलों में दो अलग-अलग व्यवस्थाओं की जगह एक कर छूट व्यवस्था होगी।
  • न्यू टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन 50 हजार से बढ़ाकर 75 कर दिया गया है।
  • विभिन्न भुगतान के लिए पांच फीसदी टीडीएस की जगह दो फीसदी टीडीएस की व्यवस्था होगा। 
  • म्यूच्युअल फंड्स या यूटीआई के री-पर्चेस पर 20 फीसदी टीडीएस को वापस ले लिया गया है। 
  • ईकॉमर्स ऑपरेटर्स के लिए टीडीएस को एक फीसदी से घटाकर 0.1 फीसदी कर दिया गया है।
  • टैक्स समाधान के लिए जन विश्वास-2.O पर काम जारी है
  • म्युचुअल फंड के रिपरचेज पर टीडीएस खत्म
  • शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स की दर 20%
  • इनकम टैक्स कानून की छह महीने में समीक्षा करेंगे
  • एंजेल टैक्स हटाया

 
पिछली बार वित्त मंत्री ने पुरानी टैक्स डिमांड नोटिस वापस लेने की बात कही थी 
अंतरिम बजट के दौरान वित्त मंत्री ने एलान किया था कि वर्ष 1962 से जितने पुराने करों से जुड़े विवादित मामले चले आ रहे हैं उनमें वर्ष 2009-10 तक लंबित रहे प्रत्यक्ष कर मांगों (डिमांड नोटिस) से जुड़े 25000 रुपये तक के विवादों को सरकार वापस ले लेगी। इसी तरह 2010-11 से 2014-15 के बीच लंबित रहे प्रत्यक्ष कर मांगों से जुड़े 10 हजार रुपये तक के मामलों को वापस लेने का फैसला किया गया था। वित्त मंत्री ने स्टार्टअप्स और पेंशन फंड्स में निवेश करने वालों को मिलने वाले कर लाभ की समयसीमा 31 मार्च 2024 से बढ़ाकर 31 मार्च 2025 करने का एलान किया था। ऐसे में स्टार्टअप्स में निवेश करने वालों को इस बजट से एक साल का अतिरिक्त कर लाभ मिलने की राह खुल गई थी। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने अंतरिम बजट भाषण में बताया था कि पिछले 10 वर्षों में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। इस दौरान टैक्स रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में 2.4 गुना का इजाफा हुआ है। वित्त मंत्री ने यह भी बताया था कि आयकर रिटर्न दाखिल करने के बाद करदाताओं को टैक्स रिफंड मिलने में लगने वाले समय में कमी आई है। पहले इसमें औसतन 93 दिन का समय लगता था अब यह कम होकर 10 दिन रहा गया है। 
 
वित्त मंत्री ने कर व्यवस्था को विवेकपूर्ण बनाने का दावा किया था 
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में करदाताओं को आश्वस्त किया था कि उनके योगदान का देश के विकास और जनता के कल्याण के लिए विवेकपूर्ण उपयोग किया गया है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि सरकार ने कर दरों में कटौती की है और इन्हें विवेकपूर्ण बनाया है। नई कर योजना के तहत अब 7 लाख तक की आय वाले करदाताओं के लिए कोई कर देनदारी नहीं है। जबकि वित्तीय वर्ष 2013-14 में 2.2 लाख तक की आय वाले करदाताओं को ही कर देनदारी से छूट मिलती थी। टैक्सपेयर्स को मिलने वाली सुविधाओं कहा कि पिछले पांच वर्षों में करदाता सेवाओं में सुधार करने पर हमारा विशेष जोर रहा है।

Tuesday, July 16, 2024

अब बहुत हुआ: पुंछ के जंगलों से निकला आतंकी जिन्न डोडा तक पहुंच निगल गया 32 जवान, खुफिया तंत्र कहां हो रहा फेल?

