Monday, July 15, 2024

IAS Puja Khedkar: पूजा खेडकर को लेकर एक और बड़ा खुलासा, IAS बनने के लिए खेला कौन-कौन सा खेल?

IAS Puja Khedkar: कई मीडिया रिपोर्टस में यह तक दावा किया गया है कि पूजा खेडकर ने यूपीएससी की ओर से बताए गए एम्‍स में जांच न कराकर प्राइवेट अस्‍पताल की गलत रिपोर्ट लगाई थी. इसी तरह पूजा पर आईएएस बनने के लिए कई अन्‍य तरह के दस्‍तावेजों में भी हेरफेर करने के आरोप हैं. पूजा पर यह भी आरोप है कि उन्‍होंने फर्जी विकलांगता सर्टिफिकेट भी लगाए हैं.



पूजा के बारे में अब नया खुलासा
पूजा खेडकर के मामले में एक नए खुलासे ने एक बार फिर सबका ध्‍यान खींच लिया है. बता दें कि पूजा खेडकर के दो मेडिकल प्रमाण पत्रों को लेकर पहले ही विवाद था. इसी बीच अब यह खुलासा हुआ है कि उन्होंने पुणे के एक अस्पताल से तीसरा मेडिकल प्रमाण पत्र प्राप्त करने का प्रयास किया था, हालांकि, अस्पताल ने इस तरह का कोई प्रमाण पत्र देने से इंकार कर दिया था. टाइम ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि पूजा ने यह प्रमाण पत्र पाने के लिए काफी दबाव बनाया था, लेकिन अस्‍पताल ने नियमों व प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उनकी इस मांग को ठुकरा दिया था. रिपोर्ट के अनुसार पूजा खेडकर की ओर से अगस्‍त 2022 में पुणे के एक निजी अस्‍पताल से विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाने का प्रयास किया था जिस पर अस्‍पताल ने इनकार कर दिया था. सूत्रों की मानें तो इस तीसरे प्रमाण पत्र बनवाने का मकसद पूजा को शारीरिक रूप से विकलांग साबित करना था.

डॉक्‍टर ने कर दिया था इनकार
पूजा खेडकर ने जिस निजी अस्‍पताल में विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था उस अस्‍पताल में डॉक्‍टरों की टीम ने उनका स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण किया और यह कहा कि उन्‍हें विकलांगता संबंधी कोई प्रमाण पत्र नहीं दिया जा सकता. पूजा की सभी रिपोर्ट की जांच के बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने स्पष्ट रूप से कहा कि पूजा को विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करना संभव नहीं है. इस तरह पूजा का आवेदन अस्वीकार कर दिया गया, जिससे उनकी योजना पर पानी फिर गया.

पूजा ने लगाए थे दो प्रमाण पत्र
पूजा खेडकर ने यूपीएससी में दो मेडिकल प्रमाण पत्र दिए थे, जिसमें से एक में उन्‍होंने खुद को आंखों से कम दिखना बताया था और दूसरे में मानसिक बीमारी की बात कही गई थी. इन दोनों प्रमाण पत्रों के सहारे वह यूपीएससी परीक्षा की पीडब्‍ल्‍यूबीडी कैटेगरी के तहत चयनित हो गईं. बता दें कि ये दोनों प्रमाण पत्र अहमदनगर सिविल हॉस्‍पीटल से बनवाए गए थे. ये दोनों सर्टिफिकेट दो अलग अलग कमेटियों की तरफ से जारी किए है एक सर्टिफिकेट जहां वर्ष 2018 में जारी किया गया है वहीं दूसरा 2021 का बताया जा रहा है.

पूजा ने और क्‍या क्‍या किया?
पूजा खेडकर पर आरोप है कि अपनी विकलांगता को साबित करने के लिए होने वाले मेडिकल टेस्‍ट से वह दूर भागती रहीं उन्‍हें कुल 6 बार अलग अलग सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बुलाया जाता रहा लेकिन वह कभी कोविड का बहाना करके नहीं गईं तो कभी किसी अन्‍य बहाने से. बाद में उन्‍होंने एक बाहरी मेडिकल सेंटर से एमआरआई रिपोर्ट सबमिट की जिसे यूपीएससी की ओर से कैट में चुनौती दी गई लेकिन आठ महीने बाद उसे स्‍वीकार कर लिया गया. इसके अलावा पूजा खेडकर पर यह भी आरोप है कि उन्‍होंने खुद को नॉन क्रीमी लेयर ओबीसी बताने के लिए भी गलत सर्टिफिकेट प्रस्‍तुत किए.

क्यों विवादों में हैं ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर
बता दें की ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर कई विवादों में घिरती जा रही हैं. आईएएस पूजा खेडकर सुर्खियों में तब आईं, जब उन्होंने पुणे में अपनी तैनाती के दौरान कथित तौर पर अलग ‘केबिन’ और ‘स्टाफ’ की मांग की थी. उनकी मांगों की फेहरिस्त से स्टाफ परेशान हो चुके थे. उन्होंने जिला अधिकारी से इसकी शिकायत कर दी थी. तब ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर पर शिकंजा कसना शुरू हुआ. हालांकि, बाद में आईएएस पूजा का अचानक वाशिम जिले में ट्रांसफर कर दिया गया.

पूजा की एक और पोल खुली?
पूजा की विकलांगता वाले दावे पर भी अब सवाल उठ रहे हैं. खुद मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर ने कहा है कि पूजा खेडकर ने 2007 में मेडिकल कॉलेज में नामांकन कराने के दौरान ‘फिटनेस’ प्रमाणपत्र जमा किया था. पुणे के काशीबाई नवले मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ अरविंद भोरे ने कहा, ‘हमारे कॉलेज में 2007 में दाखिला लेने के दौरान पूजा खेडकर द्वारा सौंपे गये मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र में शारीरिक या मानसिक, किसी तरह की दिव्यांगता का उल्लेख नहीं किया गया था.’34 साल की पूजा खेडकर सिविल सेवा परीक्षा में चुने जाने के लिए कपटपूर्ण तरीके का इस्तेमाल करने के आरोपों का सामना कर रही हैं. उन्होंने खुद को कथित तौर पर शारीरिक रूप से दिव्यांग और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय का बताया था.

पूजा की मां को खोज रही पुलिस
अधिकारी के मुताबिक, सिविल सेवा परीक्षा में पूजा खेडकर की उम्मीदवारी सुनिश्चित करने और फिर चयन के लिए उनके द्वारा प्रस्तुत किये गये सभी दस्तावेजों की केंद्र द्वारा गठित एक सदस्यीय समिति द्वारा पुनः जांच की जाएगी. फिलहाल, पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर फरार हैं. पुणे पुलिस ने लाइसेंसी बंदूक के कथित दुरुपयोग को लेकर पूजा खेडकर की मां मनोरमा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. हाल में वायरल हुए एक वीडियो क्लिप में मनोरमा को एक भूखंड को लेकर विवाद के दौरान एक किसान पर पिस्तौल तानते देखा गया. यह वीडियो कथित तौर पर 2023 का है. पुणे ग्रामीण पुलिस की टीमें आईएएस अधिकारी पूजा खेडेकर की मां मनोरमा खेडकर और पिता दिलीप खेडकर की तलाश में जुटी है. पुलिस की टीम पाथर्डी, अहमदनगर और मुंबई में पहुंची हैं.

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