Thursday, September 3, 2026

सचिव विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव ने किया मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति परीक्षा 2026-27 का परिणाम घोषित

 मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत राज्य के 370 परीक्षा केंद्रों पर दिनांक 07 जुलाई 2026 को दो स्तरों—जूनियर स्तर (कक्षा 6) एवं माध्यमिक स्तर (कक्षा 9)—के लिए आयोजित छात्रवृत्ति परीक्षा के परिणाम आज दिनांक 02 सितम्बर 2026 को सचिव, विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड ज्योति यादव आई.ए.एस. द्वारा घोषित किए गए। 


जूनियर स्तर (कक्षा 6) जूनियर स्तर की परीक्षा में कुल 34,634 छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए, जिनमें से 3,468 छात्र-छात्राओं का छात्रवृत्ति हेतु चयन किया गया। बागेश्वर जनपद के विकासखण्ड कपकोट स्थित राजकीय इंटर कॉलेज, रतिघेती के छात्र हार्दिक कोरंगा ने 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर वरीयता सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया। चम्पावत जनपद के चम्पावत विकासखण्ड स्थित राजकीय इंटर कॉलेज, मंच की छात्रा करिश्मा ने 92.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। ऊधमसिंह नगर जनपद के विकासखण्ड सितारगंज स्थित गुरुनानक कन्या इंटर कॉलेज की छात्रा अमृता राणा ने 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।

माध्यमिक स्तर (कक्षा 9) माध्यमिक स्तर की छात्रवृत्ति परीक्षा में कुल 40,679 छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए, जिनमें से 4,072 छात्र-छात्राओं का छात्रवृत्ति हेतु चयन किया गया। ऊधमसिंह नगर जनपद के विकासखण्ड सितारगंज स्थित गुरुनानक कन्या इंटर कॉलेज की छात्रा ज्योति राणा ने 88 प्रतिशत अंक प्राप्त कर वरीयता सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी विद्यालय की दो अन्य छात्राओं वैष्णवी एवं गुंजन ने क्रमशः 87.5 प्रतिशत एवं 87 प्रतिशत अंक प्राप्त कर वरीयता सूची में क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। 

निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखण्ड,  बंदना गर्ब्याल ने बताया कि उक्त परीक्षा में विकासखण्ड स्तर पर सम्मिलित परीक्षार्थियों में से 10 प्रतिशत छात्र-छात्राओं का चयन छात्रवृत्ति हेतु किया गया है। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 6 में ₹600, कक्षा 7 में ₹700, कक्षा 8 में ₹800 तथा कक्षा 9 एवं 10 में ₹900 प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। 

छात्रवृत्ति परीक्षा में मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन प्रासांकों की वरीयता के आधार पर किया गया है। अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्र-छात्राओं को चयन में 5 प्रतिशत अंकों का अधिमान प्रदान किया गया है।

परीक्षा परिणाम एवं चयन सूची- समस्त छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम एवं चयन सूची एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड के छात्रवृत्ति पोर्टल https://scholarshipscert.uk.gov.in/ पर उपलब्ध है। छात्र-छात्राएं अपना परीक्षा परिणाम एवं चयन की स्थिति पोर्टल पर रोल नंबर तथा जन्म तिथि अंकित कर देख सकते हैं।

कौशलम

 राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड, सहयोगी संस्था उद्यम लर्निंग फाउंडेशन तथा McGill University, Canada के संयुक्त सहयोग से संचालित कौशलम कार्यक्रम के अंतर्गत चल रही शोध-अध्ययन के निष्कर्ष एवं आंकड़े आज साझा किए गए। इस अवसर पर निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखण्ड, सहायक निदेशक, SCERT, उपदेशक, SCERT, McGill University, Canada से Dr. Joseph Levitan, उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के डायरेक्टर श्री हरीश मनवानी, कौशलम टीम के सदस्य, विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ कौशलम कोऑर्डिनेटर सुनील दत्त भट्ट द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को कौशलम कार्यक्रम का परिचय देते हुए इसकी आवश्यकता, उद्देश्य तथा उत्तराखण्ड में कार्यक्रम के संचालन एवं विस्तार की जानकारी साझा की।