 एक और आतंकी हमले में चार जवान बलिदान हो गए। पिछले तीन वर्ष में जम्मू संभाग में यह सातवां बड़ा हमला था। इन सात हमलों में अब तक 32 जवान बलिदान हो चुके हैं। पुंछ के भाटादूड़ियां के जंगलों से निकला आतंक का जिन्न डोडा पहुंच गया है। वहीं, आतंकियों पर कार्रवाई रणनीतिक बैठकों और सर्च ऑपरेशन से आगे नहीं बढ़ पा रही है।


पूर्व डीजीपी एसपी वैद का कहना है कि आतंकियों पर अब बड़ी और तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। जंगलों में छिपे आतंकियों पर कार्रवाई के लिए आधुनिक संचार नेटवर्क, खुफिया तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है। पूर्व मेजर जनरल गोवर्धन सिंह जमवाल कहते हैं कि सुरक्षा एजेंसियां अपने साथ जंगल के हर एक गांव को जोड़ें। खासकर युवाओं और पूर्व सैनिकों को साथ जोड़ें। जम्मू संभाग में तैनात रह चुके स्थानीय पूर्व सैनिकों की मदद लेनी चाहिए। सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ाने से जरूरी है कि आम लोगों को साथ जोड़ा जाए।

चमरेल से शुरू हुआ था सिलसिला
वर्ष 2021 में 11 अक्तूबर को पुंछ के डेरा गली चमरेल जंगल में आतंकियों की तलाश में निकली सेना पर घात लगाकर हमला हुआ था। इसमें पांच जवान बलिदान हो गए थे। इसके दो दिन बाद 14 अक्तूबर को इन्हीं आतंकियों की तलाश भाटादूड़ियां के जंगल तक की गई। आतंकी तो नहीं मिले, लेकिन चार जवान और बलिदान हो गए। दो महीनों तक इन आतंकियों की आसमान और जमीन पर ड्रोन, हेलिकॉप्टर से तलाश की गई। लेकिन एक भी आतंकी का पता नहीं लगा और सर्च ऑपरेशन खत्म हो गया। यह सिलसिला अब तक जारी है।


पूर्व सैनिक निकलें अपने घरों से
अब हमें भी बाहर निकलना पड़ेगा। हमारे पूर्व सैनिकों को आगे आना होगा। सरकार को चाहिए कि इन्हें हथियार मुहैया कराए। खासकर राजोरी, पुंछ, डोडा, कठुआ में तैनात रह चुके स्थानीय सैन्यकर्मियों को अपने साथ जोड़ें। यह आतंकियों के खात्मे के लिए मददगार साबित होंगे। - गोवर्धन सिंह जमवाल, पूर्व जनरल

हमले बर्दाश्त नहीं, कुछ बड़ा करने की जरूरत
कुछ बड़ा करने की जरूरत है। यह जल्दी होना चाहिए। ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं। जंगलों में छिपे आतंकियों पर कार्रवाई के लिए आधुनिक संचार नेटवर्क, खुफिया तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है। - एसपी वैद, पूर्व डीजीपी

जम्मू संभाग में बड़े आतंकी हमले
11 अक्तूबर 2021, चमरेल पुंछ, पांच जवान बलिदान
14 अक्तूबर 2021, भाटादूड़ियां, चार जवान बलिदान
20 अप्रैल 2023, भाटादूड़ियां, पांच जवान बलिदान
5 मई 2023, केसरी पर्वत राजोरी, पांच जवान बलिदान
22 नवंबर 2023, कालाकोट राजोरी, दो अफसर सहित 4 शहीद
8 जुलाई 2024, कठुआ, पांच जवान बलिदान
15 जुलाई 2024, डोडा, चार जवान बलिदान

हिंदू नागरिकों पर दो बड़े हमले
आतंकियों ने हिंदू समुदाय के नागरिकों पर भी हमले किए हैं। पहला हमला वर्ष 2023 में 1 जनवरी को राजोरी के ढांगरी गांव में किया गया। इस हमले में 7 हिंदू नागरिकों की हत्या कर दी गई। इसके बाद 2024 में 9 जून को रियासी जिले में एक बस पर आतंकवादी हमले में 10 यात्रियों की हत्या की गई।

सात माह में 12 सुरक्षाकर्मी, 10 नागरिकों की मौत
जम्मू संभाग में पिछले 7 माह से अब तक आतंकी हमलों में सैन्य कैप्टन सहित 12 सुरक्षाकर्मी बलिदान हो गए। हमलों में 10 नागरिक मारे गए हैं, जबकि 55 लोग घायल हुए हैं। वहीं पांच आतंकी मारे गए।
 

2024 में हुए बड़े हमले
15 जुलाई: डोडा आतंकी मुठभेड़ में 5 जवान बलिदान।
8 जुलाई: कठुआ आतंकी हमले में 5 जवान बलिदान।
7 जुलाई: राजोरी जिले में सुरक्षा चौकी पर हमले में एक सैन्यकर्मी घायल।
26 जून: डोडा जिले में मुठभेड़ में तीन विदेशी आतंकवादी मारे गए।
12 जून: डोडा जिले में आतंकवादी हमले में एक पुलिसकर्मी घायल।
11/12 जून: कठुआ जिले में मुठभेड़ में दो आतंकी मारे। एक जवान बलिदान। डोडा जिले में आतंकवादी हमले में राष्ट्रीय राइफल्स के पांच जवान और एक विशेष पुलिस अधिकारी घायल हुआ।
9 जून: रियासी जिले में बस पर आतंकी हमले में 10 यात्रियों की मौत, 42 घायल हुए।
4 मई: पुंछ जिले में वायुसेना कर्मी बलिदान और पांच घायल हो गए।
28 अप्रैल: उधमपुर जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में वीडीजी कर्मी बलिदान।
22 अप्रैल: राजोरी जिले में सरकारी कर्मचारी की गोली मारकर हत्या कर दी।

Monday, July 15, 2024

IAS Puja Khedkar: पूजा खेडकर को लेकर एक और बड़ा खुलासा, IAS बनने के लिए खेला कौन-कौन सा खेल?

IAS Puja Khedkar: कई मीडिया रिपोर्टस में यह तक दावा किया गया है कि पूजा खेडकर ने यूपीएससी की ओर से बताए गए एम्‍स में जांच न कराकर प्राइवेट अस्‍पताल की गलत रिपोर्ट लगाई थी. इसी तरह पूजा पर आईएएस बनने के लिए कई अन्‍य तरह के दस्‍तावेजों में भी हेरफेर करने के आरोप हैं. पूजा पर यह भी आरोप है कि उन्‍होंने फर्जी विकलांगता सर्टिफिकेट भी लगाए हैं.



पूजा के बारे में अब नया खुलासा
पूजा खेडकर के मामले में एक नए खुलासे ने एक बार फिर सबका ध्‍यान खींच लिया है. बता दें कि पूजा खेडकर के दो मेडिकल प्रमाण पत्रों को लेकर पहले ही विवाद था. इसी बीच अब यह खुलासा हुआ है कि उन्होंने पुणे के एक अस्पताल से तीसरा मेडिकल प्रमाण पत्र प्राप्त करने का प्रयास किया था, हालांकि, अस्पताल ने इस तरह का कोई प्रमाण पत्र देने से इंकार कर दिया था. टाइम ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि पूजा ने यह प्रमाण पत्र पाने के लिए काफी दबाव बनाया था, लेकिन अस्‍पताल ने नियमों व प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उनकी इस मांग को ठुकरा दिया था. रिपोर्ट के अनुसार पूजा खेडकर की ओर से अगस्‍त 2022 में पुणे के एक निजी अस्‍पताल से विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाने का प्रयास किया था जिस पर अस्‍पताल ने इनकार कर दिया था. सूत्रों की मानें तो इस तीसरे प्रमाण पत्र बनवाने का मकसद पूजा को शारीरिक रूप से विकलांग साबित करना था.

डॉक्‍टर ने कर दिया था इनकार
पूजा खेडकर ने जिस निजी अस्‍पताल में विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था उस अस्‍पताल में डॉक्‍टरों की टीम ने उनका स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण किया और यह कहा कि उन्‍हें विकलांगता संबंधी कोई प्रमाण पत्र नहीं दिया जा सकता. पूजा की सभी रिपोर्ट की जांच के बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने स्पष्ट रूप से कहा कि पूजा को विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करना संभव नहीं है. इस तरह पूजा का आवेदन अस्वीकार कर दिया गया, जिससे उनकी योजना पर पानी फिर गया.