इसके पश्चात विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने कौशलम कार्यक्रम के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें किस प्रकार नए कौशल सीखने, अपनी सोच विकसित करने, समस्याओं को नए दृष्टिकोण से देखने तथा अपने विचारों को व्यवहार में लाने के अवसर मिले। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा साझा किए गए अनुभवों की उपस्थित सभी सदस्यों ने सराहना की तथा उन्हें इसी प्रकार निरंतर सीखने और नवाचार के लिए प्रेरित किया।

McGill University द्वारा शोध अध्ययन के निष्कर्ष साझा

कार्यक्रम के अगले चरण में McGill University, Canada की ओर से कौशलम कार्यक्रम के अंतर्गत किए जा रहे शोध-अध्ययन के आंकड़े एवं प्रमुख निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए। शोध के निष्कर्षों पर उपस्थित प्रतिभागियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। प्रस्तुत आंकड़ों से यह संकेत मिला कि कौशलम कार्यक्रम जिन उद्देश्यों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया था, उनकी दिशा में कार्यक्रम सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम का लाभ विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी प्राप्त हो रहा है। शोध के माध्यम से कार्यक्रम के प्रभाव और उसके विभिन्न पहलुओं को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है।

साथ ही, शोध निष्कर्षों के आधार पर यह भी चर्चा की गई कि कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के लिए अभी किन क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। इससे भविष्य में कार्यक्रम की गुणवत्ता एवं प्रभाव को और बेहतर बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने में सहायता मिलेगी।

पैनल डिस्कशन में भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा

कार्यक्रम के अंत में पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया, जिसका संचालन हरीश मनवानी द्वारा किया गया। पैनल में Dr. Joseph Levitan, श्री विनोद कुमार मटूड़ा एवं डॉ. कृष्णानंद विजल्वाण ने प्रतिभाग किया।

पैनल चर्चा के दौरान कौशलम कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति, शोध से प्राप्त निष्कर्षों, कार्यक्रम के प्रभाव तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। चर्चा में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि शोध से प्राप्त सीख और सुझावों का उपयोग करते हुए कार्यक्रम को विद्यालय स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों एवं शिक्षकों तक इसका सकारात्मक प्रभाव पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा में नवाचार, उद्यमिता एवं 21वीं सदी के कौशलों को बढ़ावा देने की दिशा में कौशलम कार्यक्रम के प्रयासों को और मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा।

 बंदना गर्ब्याल, निदेशक अकादमिक , ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु यह जानना आवश्यक है कि उसका क्रियान्वयन कितना प्रभावित हो रहा है और मैकगिल यूनिवर्सिटी द्वारा की गई  रिसर्च से हमें यह पता चलता है कि कौशलम् कार्यक्रम के अंतर्गत हम सही दिशा में कार्य कर रहे हैं कार्यक्रम के अंतर्गत हमें बच्चों में उद्यम शील मानसिकताएं एवं 21वीं सदी के कौशल विकसित होते हुए दिखाई दे रहे हैं। और आगे भी हम सभी का यही प्रयास होगा कि इस रिसर्च में आई अनुशंसाओं को शामिल करते हुए हम कौशलम् कार्यक्रम को और बेहतर क्रियान्वित करें जिससे कि बच्चों में हमें इसके और बेहतर सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकेंगे।

पद्मेंद्र सकलानी, अपर निदेशक,राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद देहरादून उत्तराखंड ने कहा कि कौशलम कार्यक्रम के अंतर्गत की गई रिसर्च में बहुत सारे सकारात्मक बिंदु निकल के आए हैं इसके साथ ही साथ कई ऐसे पहलू भी हैं जिन पर हमें और बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है और निश्चित तौर पर भविष्य में हम रिसर्च में की गई अनुसंशाओ को पाठ्यक्रम में एवं शिक्षक प्रशिक्षणों में लागू किया जाएगा। कार्यक्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान से विपिन भट्ट, गिरीश थपलियाल, रितु कुकरेती, एससीईआरटी से डॉ मनोज शुक्ला, गोपाल घुघत्याल, सुशील गैरोला, अखिलेश डोभाल, शुभ्रा सिंघल,शिक्षक शिवानी पेटवाल,रेखा पटवाल एवं अन्य विद्यालयों से शिक्षकों एवं बच्चों ने प्रतिभाग किया, इसके साथ ही उद्यम लर्निंग फाउंडेशन से रोहित गुप्ता अरविंद,दिनेश, ममता, पिया, यामिनी, लक्ष्य, कुणाल, आशिया आदि शामिल रहे।

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