पूजा ने लगाए थे दो प्रमाण पत्र
पूजा खेडकर ने यूपीएससी में दो मेडिकल प्रमाण पत्र दिए थे, जिसमें से एक में उन्‍होंने खुद को आंखों से कम दिखना बताया था और दूसरे में मानसिक बीमारी की बात कही गई थी. इन दोनों प्रमाण पत्रों के सहारे वह यूपीएससी परीक्षा की पीडब्‍ल्‍यूबीडी कैटेगरी के तहत चयनित हो गईं. बता दें कि ये दोनों प्रमाण पत्र अहमदनगर सिविल हॉस्‍पीटल से बनवाए गए थे. ये दोनों सर्टिफिकेट दो अलग अलग कमेटियों की तरफ से जारी किए है एक सर्टिफिकेट जहां वर्ष 2018 में जारी किया गया है वहीं दूसरा 2021 का बताया जा रहा है.

पूजा ने और क्‍या क्‍या किया?
पूजा खेडकर पर आरोप है कि अपनी विकलांगता को साबित करने के लिए होने वाले मेडिकल टेस्‍ट से वह दूर भागती रहीं उन्‍हें कुल 6 बार अलग अलग सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बुलाया जाता रहा लेकिन वह कभी कोविड का बहाना करके नहीं गईं तो कभी किसी अन्‍य बहाने से. बाद में उन्‍होंने एक बाहरी मेडिकल सेंटर से एमआरआई रिपोर्ट सबमिट की जिसे यूपीएससी की ओर से कैट में चुनौती दी गई लेकिन आठ महीने बाद उसे स्‍वीकार कर लिया गया. इसके अलावा पूजा खेडकर पर यह भी आरोप है कि उन्‍होंने खुद को नॉन क्रीमी लेयर ओबीसी बताने के लिए भी गलत सर्टिफिकेट प्रस्‍तुत किए.

क्यों विवादों में हैं ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर
बता दें की ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर कई विवादों में घिरती जा रही हैं. आईएएस पूजा खेडकर सुर्खियों में तब आईं, जब उन्होंने पुणे में अपनी तैनाती के दौरान कथित तौर पर अलग ‘केबिन’ और ‘स्टाफ’ की मांग की थी. उनकी मांगों की फेहरिस्त से स्टाफ परेशान हो चुके थे. उन्होंने जिला अधिकारी से इसकी शिकायत कर दी थी. तब ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर पर शिकंजा कसना शुरू हुआ. हालांकि, बाद में आईएएस पूजा का अचानक वाशिम जिले में ट्रांसफर कर दिया गया.

पूजा की एक और पोल खुली?
पूजा की विकलांगता वाले दावे पर भी अब सवाल उठ रहे हैं. खुद मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर ने कहा है कि पूजा खेडकर ने 2007 में मेडिकल कॉलेज में नामांकन कराने के दौरान ‘फिटनेस’ प्रमाणपत्र जमा किया था. पुणे के काशीबाई नवले मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ अरविंद भोरे ने कहा, ‘हमारे कॉलेज में 2007 में दाखिला लेने के दौरान पूजा खेडकर द्वारा सौंपे गये मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र में शारीरिक या मानसिक, किसी तरह की दिव्यांगता का उल्लेख नहीं किया गया था.’34 साल की पूजा खेडकर सिविल सेवा परीक्षा में चुने जाने के लिए कपटपूर्ण तरीके का इस्तेमाल करने के आरोपों का सामना कर रही हैं. उन्होंने खुद को कथित तौर पर शारीरिक रूप से दिव्यांग और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय का बताया था.

पूजा की मां को खोज रही पुलिस
अधिकारी के मुताबिक, सिविल सेवा परीक्षा में पूजा खेडकर की उम्मीदवारी सुनिश्चित करने और फिर चयन के लिए उनके द्वारा प्रस्तुत किये गये सभी दस्तावेजों की केंद्र द्वारा गठित एक सदस्यीय समिति द्वारा पुनः जांच की जाएगी. फिलहाल, पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर फरार हैं. पुणे पुलिस ने लाइसेंसी बंदूक के कथित दुरुपयोग को लेकर पूजा खेडकर की मां मनोरमा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. हाल में वायरल हुए एक वीडियो क्लिप में मनोरमा को एक भूखंड को लेकर विवाद के दौरान एक किसान पर पिस्तौल तानते देखा गया. यह वीडियो कथित तौर पर 2023 का है. पुणे ग्रामीण पुलिस की टीमें आईएएस अधिकारी पूजा खेडेकर की मां मनोरमा खेडकर और पिता दिलीप खेडकर की तलाश में जुटी है. पुलिस की टीम पाथर्डी, अहमदनगर और मुंबई में पहुंची हैं.

Wednesday, July 10, 2024

शराब घोटाले: गोवा का लग्‍जरी होटल, 100 करोड़ रुपये और पासवर्ड... अर‍व‍िंंद केजरीवाल पर ED ने लगाए कैसे-कैसे आरोप

 नई द‍िल्‍ली. शराब घोटाले में ईडी ने बुधवार को सप्‍लीमेंट्री चार्जशीट पेश की. इसमें द‍िल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. ED के मुताबिक, गोवा चुनाव के दौरान केजरीवाल गोवा के एक लग्‍जरी होटल में रुके थे. घोटाले से म‍िले 100 करोड़ रुपये में कुछ पैसों का यहां उन्‍होंने इस्‍तेमाल क‍िया. कस्‍टम पॉल‍िसी तय करने के ल‍िए मंत्रियों का समूह बनाना सिर्फ एक दिखावा था. केजरीवाल ही सारे फैसले ले रहे थे. यहां तक क‍ि उन्‍होंने पासवर्ड भी क‍िसी से शेयर नहीं करने को कहा था. कोर्ट ने उनके ख‍िलाफ 12 जुलाई के ल‍िए प्रोडक्‍शन वारंट भी जारी कर दिया है.



209 पन्नों की चार्जशीट में ईडी ने कहा, अरव‍िंंद केजरीवाल ही पूरे घोटाले के मास्‍टरमाइंड हैं. द‍िल्‍ली सरकार के मंत्र‍ियों, आम आदमी पार्टी के नेताओं और कुछ अन्‍य लोगों के साथ मिलकर उन्‍होंने इस घोटाले को आंजाम द‍िया. ईडी ने दावा क‍िया क‍ि केजरीवाल गोवा के ग्रैंड हयात होटल में रुके थे. वहां चनप्रीत नाम के एक शख्‍स से मुलाकात हुई. वहीं पर घोटाले से मिले पैसे का इस्‍तेमाल क‍िया. इतना ही नहीं, स्‍कैम से मिले इस पैसे को द‍िल्‍ली सरकार के खजाने में भी मिलाया. दक्ष‍िण के कुछ नेताओं और शराब कारोबार‍ियों ने 2021-22 की द‍िल्‍ली शराब नीत‍ि को अपने ह‍िसाब से बनवाने के ल‍िए ये 100 करोड़ की रिश्वत दी थी. इस फंड में 45 करोड़ रुपये आम आदमी पार्टी को भेज द‍िए गए, जिसे 2022 में गोवा विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान खर्च क‍िया गया. आम आदमी पार्टी ने इस पैसे को अपने बही खाते में भी नहीं दिखाया. इतना ही नहीं, चुनाव आयोग को भी नहीं बताया.

पूरे 100 करोड़ पर केजरीवाल के हाथ में आए
ईडी ने दावा क‍िया क‍ि शराब कारोबार‍ियों से म‍िले पूरे 100 करोड़ पर केजरीवाल के हाथ में आए. इस तरह से शराब के उत्‍पादन, उसे बेचने को लेकर गलत नीत‍ियां बनाई गईं. पीएमएलए एक्‍ट की धारा 4 के तहत वे मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में दोषी हैं. साथ ही, आम आदमी पार्टी के मुख‍िया के तौर पर पीएमएलए की धारा 70 के तहत वे जिम्‍मेदार हैं. ईडी ने बताया क‍ि 21 मार्च को ग‍िरफ्तारी के बाद से अब तक 11 बार उनका बयान दर्ज क‍िया गया. पूछताछ के दौरान उन्‍होंने गोलमोल जवाब द‍िया और जानकारी छिपाई. जांच एजेंसी ने कहा क‍ि उसने केजरीवाल के कई इलेक्‍ट्रॉनिक उपकरणों को जब्‍त क‍िया है, लेकिन वे इन गैजेट्स को नहीं खोल रहे हैं. पूछताछ के दौरान उनके इनकार करने का वीडियो भी हमारे पास है.

कभी पासवर्ड शेयर नहीं क‍िया
ईडी ने कहा, केजरीवाल से हमने जब भी गैजेट खोलने के ल‍िए कहा, वे बार-बार यही कहते हैं क‍ि उनके वकीलों ने सलाह दी है क‍ि गैजेट्स के पासवर्ड कभी शेयर न करें. केजरीवाल आम आदमी पार्टी के मुख‍िया हैं. हर तरह के नीत‍ि निर्माण, पैसे कैसे ल‍िए जाएं और उसे कहां खर्च क‍िया जाए, इसपर केजरीवाल का नियंत्रण था. गोवा चुनाव में कहां से और क‍ितने पैसे खर्च क‍िए जाएं, ये भी उन्‍होंने ही तय क‍िया. मामले में एक अन्‍य आरोपी विनोद चौहान द‍िल्‍ली जल बोर्ड में अध‍िकार‍ियों की पोस्‍ट‍िंंग का मैनेजमेंट कर रहा था. उसी ने 45 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत में से 25.5 करोड़ रुपये दिल्ली से गोवा भ‍िजवाने का इंतजाम क‍िया.

मंत्री ने खुद कहा-उनसे राय नहीं ली गई
ईडी ने कहा कि दिल्ली सरकार ने जो ग्रुप ऑफ मिनिस्‍टर्स बनाया, उनसे कभी सलाह ही नहीं ली गई. दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने अपने बयान में साफ कहा है क‍ि ‘वह केवल नीतिगत बदलावों से सहमत थे क्योंकि मनीष सिसोदिया एक वरिष्ठ नेता थे. सिसोद‍िया ने कहा था क‍ि इससे लाभ मार्जिन में वृद्धि होगी. 5 प्रतिशत से 12 प्रतिशत करने का प्रस्‍ताव अच्‍छा था, इसल‍िए मैंने भी इस प्रस्‍ताव पर हामी भर दी थी.’ आप के कुछ नेताओं को व्‍यक्‍त‍िगत फायदा पहुंचाने के ल‍िए यह शराब नीत‍ि लाई गई थी. आरोपी विजय नायर केजरीवाल का करीबी सहयोगी था. उसने ही बदलाव करवाए और रिश्वत लेने देने के ल‍िए बिचौलिए के रूप में काम क‍िया. केजरीवाल ने खुद साउथ ग्रुप के लोगों से र‍िश्वत मांगी. जब कुछ एल1 थोक विक्रेताओं ने दिल्ली में आप को रिश्वत देने से इनकार कर दिया, तो राज्‍य के अध‍िकार‍ियों के माध्‍यम से पंजाब में उनके कारोबार को निशाना बनाया गया.

Tuesday, July 9, 2024

Terrorist Attack: उत्तराखंड पहुंचे पांचों बलिदानियों के पार्थिव शरीर, सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि



जम्मू-कश्मीर के कठुआ में हुए आतंकी हमले में उत्तराखंड के पांच जवानों ने अपना बलिदान दे दिया। जवानों के बलिदान से देवभूमि में शोक की लहर है। शाम को बलिदानियों के पार्थिव शरीर देहरादून पहुंचाए गए। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर बलिदानियों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

वहीं, सीएम पुष्कर सिंह धामी और सेना के अधिकारियों ने बलिदानियों के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद जवानों के पार्थिव शरीर उनके घर भेजे जाएंगे।पूर्व सीएम व सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, विधायक बृज भूषण गैरोला, डीएम, एसएसपी ने भी जवानों को श्रद्धांजलि दी।



बता दें कि आतंकी हमले में कीर्तिनगर ब्लॉक के थाती डागर निवासी राइफलमैन आदर्श नेगी, रुद्रप्रयाग निवासी नायब सूबेदार आनंद सिंह, लैंसडौन निवासी हवलदार कमल सिंह, टिहरी गढ़वाल निवासी नायक विनोद सिंह, रिखणीखाल निवासी राइफलमैन अनुज नेगी बलिदान दिया।


सीएम धामी ने कहा कि यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए अत्यंत पीड़ा का क्षण है क्योंकि हमने भाई और बेटा भी खोया है। हमारे रणबाँकुरों ने उत्तराखंड की समृद्ध सैन्य परंपरा का पालन करते हुए मां भारती के चरणों में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।



इस कायरतापूर्ण हमले के दोषी, मानवता के दुश्मन आतंकवादी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे और इनको पनाह देने वाले लोगों को भी इसके परिणाम भुगतने होंगे।



सैन्यभूमि उत्तराखंड वीर सैनिकों को जन्म देने वाली भूमि है। यहां के जवानों ने सदैव माँ भारती की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देकर अपने राष्ट्रधर्म का निर्वहन किया है।

Monday, July 8, 2024

Kathua Terror Attack: पहाड़ी क्षेत्र में सैन्य वाहन पर आतंकी हमला, 4 जवान बलिदान और छह घायल, मुठभेड़ जारी


जम्मू संभाग के जिला कठुआ के पहाड़ी इलाके में सैन्य वाहन पर आतंकियों ने हमला किया गया है। जवानों ने मौका संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की है। दोनों ओर से गोलीबारी हो रही है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस हमले में चार जवान बलिदान हो गए और छह जवान घायल बताए जा रहे हैं। अभी मुठभेड़ जारी है।

जिला कठुआ के कंडी क्षेत्र लोहाई मल्हार में जैंडा नाला के पास आतंकियों ने सैन्य वाहन को निशाना बनाया। वहीं, सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षाबलों की अन्य टीमें भी मुठभेड़ स्थल के लिए पहुंचीं। इलाके की घेराबंदी कर ली गई है। आसपास के संपर्क मार्गों को भी अलर्ट कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर का यह इलाका भारतीय सेना की 9वीं कोर के अंतर्गत आता है। रक्षा अधिकारियों ने कहा, 'आतंकवादियों की गोलीबारी के बाद हमारे जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। अधिक जानकारी का इंतजार है।'

इस बीच कुलगाम में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में छह आतंकवादियों के मारे जाने के बाद 1एसईसी आरआर के कमांडर ब्रिगेडियर पृथ्वीराज चौहान ने सोमवार को कहा कि दक्षिण कश्मीर में आतंकवादियों का मारा जाना हिजबुल-मुजाहिदीन के लिए एक बड़ा झटका है।

इससे पहले रविवार कश्मीर घाटी के कुलगाम में सुरक्षाबलों ने छह आतंकियों को मार गिराया था। जिला कुलगाम में दो अलग-अलग जगह चली मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के ये सफलता मिली। आतंकियों के पास हथियार भी बरामद किए गए। डीजीपी ने कहा कि कुलगाम में सफल ऑपरेशन और जनसहयोग से ऐसा लगता है कि हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को जल्द ही इसके तार्किक निष्कर्ष पर ले जाने में सक्षम होंगे।


हाल के दिनों में कश्मीर में लगातार मुंह की खाने के बाद आतंकियों ने जम्मू संभाग के जिलों में हमलों के अंजाम देने की कोशिशें की हैं। बीते दिनों जिला कठुआ के हीरानगर के गांव सैडा सोहल में आतंकियों ने एक घर को निशाना बनाया था। इस दौरान एक नागरिक घायल हुआ और सीआरपीएफ जवान बलिदान हुआ। हालांकि सुरक्षाबलों ने यहां दो आतंकी मार गिराए थे। ये दोनों आतंकी पाकिस्तानी पाए गए थे। दहशतगर्दों के कब्जे से पाकिस्तानी समान और हथियार बरामद हुए थे।

वहीं, रियासी में एक महीना पहले नौ जून को आतंकियों ने एक बस को निशाना बनाया था। इसमें 9 लोगों की मौत हुई थी और करीब पचास लोग घायल हुए थे। यहां आतंकी हमले को अंजाम देकर भाग निकले थे। बस में यूपी, दिल्ली और राजस्थान के श्रद्धालु सवार थे, जो शिवखोड़ी धाम में दर्शन कर कटड़ा की ओर जा रहे थे।

अमरनाथ यात्रा से तीन दिन पहले सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन लागोर के तहत छह घंटे से अधिक समय तक चली मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के तीन पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया। दहशतगर्दों के पास से दो अमेरिकी एम4 कार्बाइन और एक एके-सीरीज असॉल्ट राइफल सहित भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किया गया।

Thursday, July 4, 2024

Team India: पीएम मोदी के साथ विश्व विजेता भारतीय टीम

 


भारतीय टीम की मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हो चुकी है। टीम इंडिया ने पीएम आवास पर प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। इस दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री के साथ नाश्ता किया और बातचीत भी की। इसका वीडियो भी सामने आया है। भारतीय खिलाड़ियों और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बातचीत के दौरान खूब हंसी मजाक हुआ और ठहाके भी लगे।

प्रधानमंत्री ने चैंपियन खिलाड़ियों और ट्रॉफी के साथ तस्वीर भी खिंचवाई। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी एक बस में बैठकर दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। यहां से भारतीय खिलाड़ी मुंबई जाएंगे। मुंबई में आज मरीन ड्राइव से वानखेड़े स्टेडियम के बीच भारतीय खिलाड़ी विजय परेड में भी हिस्सा लेंगे। 



वीडियो की शुरुआत रोहित शर्मा की ट्रॉफी के साथ एंट्री के साथ होती है। इसके बाद बाकी खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ भी अंदर पहुंचते हैं। इनमें राहुल द्रविड़, विराट कोहली, ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।

इसके बाद प्रधानमंत्री की एंट्री होती है। टी20 विश्व कप ट्रॉफी को एक कैबिनेट पर रखा हुआ दिखाया जाता है। इसके बाद पूरी टीम प्रधानमंत्री मोदी के साथ तस्वीर खिंचवाती है। रोहित और द्रविड़ प्रधानमंत्री को ट्रॉफी सौंपते हैं। पीछे जय शाह और बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी नजर आते हैं। 



इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों को एक मीटिंग हॉल में बिठाया जाता है। प्रधानमंत्री खुद बीच में बैठे दिखाई पड़ते हैं और खिलाड़ियों से बातचीत करते हैं। इस दौरान खिलाड़ी और प्रधानमंत्री मोदी हंसी ठहाके नजर आते हैं।

Tuesday, July 2, 2024

Hathras News: भोले बाबा के सत्संग में भगदड़, 130 हुई मरने वालों की संख्या, सीएम योगी ने लिया संज्ञान



उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ कस्बे के फुलरई गांव में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां भोले बाबा का सत्संग चल रहा था। बताया गया है कि सत्संग समाप्त होने के बाद यहां से जैसे भी भीड़ निकलना शुरू हुई तो भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में महिलाएं और बच्चे बुरी तरह कुचलते चले गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में कई लोगों की मौत होने की आशंका है। घायलों को मेडिकल कॉलेज एटा भेजा गया है, अब तक 27 लोगों की मौत की खबर है। जिनके शव एटा मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जबकि कुल मृतकों की संख्या 130 बताई जा रही है। जिनके शव अलीगढ़ भेजे गए हैं। वहीं सीएम योगी ने भी हादसे का संज्ञान लिया है।

एटा के एसएसपी राजेश कुमार सिंह के मुताबिक जिस वक्त भगदड़ हुई उस समय हाथरस जिले के सिकंदराराऊ कस्बे में धार्मिक आयोजन चल रहा था। एटा अस्पताल में अब तक 27 शव आ चुके हैं, जिनमें 23 महिलाएं, तीन बच्चे और एक पुरुष शामिल हैं। अभी घायल अस्पताल नहीं पहुंचे हैं। आगे की जांच की जा रही है। इन 27 शवों की पहचान की जा रही है।

हादसे की चश्मदीद ने बयां किया भयावह मंजर
हादसे को अपनी आंखों से देखने वाली युवती ने बताया कि सत्संग में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी हुई थी। सत्संग समाप्त हुआ उसके बाद लोग वहां से जाने लगे। इसी दौरान निकलने की जल्दी में भगदड़ मच गई। लोग एक दूसरे को देख ही नहीं रहे थे। महिलाएं और बच्चे गिरते चले गए। भीड़ उनके ऊपर से दौड़ रही थी। कोई बचाने वाला नहीं था। चारों ओर चीख-पुकार मची हुई थी।

एटा मेडिकल कॉलेज लाए गए घायल
हाथरस में भोले बाबा के सत्संग के दौरान भगदड़ के दौरान कई लोग घायल हुए हैं। सभी को उपचार के लिए एटा मेडिकल कॉलेज लाया गया है। एटा मुख्य चिकित्सा अधिकारी उमेश त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी नगर विक्रांत द्विवेदी, कोतवाली नगर अरुण पवार सहित तमाम पुलिस प्रशासन के अधिकारी मेडिकल कॉलेज में मौजूद हैं।

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